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'एक शॉट ने बदल दी सोच'... NDTV Golf Pro-Am में युवराज सिंह ने बताया कैसे गोल्फ का लगा चस्का

'एक शॉट ने बदल दी सोच'... NDTV Golf Pro-Am में युवराज सिंह ने बताया कैसे गोल्फ का लगा चस्का
युवराज सिंह ने बताया कैसे गोल्फ का लगा चस्का

क्रिकेट के मैदान पर गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने वाले युवराज सिंह ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन गोल्फ उनका पसंदीदा खेल बन जाएगा. जिस गोल्फ कोर्स से गुजरते हुए वह कभी वहां कदम न रखने की कसम खाते थे, आज उसी खेल में छह साल से खुद को बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं. आखिर ऐसा क्या हुआ कि युवराज का इस ‘धीमे' खेल को लेकर नजरिया ही बदल गया? यह सब तब बदला जब कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया थम गई. NDTV-AM Green IGPL गोल्फ़ प्रो-एम के नए सीज़न के लॉन्च इवेंट में, युवराज ने NDTV के एग्जीक्यूटिव एडिटर (स्पोर्ट्स) गौरव गाला के साथ खुलकर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे महामारी ने गोल्फ के प्रति उनके नजरिए को बदल दिया और इस खेल के लिए उनमें जुनून जगाया.

दिलचस्प है युवराज सिंह का गोल्फ प्रेम

युवराज ने कहा, 'मुझे याद है कि जब मैं युवा था और क्रिकेट प्रैक्टिस के लिए यात्रा करता था, तो अक्सर चंडीगढ़ गोल्फ क्लब के पास से गुजरते हुए खुद से कहता था कि मैं वहां कभी कदम नहीं रखूंगा, क्योंकि यह खेल बहुत धीमा लगता था. फिर कोविड आया. एक नया गोल्फ कोर्स खुला और वहां आस-पास शायद ही कोई था, इसलिए मैंने कुछ बॉल हिट करना शुरू किया. एक दिन मैंने बॉल को बहुत अच्छे से हिट किया, और अगले छह दिनों तक मैं ऐसा दोबारा नहीं कर पाया. तभी मुझे इस खेल के बारे में जानने की उत्सुकता हुई.

युवराज ने बताया क्रिकेट और गोल्फ के बीच का अंतर

हालांकि, युवराज ने माना कि गोल्फ में अभी भी उन्हें बहुत कुछ सीखना बाकी है. उन्होंने क्रिकेट और गोल्फ के बीच के बड़े अंतर के बारे में भी बात की और बताया कि दोनों खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए बिल्कुल अलग-अलग तरह की सोच की जरूरत होती है.

सोच और विचार प्रक्रिया के मामले में अलग है गोल्फ

उन्होंने आगे कहा, 'छह साल बाद भी, मैं इसे पूरी तरह समझ नहीं पाया हूं. मेरे लिए गोल्फ यही है. मुझे बस इसकी चुनौती दिलचस्प लगी. क्रिकेट में, आपको बॉल पर तुरंत प्रतिक्रिया देनी होती है. सोचने का समय नहीं होता. गोल्फ में, आपके पास काफी समय होता है और हर शॉट के बारे में बहुत सोच-विचार किया जाता है. हालांकि दोनों ही खेल हाथ और आँखों के तालमेल पर आधारित हैं, लेकिन सोच और विचार प्रक्रिया के मामले में ये बिल्कुल अलग हैं.'

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