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चीनी रोबोट विवाद: AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी, कैंपस खाली करने का आदेश

चीनी रोबोट विवाद: AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी, कैंपस खाली करने का आदेश

Highlights

  1. गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने AI समिट में अपने स्टॉल पर चीनी तकनीक से बने रोबोट डॉग का प्रदर्शन किया था
  2. कार्यक्रम के तीसरे दिन प्रशासन ने यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काट दी और स्टॉल खाली कराया
  3. आयोजन समिति ने विवाद बढ़ने के बाद कार्रवाई का आदेश दिया, हालांकि यूनिवर्सिटी ने मामले पर सफाई दी है
नई दिल्ली: 

AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर चीनी रोबोट डॉग को लेकर उठे सवाल के बाद कार्रवाई की शुरुआत हो गयी है. विवाद सामने आते ही समिट प्रशासन ने आज कार्यक्रम के तीसरे दिन बुधवार को पवेलियन की बिजली काट दी और स्टॉल पर मौजूद प्रतिनिधियों को कैंपस खाली करने का आदेश दे दिया. जानकारी के मुताबिक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने टेक्नोलॉजी प्रदर्शन के लिए अपने स्टॉल पर एक रोबोट डॉग रखा था. लेकिन जैसे ही यह बात सामने आई कि डिवाइस कथित तौर पर चीनी तकनीक पर आधारित है, आयोजन समिति ने इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए कड़े निर्देश जारी कर दिए.

चीनी रोबोडॉग विवाद पर प्रोफेसर ने दी सफाई

AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के चीन में बने रोबोट डॉग के डिस्प्ले पर हुए विवाद पर, यूनिवर्सिटी की कम्युनिकेशन्स प्रोफेसर, नेहा ने कहा, "एक गलत मतलब की वजह से इंटरनेट पर तूफान आ गया है. हो सकता है कि मैं जो कहना चाहती थी, वह ठीक से बता नहीं पाई, या आप ठीक से समझ नहीं पाए कि मैं क्या कहना चाहती थी...गलगोटिया यूनिवर्सिटी एक बहुत ही जिम्मेदार शिक्षण संस्थान है...हमने कभी दावा नहीं किया है कि हमने कुछ विकसित किया है. डेवलपमेंट का मतलब किसी चीज को डिजाइन और मैन्युफैक्चर करना नहीं होता है... " गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा को एक वायरल वीडियो में रोबोडॉग को 'ओरियन' के रूप में पेश करते हुए और AI एक्सपो में इसके बारे में समझाते हुए देखा गया. 

विश्वविद्यालय ने कहा कि उसके संकाय एवं छात्र, उनके खिलाफ चलाए गए दुष्प्रचार अभियान से ‘‘बेहद आहत'' हैं। विश्वविद्यालय का मकसद छात्रों को सिखाना और नवाचार पर ध्यान देना है. यह छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और भविष्य के लिए तैयार होने में मदद करने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों तक पहुंच प्रदान करता है. इसमें कहा गया, ‘‘ नकारात्मकता फैलाने से उन छात्रों का मनोबल गिर सकता है जो वैश्विक प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके नवाचार करने, सीखने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं.'' विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि इस अभ्यास का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर उपलब्ध मंचों और उपकरणों का उपयोग करके व्यावहारिक एआई प्रोग्रामिंग कौशल प्रदान करना था.

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