
नई दिल्ली. ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के भारत में प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने NdTV World Summit के इंटरव्यू में भारत और भारतीय सभ्यता को लेकर आयतुल्लाह खामेनेई की सोच का विस्तार से उल्लेख किया. डॉ. इलाही के मुताबिक, जब उन्हें भारत भेजा गया था, तब आयतुल्लाह खामेनेई ने विशेष रूप से भारत को समझने, उसके इतिहास का अध्ययन करने और भारतीय समाज के करीब जाने की सलाह दी थी. डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बताया कि आयतुल्लाह खामेनेई ने उनसे कहा था, "आप न्याय, ज्ञान और करुणा की धरती की ओर जा रहे हैं. भारतीय लोग दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान हैं. भारत और उसके इतिहास का गहराई से अध्ययन कीजिए." डॉ. इलाही के अनुसार, खामेनेई ने यह भी कहा था कि उन्होंने अपनी व्यस्तताओं के बावजूद भारत के इतिहास और सभ्यता पर 20 से अधिक पुस्तकों का अध्ययन किया है. उनका मानना था कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान की विरासत है.
डॉ. इलाही ने कहा कि खामेनेई ने उन्हें भारत को नजदीक से समझने की सलाह देते हुए कहा था कि भारतीय इतिहास, संस्कृति और समाज में ऐसी अनेक बातें हैं जिनसे दुनिया सीख सकती है. उनके मुताबिक, भारत विविधताओं के बावजूद सामाजिक सह-अस्तित्व का एक अनूठा उदाहरण है.
यह भी पढ़ें | ईरान में मेरी इज्जत ज्यादा हो गई, क्योंकि मैं भारत में रहता हूं : एक ईरानी ने बताई भारत की अहमियत
डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारत आने के बाद उन्हें भारतीयों की आत्मीयता, मेहमाननवाजी और इंसानी रिश्तों की गर्माहट ने प्रभावित किया. उन्होंने कहा कि यहां के लोगों में अपनापन, सम्मान और वफादारी की भावना मजबूत है. उनके अनुसार, भारत में रहते हुए उन्होंने पाया कि यहां विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोग साथ रहते हैं और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने भारतीय समाज को "ज्ञान और मानवीय मूल्यों से समृद्ध समाज" बताया. वहीं, उन्होंने बताया कि किस तरह ईरान में भी लोग उन्हें इसलिए और भी पसंद और इज्जत करते हैं क्योंकि वो भारत में रहते हैं.
भारतीय जनता की दिल खोलकर की तारीफ
डॉ. इलाही ने कहा कि भारतीय लोग बेहद विनम्र, समझदार और संवेदनशील हैं. उनके अनुभव में भारतीय समाज के भीतर परिवार, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति गहरा सम्मान देखने को मिलता है. उन्होंने कहा कि भारत में रहते हुए उन्हें हमेशा स्नेह और सम्मान मिला और इस वजह से भारत उनके दिल के बेहद करीब है. उन्होंने भारतीय सभ्यता को दुनिया की सबसे प्राचीन और प्रभावशाली सभ्यताओं में से एक बताया.
भारत को लेकर खामेनेई की विशेष रुचि
डॉ. इलाही के मुताबिक, आयतुल्लाह खामेनेई भारत के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन, सांस्कृतिक विरासत और बौद्धिक परंपरा में गहरी रुचि रखते हैं. यही कारण था कि उन्होंने अपने प्रतिनिधि को भारत जाने से पहले उसके इतिहास और समाज को विस्तार से समझने की सलाह दी.
यह भी पढ़ें | 44वें फ्लोर पर शीशे क्लीन कर रहा था झारखंड का मजदूर, अपनी सैलरी का दिया हिसाब, बताया- उसे डर क्यों नहीं लगता
उड़ने वाली Uber कैब भारत में कब आएगी? NDTV World Summit में Dominic Taylor ने दिया जवाब
Written by: सुधांशु शुभमपहली नौकरी मिलने से पहले ही बॉस बन जाएगा भारतीय युवा! AI होगी वजह, माइक वॉल्श ने की बड़ी भविष्यवाणी
Written by: सुधांशु शुभमचैटबॉट नहीं, ये AI हैं इंसानों के लिए खतरा, साफ हो सकती है 33 प्रतिशत आबादी, गूगल के पूर्व रिसर्चर की चेतावनी
Written by: सुधांशु शुभम