हर साल हजारों भारतीय छात्र अपने सपनों और हायर एजुकेशन के लिए विदेश जाते हैं. इस वर्ष को छोड़कर आने वाले भारतीयों के लिए क्वारंटीन नियमों के कारण कई युवा छात्रों के लिए पहले से ही महंगी प्रक्रिया को पहुंच से बाहर कर दिया गया है. दिल्ली के कन्हैया नगर की रहने वाली 27 वर्षीय मेघा शर्मा उन हजारों भारतीय छात्रों में से एक हैं, जो हायर एजुकेशन के लिए विदेश जा रही हैं, लेकिन कोविड महामारी ने ना केवल उन्हें चिंतित कर दिया है, बल्कि यूके में अनिवार्य क्वारंटीन नियमों ने उनकी सेविंग्स को भी नुकसान पहुंचाया है. यहां बताया जाएगा कि कैसे ‘अनलॉक एजुकेशन कैंपेन’ ने मेघा की मदद की.
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