एनडीटीवी यूथ फॉर चेंज कार्यक्रम में शामिल हुईं कंगना रनोट ने बताया कि हिमाचल के एक छोटे शहर में उनका बचपन गुजरा. वहां के लोगों की मेंटालिटी भी काफी छोटी थी, जिसकी वजह से उन्हें घुटन महसूस होती थी. कंगना के मुताबिक, मैं राजपूत घराने से हूं, जहां हमेशा घूंघट में ही हर काम करना होता है. मेरे दादाजी बहुत पुरानी मानसिकता के थे. मेरा दादा आईएस अधिकारी थे, दादा से पहले खाना खा लो वह डांटते थे.
© Copyright NDTV Convergence Limited 2025. All rights reserved.