उत्तर प्रदेश में हाल ही में भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया रहा. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी विधायकों को सख्त नसीहत दी कि जातीय आधार पर ऐसी बैठकें आयोजित न की जाएं, पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में यकीन रखती है. इससे पहले बीजेपी के क्षत्रिय विधायकों की बैठक भी हो चुकी है. लेकिन क्या आपको पता है कि उत्तर प्रदेश में आखिरी ब्राह्मण मुख्यमंत्री कौन था और किस पार्टी से था.उत्तर प्रदेश के आखिरी ब्राह्मण मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी (एनडी तिवारी) थे. उत्तर प्रदेश में बतौर मुख्यमंत्री उनका आखिरी कार्यकाल 25 जून 1988 से 5 दिसंबर 1989 तक रहा. ये समय उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड के विभाजन के 10 साल पहले का है.
फिर यूपी में मंडल कमंडल की राजनीति ऐसी घूमी कि मायावती, कल्याण सिंह, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव पिछड़े वर्ग या दलित समाज से मुख्यमंत्री बने. यूपी में पहली बार बीजेपी की पूर्ण बहुत से भाजपा सरकार आई तो 2017 में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने, जो क्षत्रिय समाज से आते हैं.
पंडित गोविंद वल्लभ पंत: 1950– 1954 : कांग्रेस
सुचेता कृपलानी : 1963–1967 : कांग्रेस
कमलापति त्रिपाठी : 1971–1973: कांग्रेस
हेमवती नंदन बहुगुणा :1973–1975: कांग्रेस
श्रीपति मिश्र: 1982-1984 : कांग्रेस
नारायण दत्त तिवारी: 1988–1989: कांग्रेस
पंडित गोविंद वल्लभ पंत या जीबी पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा में हुआ था. देश की आजादी के आंदोलन में हिस्सा लेने के बाद वो उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने. पेशे से वकील पंत ने असहयोग आंदोलन में हिस्सा लेने के साथ काकोरी कांड में क्रांतिकारियों को छुड़ाने के लिए भी जान से लगे रहे. आजादी के पहले 17 जुलाई 1937 से 2 नवंबर तक वो ब्रिटिश भारत में संयुक्त प्रांत (आज का उत्तर प्रदेश) के पहले मुख्यमंत्री रहे. फिर 1946 से 1947 तक ये पद संभाला. सरदार पटेल के निधन के बाद वो 1955 से 1961 तक देश के गृह मंत्री रहे.
यूपी की पहली महिला मुख्यमंत्री
सुचेता कृपलानी हरियाणा के अंबाला जिले में बंगाली ब्राह्मण परिवार में हुआ था. उनका नाम सुचेता मजूमदार था और उम्र में 20 साल बड़े आचार्य जेबी कृपलानी (सिंधी) से विवाह के बाद उनका नाम सुचेता कृपलानी पड़ा. दोनों ही पति-पत्नी ने आजादी के लिए संघर्ष किया.सुचेता ने 1940 में महिला कांग्रेस की स्थापना की. 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के चलते एक साल जेल काटी और 1946 में संविधानसभा सदस्य बनीं. फिर 1949 में यूएन महासभा में प्रतिनिधि रहीं. आजादी के बाद जब नेहरू से मतभेदों के कारण आचार्य कृपलानी ने किसान मजदूर प्रजा पार्टी बनाई तो वो दिल्ली से चुनाव जीतीं.लेकिन कांग्रेस में लौटीं और 1962 में यूपी में कानपुर से विधानसभा चुनाव लड़ा . वो पहले पंत सरकार में मंत्री और फिर 1963 से 1967 तक यूपी की सीएम बनीं. वो उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं.
कमलापति त्रिपाठी का जन्म 3 सितंबर 1905 को देवरिया जिले में पिंडी के त्रिपाठी परिवार में हुआ था. कमलापति काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि एवं डीलिट किया था. लेखक, पत्रकार के साथ वो स्वतंत्रता सेनानी भी थे.असहयोग आंदोलन और फिर सविनय अवज्ञा आंदोलन में वो जेल गए.कमलापति 4 अप्रैल 1971 से 12 जून 1973 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे. वो कई सालों तक यूपी के सीएम रहे.
हेमवती नंदन बहुगुणा का जन्म पौड़ी गढ़वाल में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था. फिर वो परिवार समेत इलाहाबाद मे आकर बसे. कांग्रेस से मतभेदों के चलते वो चौधरी चरण सिंह के साथ भारतीय लोक दल में शामिल हो गए. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बहुगुणा जेल में रहे. 1971 में केंद्रीय मंत्री बनने के बाद 1973 में वो यूपी के मुख्यमंत्री बने. लेकिन इंदिरा गांधी के निर्देश पर उन्हें 1975 में त्यागपत्र देना पड़ा. उनके बेटे विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, बेटी रीता बहुगुणा जोशी प्रयागराज से सांसद रही हैं.
श्रीपति मिश्रा का जन्म 1924 में सुल्तानपुर में हुआ था. राजकीय वैद्य के बेटे श्रीपति मिश्र ने वाराणसी और लखनऊ यूनिवर्सिटी से एमए और एलएलबी किया. फिर 1962 से कांग्रेस और अन्य दलों से आठ बार विधायक चुने गए. उन्हें कांग्रेस ने 19 जुलाई 1982 से 2 अगस्त 1984 तक उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया.
नारायण दत्त तिवारी का जन्म 18 अक्टूबर 1925 को हुआ था. एनडी तिवारी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे. एनडी तिवारी ने उत्तर प्रदेश में (1976-77, 1984-85 और फिर 1988-89) की कमान संभाली. फिर 2002 से 2007 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने. राजीव गांधी सरकार में वो 1986 से 1988 के बीच विदेश मंत्री और वित्त मंत्री रहे. तिवारी 2007 से 2009 तक आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी रहे.
World Hindi Diwas 2026 Wishes, Quotes: हिंदुस्तानी हैं हम और हिंदी हमारी जुबान है...इन संदेशों के साथ दें विश्व हिंदी दिवस की शुभकामनाएं
Written by: श्रेया त्यागीRepublic Day 2026: छत्तीसगढ़ की लखपति दीदी ने भरी दिल्ली की उड़ान; गणतंत्र दिवस पर होगा लता साहू सम्मान
Written by: अजय कुमार पटेलVeer Bal Diwas 2025: छावा की तरह दहाड़ते थे गुरु गोविंद सिंह के बेटे, जानें किसके साथ लड़ते हुए मिली थी शहादत
Edited by: रितु शर्मा© Copyright NDTV Convergence Limited 2026. All rights reserved.