उत्तर प्रदेश अब सिर्फ संभावनाओं का प्रदेश नहीं, बल्कि उन्हें हकीकत में बदलने वाला पावरहाउस बन गया है. राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड (Ashok Leyland) के नए इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शानदार उद्घाटन किया. यह प्लांट न केवल यूपी के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि पर्यावरण को सेफ रखने की दिशा में भी एक बड़ी मदद करेगा.
उद्घाटन के दौरान सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में अराजकता और पहचान का संकट था, लेकिन आज यूपी फियरलेस बिजनेस के लिए जाना जाता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यूपी अब बीमारू राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है और यहां निवेश करना अब दुनिया भर के दिग्गजों की पहली पसंद है.
सीएम योगी ने कहा कि, "आज उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में निवेश हो रहा है. देश के 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे यूपी में हैं. देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों और मेट्रो सिस्टम वाले सबसे ज्यादा शहर यूपी में हैं. देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क यूपी में है. देश में बन रहे दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यूपी से होकर गुजर रहे हैं. यूपी में इन कॉरिडोर के किनारे लॉजिस्टिक्स टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट हब विकसित करने का काम भी चल रहा है. इसके अलावा देश की पहली रैपिड रेल और जलमार्ग सेवाएं भी यूपी में शुरू हो गई हैं."
सीएम योगी ने कहा कि, "उत्तर प्रदेश भारत की जीडीपी में 9.5 प्रतिशत का योगदान दे रहा है. इस वित्तीय वर्ष के अंत तक उत्तर प्रदेश का GSDP ₹36 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा. वित्तीय अनुशासन और बेहतर वित्तीय प्रबंधन से उत्तर प्रदेश ने एक लक्ष्य तय किया है. पीएम मोदी ने 2027 तक भारत की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में पहुंचाने कहा है, इसलिए हमने भी एक लक्ष्य तय किया है कि उत्तर प्रदेश 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा."
अशोक लेलैंड का यह कदम यूपी को भारत का ऑटोमोबाइल हब बनाने की दिशा में एक अहम मोड़ है.
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