NDTV आज AI Impact Summit 2026 की मेजबानी कर रहा है. राजधानी दिल्ली के ITC Maurya में शुरू हुए इस समिट की शुरुआत सर्वम AI के CEO और को-फाउंडर प्रत्युश कुमार के साथ एक खास बातचीत से हुई. इस बातचीत में उन्होंने अपने द्वारा विकसित किए गए स्मार्ट चश्मे Sarvam Kaze की खूबियों और उसकी तकनीक के बारे में विस्तार से बताया. आइए जानते हैं कि यह चश्मा कैसे काम करता है और इसकी खासियतें क्या हैं…
भारत मंडपम में Sarvam Kaze AI Smartglasses के स्टॉल पर प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे थे. सर्वम के को-फाउंडर प्रत्युश कुमार ने NDTV के मंच पर पीएम के इस दौरे को लेकर किस्सा बताया. उन्होंने कहा कि पीएम ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनसे मुलाकात की और Sarvam Kaze यानी AI वाला चश्मा पहना था.
NDTV के मंच से Sarvam Kaze के CEO और को-फाउंडर प्रत्युश कुमार ने बताया कि यह एक ऐसा डिवाइस है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को स्क्रीन के भीतर सीमित नहीं रखती, बल्कि आपकी असली दुनिया में ले आता है. जब आप इस खास चश्मे को पहनते हैं, तो यह आपके आस-पास होने वाली हर चीज से जुड़े अनुभव को बदल देता है. यह आपकी बात सुनता है, आपको समझता है, तुरंत जवाब देता है, और यहां तक कि आप जो देख रहे हैं उसे कैप्चर भी करता है. इसके अलावा इसमें आप अपनी पसंदीदा पॉडकास्ट, गाने भी सुन सकते हैं.
Sarvam Kaze स्मार्ट चश्मा इस तरह बनाया गया है कि वह रियल टाइम में सुन सके, समझ सके, जवाब दे सके और आसपास की जानकारी कैप्चर कर सके. इसमें लगे कैमरे और माइक्रोफोन की मदद से यूजर बिना हाथ इस्तेमाल किए अपने आसपास दिखाई देने वाली चीजो के बारे में सवाल पूछ सकते हैं या फोटो‑वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह भारतीय भाषाओं पर फोकस करता है. यह चश्मा सर्वम के अपने इंडियन लैंग्वेज फाउंडेशन मॉडल्स पर चलता है, जिन्हें खास तौर पर भारत की अलग-अलग भाषाओं को समझने और उनमें जवाब देने के लिए ट्रेन किया गया है.
कंपनी ने अभी आधिकारिक रूप से Sarvam Kaze की कीमत का खुलासा नहीं किया है. हालांकि, Sarvam AI ने यह जरूर घोषणा की है कि यह स्मार्ट चश्मा मई 2026 में भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएगा.
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