NDTV डिफेंस समिट में रक्षा क्षेत्र से जुड़े एक्सपर्ट्स ने भविष्य की तकनीक पर अपनी बात रखी. इस दौरान अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के CEO आशीष राजवंशी ने कहा कि आज हम किसी भी युद्ध को दस साल पहले के युद्ध की तरह नहीं देख सकते हैं. आज हर तरफ तकनीक का बढ़चढ़कर इस्तेमाल किया जा रहा है. आपने भी सुना होगा कि कैसे आज युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है. कहा जाने लगा है कि अब हेलीकॉप्टर का समय खत्म हो गया है. रूस औऱ यूक्रेन युद्ध में ड्रोन की मदद से कई लड़ाकू हेलीकॉप्टर को भी मार गिराया गया है. हम अब नई तकनीक पर फोकस कर अपनी सेना और मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं.
पहले की तुलना में अब युद्ध क्षेत्र में बदलाव हुआ है. चाहे बात यूक्रेन की करें या फिर यमन की. हर तरफ अब युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे में आप इस नए परिवेश को कैसे देखते हैं ? आशुतोष दीक्षित ने इसपर कहा कि सबसे पहले मैं आपको बता देना चाहता हूं कि हम निजी क्षेत्र का सम्मान करते हैं. अब निजी क्षेत्र की भूमिका डिफेंस सेक्टर में काफी बढ़ रही है. अब सारा ध्यान नई तकनीक को सेना में शामिल करने पर है. और ये तभी हो सकता है जब निजी क्षेत्र की कंपनियां आगे बढ़कर काम करें. स्टेल्थ को औऱ बेहतर तरीके से विकसित करने पर भी हमारा जोर है. हम इसके लिए लगातार काम कर रहे हैं. कुछ समय बाद ही हम कुछ ऐसे प्रोजेक्ट को लॉन्च कर देंगे.
वहीं, DRDO के अध्यक्ष समीर वी कामत ने बेहतर होती टेक्नोलॉजी को डीआरडीओ अब कैसे देखता है, इसे लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हम DRDO में निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में कोई भेद नहीं करते हैं. हम सभी को एक समान अवसर देते हैं. हमारी तकनीक सभी के लिए हैं. हमने अभी तक 1700 टीओटी निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के साथ की है. हमारे पेंटेंट्स दोनों ही क्षेत्र के लिए हैं. आज निजी क्षेत्र डिफेंस सेक्टर में अहम भूमिका निभा रही है. हम अब इस क्षेत्र में स्टॉर्टअप पर फोकस कर रहे हैं. हम छोटी छोटी कंपनियों को भी बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं. हम चाहते हैं इस क्षेत्र में बड़ी कंपनियां, स्टार्टअप और छोटी कंपनियां काम करें. तभी हम बड़े लक्ष्य को प्राप्त कर पाएंगे. हम आज के समय में सबसे ज्यादा जोर नई तकनीक को समझने और फिर उसे अपने फायदे के लिए विकसित करने पर दे रहे हैं.
लार्सन एंड टूब्रो के हेड ऑफ डिफेंस अरुण रामचंदानी ने कहा कि हम काफी लंबे समय से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं. हम अंडर वाटर सिस्टम पर फोकस कर रहे हैं. ये भविष्य की मांग है. हम अपने फ्लीट को भी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. साथ ही आज नई तकनीक को भी अपनाने पर हमारा जोर है. मेरा मानना है कि आज हमे अच्छे से पता है कि हमें क्या चाहिए और हम उसके काफी कुछ कर भी रहे हैं.
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