रिपोर्ट के अनुसार, 10 मई तक स्थिति स्पष्ट रूप से बदल चुकी थी. अपने हवाई अड्डों पर लगातार दबाव और हवाई रक्षा नेटवर्क के कमजोर होने के कारण, पाकिस्तान अब हवाई क्षेत्र में प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने की स्थिति में नहीं था.
Republic Day 2026: ऑपरेशन सिंदूर फॉर्मेशन में जब भारतीय वायुसेना के विमान गरजते हुए कर्तव्य पथ पर से गुजरे तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा कर्तव्यपथ गूंज उठा.
भारत की 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में इस बार ऑपरेशन सिंदूर की झलक, बैटल एरे फॉर्मेशन, टी‑90 और अर्जुन टैंक, हाइपरसोनिक मिसाइल, आधुनिक ड्रोन और स्पेशल फोर्सेस के नए उपकरण दिखाई देंगे. NDTV से बातचीत में परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने बताया कि यह परेड नए भारत की सैन्य क्षमता और बदलाव का प्रदर्शन करेगी.
झांकी में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के फायर को दिखाया गया हैं. इसके अलावा एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की भूमिका को भी दिखाया गया हैं जिसने लंबी दूरी से दुश्मन के हवाई खतरे को खत्म किया.
गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर एक झांकी में 'ऑपरेशन सिंदूर' के 88 घंटों की पूरी कार्रवाई की झलक देखने को मिलेगी. भारतीय सशस्त्र सेना की ये झांकी भारत की बदलती हुई सैन्य रणनीति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता का भी प्रतीक है.
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी पर मध्य प्रदेश सरकार को दो सप्ताह में फैसला लेने का निर्देश दिया. कोर्ट ने शाह की माफी ठुकराते हुए कहा कि अब माफी देने में बहुत देर हो चुकी है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां, न केवल हमारे रक्षा उद्योग की क्षमता को दर्शाती हैं, बल्कि भारत की निर्यात क्षमता को भी और अधिक सशक्त बनाती हैं.
रक्षा सचिव ने यह भी कहा कि इस बार गणतंत्र दिवस का थीम बंदे मातरम के 150 साल और समृद्धि का मंत्र आत्मनिर्भर भारत होगी. हालांकि परेड की अवधि पहले की तरह 90 मिनट की रहेगी. कोशिश की गई है कि इस बार दर्शकों को एक नया अनुभव देखने को मिले.
रक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया अनिश्चिता के दौर से गुजर रही है. दुनिया में स्थापित धारणाएं टूट रही हैं. ऐसे में सेना का मजबूत होना और आधुनिकीकरण किसी देश के अस्तित्व के लिए बेहद जरूरी हो गया है.
पहलगाम हमले के जवाब में भारत के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लश्कर के कमांडर हाफिज अब्दुल रऊफ ने सार्वजनिक मंच से विस्फोटक खुलासे किए हैं.
कर्नल कोशांक लांबा ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर NDTV से कहा कि इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान को जो सबक मिला है बहुत ही अच्छा मिला है. टेरर के ठिकाने हो, उसे पूरी तरह से बर्बाद किया. मिलिट्री टारगेट को अगर देखें एयर फील्ड कितनी तबाह हुए. उनके सेवा की फॉरवर्ड पोस्ट हो या फिर आतंकियों के लॉन्चिंग पैड सबको पूरी तरह से बर्बाद कर दिए .
Army Day Special: Op Sindoor में दुश्मन की पोस्ट को धुआं-धुआं करने वाले वीर योद्धा ने NDTV से कई राज खोले. नायब सूबेदार सतीश कुमार (वीर चक्र) ने एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत की है. जहां उन्होंने बताया कैसे मोर्टार की आग से पाकिस्तानी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया और दुश्मन को सबक सिखाया.
लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट ने एनडीटीवी से खास बातचीत में बताया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया.
आर्मी डे से पहले सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान और पीओके में जो 8 आतंकी कैंप चल रहे हैं, उसमें 100 से 150 आतंकियों के होने की संभावना है. इन सभी कैंपों पर सेना नजर बनाए हुए है. लगातार संख्या का पता लगाने की कोशिशें की जा रही है, हम पूरी तरह अलर्ट हैं.
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि हर कमांड के पास 5000 ड्रोन बनाने की काबिलियत है या वो बना चुका है. ये ड्रोन ऐसे नहीं है कि ये छोटे ड्रोन हैं. उन्होंने कहा कि 100 किमी तक की रेंज का एक ड्रोन हमने टेस्ट फायर किया है और हम उसकी रेंज को और बढ़ाने जा रहे हैं.
आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है. उन्होंने कहा कि LAC पर अभी हालात सामान्य हैं. आर्मी चीफ ने साथ ही बताया कि कश्मीर में स्थानीय आतंकियों की सिंगल डिजिट में पहुंची.
NDTV को मिली जानकारी के मुताबिक, अभी तक पाकिस्तान या बांग्लादेश की तरफ से इसमें भाग लेने की पुष्टि नहीं की गई है जबकि बैठक शुरू होने में महज 4 दिन बाकी बचे हैं.
भारत ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार अपनी हवाई रक्षा मोर्चे को मजबूत करने में जुटा है. वो मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपटने के लिए लगातार जरूरी अवॉक्स हथियारों की खरीद कर रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने ऑपरेशन सिंदूर टिप्पणी मामले में कहा कि केस को ‘एक बार की उदारता’ में बंद किया जा सकता है.
नए सबूत बताते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के गुस्से का सामना करने के बाद पाकिस्तान अमेरिकी हस्तक्षेप के लिए बेताब था.


