

बिहार की राजधानी पटना में 1 जनवरी, 1973 को जन्मे आनंद कुमार जाने-माने गणित शिक्षक हैं. छात्र के रूप में अपने जीवनकाल से ही गरीबी की पीड़ा को करीब से महसूस करने वाले आनंद ने उन गरीब छात्रों के लिए कुछ करने का फैसला किया, जो सही अवसर नहीं मिलने के चलते लगभग हमेशा हाशिये पर चले जाते हैं, खो जाते हैं.
साधारण पृष्ठभूमि वाले युवक ने शिक्षा के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों के प्रतिभाशाली छात्रों का उत्थान करने और उन्हें भारत के प्रमुख IIT तक पहुंचने में मदद करने के लिए जीवन समर्पित करने का फैसला किया. अपनी पहल 'सुपर 30' के माध्यम से आनंद कुमार साल-दर-साल गरीब विद्यार्थियों को IIT-JEE में कामयाबी दिलाने में मदद कर रहे हैं.
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केरल की अथिरा सुरेश OTA गया में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह इंडियन आर्मी में बतौर अधिकारी कमीशन हुई हैं. एनआईटी कालीकट से सिविल इंजीनियरिंग करने और एक्सॉनमोबिल की शानदार नौकरी छोड़ने के बाद भारतीय सेना ज्वाइन की है.

तमिलनाडु के पी शशिकांत कुमार ने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) गया से पहला स्थान हासिल कर 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' और गोल्ड मेडल अपने नाम किया. अब वह गोरखा राइफल्स में सैन्य अधिकारी बन गए हैं.

आरुषि पांडे ओटीए गया से भारतीय सेना में सैन्य अधिकारी के रूप में पास आउट हुई हैं. पढ़ें भोपाल की मेधावी छात्र

बिहार के सॉफ्टवेयर इंजीनियर राघवेंद्र झा को गया ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में कमीशन मिला है. इन्होंने जावा डेवलपर, सीआरपीएफ सब-इंस्पेक्टर से लेकर भारतीय सेना में अधिकारी बनने का प्रेरणादायक सफर तय किया है.

चौथी पीढ़ी की सैन्य विरासत को आगे बढ़ाते हुए बटालियन अंडर ऑफिसर स्पर्श छेत्री ने शानदार कॉर्पोरेट करियर छोड़ भारतीय सेना को चुना. थापर यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट और राष्ट्रीय स्तर के घुड़सवार स्पर्श की सक्सेस स्टोरी.

अमेज़न में ₹46 लाख का पैकेज छोड़कर लखनऊ के शरदिंदु तिवारी OTA गया से भारतीय सेना में अधिकारी कमीशन होंगे. जानें उनकी पूरी सक्सेस स्टोरी.

अग्निवीर विकास गौतम ने एसएसबी क्रैक कर डाली और अब भारतीय सेना में अफसर बने हैं. 14 हॉर्स रेजीमेंट ज्वाइन करने वाले हिमाचल के बिलासपुर के इस अग्निवीर की यह सक्सेस स्टोरी हर किसी को प्रेरित करने वाली है.

इंदौर के श्री जीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस ने हिंदी माध्यम में BTech सिविल इंजीनियरिंग कोर्स शुरू किया है. सत्र 2026-27 से 30 सीटों पर दाखिला होगा. अंतिम वर्ष में मध्य प्रदेश सरकार छात्रों को 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी देगी.

बिहार की तीन बहनों शिखा, पूजा और मानसी ने बचपन में पिता के निधन के बाद ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई पूरी की. तीनों बहनों ने BPSC शिक्षक परीक्षा में सफलता हासिल की. पढ़ें तीन बहनों की सक्सेस स्टोरी.

बिहार के नवादा जिले के किसान पुत्र पवन राज का चयन भारतीय अंडर-18 रग्बी टीम में हुआ है. वह 5-6 सितंबर 2026 को चीन में आयोजित एशियाई रग्बी अंडर-18 चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. सीमित संसाधनों में कड़ी मेहनत कर पवन ने यह मुकाम हासिल कर नवादा का मान बढ़ाया है.


