The Anand Kumar Show
The Anand Kumar Show

आनंद कुमार के बारे में

बिहार की राजधानी पटना में 1 जनवरी, 1973 को जन्मे आनंद कुमार जाने-माने गणित शिक्षक हैं. छात्र के रूप में अपने जीवनकाल से ही गरीबी की पीड़ा को करीब से महसूस करने वाले आनंद ने उन गरीब छात्रों के लिए कुछ करने का फैसला किया, जो सही अवसर नहीं मिलने के चलते लगभग हमेशा हाशिये पर चले जाते हैं, खो जाते हैं.

साधारण पृष्ठभूमि वाले युवक ने शिक्षा के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों के प्रतिभाशाली छात्रों का उत्थान करने और उन्हें भारत के प्रमुख IIT तक पहुंचने में मदद करने के लिए जीवन समर्पित करने का फैसला किया. अपनी पहल 'सुपर 30' के माध्यम से आनंद कुमार साल-दर-साल गरीब विद्यार्थियों को IIT-JEE में कामयाबी दिलाने में मदद कर रहे हैं.

और पढ़ें
The आनंद कुमार Show : बिन मांगी सलाह देने वालों से कैसे निपटें?

वीडियो

आनंद सर से पूछें

No File Chosenफ़ाइल चुनें
नियम एवं शर्तें लागू

संदेश बोर्ड

और पढ़ें
  • मिर्जा
    नमस्ते सर, मेरा सवाल है कि आज कल सोशल मीडिया के चक्कर में पढ़ाई कम मनोरंजन ज्यादा हो जाता है. इसका क्या करें?मिर्जा
  • चिराग बालापुरे
    सर, आपके अनुसार भारत की शिक्षा नीति कैसी हो?चिराग बालापुरे
  • सुशील कृष्णा
    भारतीय शिक्षा के बारे में आपका दृष्टिकोण क्या है? हमें प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की शिक्षा पर और अधिक विकास करना चाहिए?सुशील कृष्णा

सुपर 30 के बारे में

1 जनवरी, 1973 को बिहार के पटना में जन्मे आनंद कुमार एक फेमस मैथ्‍य टीचर हैं. उन्होंने अपने छात्र जीवन से ही गरीबी झेली और उन गरीब छात्रों के लिए कुछ करने का फैसला किया, जो सही अवसर न मिलने पर कुछ करने से चूक जाते हैं.

एक साधारण पृष्ठभूमि वाले इस युवा व्यक्ति ने शिक्षा के जरिए समाज के वंचित तबके के छात्रों के कल्‍याण और उन्हें भारत के प्रमुख आईआईटी तक पहुंचने में मदद करने के लिए अपना जीवन समर्पित करने का फैसला किया.

'सुपर 30' का विचार आनंद के दिमाग में तब आया, जब उन्‍होंने अपने पिता के निधन के बाद गरीबी के कारण कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ने का मौका खो दिया. इसके साथ ही उन्हें कई तरह के विरोध का भी सामना करना पड़ा.

सुपर 30 प्रोग्राम के तहत छात्रों को फ्री खाना, रहना और कोचिंग मिलती है. आनंद कुमार के लिए यह एक फैमिली की तरह है. अपने विचार और चुने हुए परिवारों का साथ देने के लिए, आनंद अपनी कमाई का एक हिस्सा निजी ट्यूशन में लगाते हैं.

सुपर 30 के 18 सालों में, 82 प्रतिशत विद्यार्थियों ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के ज्‍वाइंट एंट्रेंस एग्‍जाम में जगह बनाई. बाकी बचे छात्र एनआईटी में पहुंचे. इन विद्यार्थियों में से अधिकांश सफल उम्मीदवार समाज के सबसे वंचित वर्गों से थे.

शिक्षा खबरें

और पढ़ें
SSC CPO Recruitment 2026: आवेदन शुरू, जानें योग्यता, उम्र सीमा और वैकेंसी डिटेल

SSC CPO Recruitment 2026: आवेदन शुरू, जानें योग्यता, उम्र सीमा और वैकेंसी डिटेल

सीएपीएफ (CAPF) और दिल्ली पुलिस सब इंस्पेक्टर (SI) पदों के लिए ग्रेजुएशन डिग्री जरूरी है, जबकि सीआईएसएफ एसआई (CISF SI (Fire) के लिए साइंस बैकग्राउंड या संबंधित इंजीनियरिंग डिप्लोमा मांगा गया है. आयु सीमा पदानुसार 20-25 साल और 18-30 साल निश्चित की गई है.

UPSC पहले प्रयास में कैसे क्रैक करें? जानें 23 की उम्र में IPS बने आशीष रघुवंशी की स्ट्रेटेजी

UPSC पहले प्रयास में कैसे क्रैक करें? जानें 23 की उम्र में IPS बने आशीष रघुवंशी की स्ट्रेटेजी

IPS आशीष रघुवंशी ने पहले प्रयास में यूपीएससी क्रैक की और 23 साल की उम्र में भारतीय पुलिस सेवा का हिस्सा बनें. जानिए आशीष की यूपीएससी स्ट्रेटेजी व सक्सेस स्‍टोरी.

MP Police Recruitment 2026: सूबेदार से लेकर SI तक 500 से ज्यादा पदों पर वैकेंसी, 23 सितंबर तक करें आवेदन

MP Police Recruitment 2026: सूबेदार से लेकर SI तक 500 से ज्यादा पदों पर वैकेंसी, 23 सितंबर तक करें आवेदन

प्रारंभिक परीक्षा 28 अक्टूबर 2026 से आयोजित होगी. चयन प्रक्रिया में प्रीलिम्स, मुख्य परीक्षा, फिजिकल टेस्ट, दस्तावेज सत्यापन और इंटरव्यू शामिल हैं. चयनित उम्मीदवारों को लेवल-9 वेतनमान मिलेगा.

Success Story : लगातार असफलताओं के बाद भी नहीं रुके राहुल, आखिरकार बन गए भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट

Success Story : लगातार असफलताओं के बाद भी नहीं रुके राहुल, आखिरकार बन गए भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट

Success Story : अंबाला के राहुल धाकड़ ने सातवीं कोशिश में परीक्षा पास कर लेफ्टिनेंट बनने का सपना पूरा कर लिया. कई असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे. उनकी सफलता पर परिवार और पूरे मोहल्ले ने जोरदार स्वागत कर जश्न मनाया.

पुलिस ने रात में हटाया, सुबह फिर जुट गए छात्र, टीचर भर्ती पर प्रयागराज में हंगामा

पुलिस ने रात में हटाया, सुबह फिर जुट गए छात्र, टीचर भर्ती पर प्रयागराज में हंगामा

प्रयागराज के सिविल लाइंस में प्राइमरी टीचर भर्ती और टीजीटी-पीजीटी भर्ती की मांग को लेकर चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन नए मोड़ पर पहुंच गया है. देर रात धरना स्थल खाली कराए जाने के बाद भी सैकड़ों छात्र फिर जुट गए. पुलिस ने धारा 163 का हवाला देते हुए बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया, लेकिन अभ्यर्थी अपनी मांगों पर अड़े हैं.

IPS ईशा स‍िंह: द‍िल्‍ली DCP की दर्दभरी कहानी, IPS प‍िता के साथ गलत हुआ तो क्रैक की UPSC

IPS ईशा स‍िंह: द‍िल्‍ली DCP की दर्दभरी कहानी, IPS प‍िता के साथ गलत हुआ तो क्रैक की UPSC

IPS ईशा सिंह को दिल्ली पुलिस में DCP लीगल सेल की जिम्मेदारी मिली है. पिता योगेश प्रताप सिंह के संघर्ष और नौकरी जाने के बाद ईशा ने वकालत की और फिर UPSC क्रैक कर IPS बनीं. जानिए उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी.

SSB में 21 बार रिजेक्ट, फ‍िर भी लेफ्टिनेंट कैसे बने दीपक रावत? सेना के ल‍िए ठुकराई लाखों की जॉब

SSB में 21 बार रिजेक्ट, फ‍िर भी लेफ्टिनेंट कैसे बने दीपक रावत? सेना के ल‍िए ठुकराई लाखों की जॉब

दीपक सिंह रावत भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने. ये SSB में 21 बार फेल हो चुके हैं. 22वीं कोश‍िश में सफलता म‍िली. लाखों की कॉरपोरेट नौकरी छोड़ ओटीए गया से सिल्वर मेडल के साथ पास आउट हुए हैं. पढ़ें दीपक रावत की पूरी कहानी. 

Success Story: दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी छोड़ बनीं इंड‍ियन आर्मी ऑफिसर, जानिए कौन हैं अथिरा सुरेश?

Success Story: दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी छोड़ बनीं इंड‍ियन आर्मी ऑफिसर, जानिए कौन हैं अथिरा सुरेश?

केरल की अथिरा सुरेश OTA गया में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह इंडियन आर्मी में बतौर अधिकारी कमीशन हुई हैं. एनआईटी कालीकट से सिविल इंजीनियरिंग करने और एक्सॉनमोबिल की शानदार नौकरी छोड़ने के बाद भारतीय सेना ज्वाइन की है.  

TCS जॉब छोड़ भारतीय सेना में पहले हवलदार फ‍िर अफसर बने, OTA से पाया स्वॉर्ड ऑफ ऑनर

TCS जॉब छोड़ भारतीय सेना में पहले हवलदार फ‍िर अफसर बने, OTA से पाया स्वॉर्ड ऑफ ऑनर

तमिलनाडु के पी शशिकांत कुमार ने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) गया से पहला स्थान हासिल कर 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' और गोल्ड मेडल अपने नाम किया. अब वह गोरखा राइफल्स में सैन्य अधिकारी बन गए हैं.

Success Story: स्‍कूल हेड गर्ल बनीं आर्मी अफसर, खेलों में जीते मेडल, पहले प्रयास में SSB  क्रैक की

Success Story: स्‍कूल हेड गर्ल बनीं आर्मी अफसर, खेलों में जीते मेडल, पहले प्रयास में SSB  क्रैक की

आरुषि पांडे ओटीए गया से भारतीय सेना में सैन्य अधिकारी के रूप में पास आउट हुई हैं. पढ़ें भोपाल की मेधावी छात्र