

बिहार की राजधानी पटना में 1 जनवरी, 1973 को जन्मे आनंद कुमार जाने-माने गणित शिक्षक हैं. छात्र के रूप में अपने जीवनकाल से ही गरीबी की पीड़ा को करीब से महसूस करने वाले आनंद ने उन गरीब छात्रों के लिए कुछ करने का फैसला किया, जो सही अवसर नहीं मिलने के चलते लगभग हमेशा हाशिये पर चले जाते हैं, खो जाते हैं.
साधारण पृष्ठभूमि वाले युवक ने शिक्षा के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों के प्रतिभाशाली छात्रों का उत्थान करने और उन्हें भारत के प्रमुख IIT तक पहुंचने में मदद करने के लिए जीवन समर्पित करने का फैसला किया. अपनी पहल 'सुपर 30' के माध्यम से आनंद कुमार साल-दर-साल गरीब विद्यार्थियों को IIT-JEE में कामयाबी दिलाने में मदद कर रहे हैं.
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कभी JEE की परीक्षा में असफल होकर निराश होने वाली मोतिहारी की स्नेहा कुमारी ने अपने पहले ही प्रयास में 70वीं BPSC परीक्षा पास कर ली है.समाज के तानों और सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई की और 467वीं रैंक हासिल कर 'सब इलेक्शन ऑफिसर' का पद प्राप्त किया.

ध्यान रहे कि ये भर्तियां मुख्य रूप से संविदा और प्राइवेट सेक्टर के लिए हैं. इसलिए फॉर्म भरने और मेले में जाने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन को एक बार ध्यान से जरूर पढ़ लीजिए.

खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस ने फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर के परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर कई संदिग्ध अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.

Success Story: बिहार के औरंगाबाद जिले के खिरियावां गांव की नेहा कुमारी ने BPSC की परीक्षा में 745वीं रैंक हासिल कर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का पद पाया है. पिता संतोष वर्णवाल ने कपड़े की दुकान की कमाई से अपने तीनों बच्चों को पढ़ाया और आज तीनों भाई-बहन सरकारी सेवा में देश की सेवा कर रहे हैं.

नालंदा के हनुमानगढ़ गांव की आकांक्षा भारती ने बीपीएससी परीक्षा में 157वीं रैंक हासिल कर SDO (अनुमंडल पदाधिकारी) का पद पाया है. जानिए शिक्षक की बेटी की इस प्रेरणादायक सफलता की पूरी कहानी.

IPS ब्रजेश कुमार मिश्रा की बेटी श्रेया मिश्रा ने यूजीसी-नेट में 99.65 परसेंटाइल लाने के बाद अब IIT खड़गपुर में पीएचडी के लिए चयन पाकर इतिहास रच दिया है. जानिए उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी.

शशांक की कहानी बताती है कि सफलता केवल लंबे समय तक पढ़ने से नहीं मिलती, बल्कि सही रणनीति, लगातार रिवीजन, अपनी गलतियों से सीखने और कठिन समय में भी लक्ष्य पर टिके रहने से मिलती है.

आयोग द्वारा परीक्षार्थियों को सलाह दी गई है कि परीक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी और सटीक जानकारी के लिए केवल आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर ही भरोसा करें.

क्या होता है Resignation और VRS में अंतर? ISRO के 100 वैज्ञानिकों के नौकरी छोड़ने की खबर के बीच जानें इस्तीफा और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के नियमों का पूरा सच.

देशभर में मॉल, अस्पताल, बैंक, स्कूल, होटल, फैक्ट्री, कॉर्पोरेट ऑफिस, हाउसिंग सोसाइटी और सरकारी संस्थानों में सिक्योरिटी गार्ड की मांग लगातार बनी रहती है.


