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दिल्ली-NCR में बढ़े वायु प्रदूषण के बाद GRAP-1 लागू, जानें किन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध

दिल्ली-NCR में बढ़े वायु प्रदूषण के बाद GRAP-1 लागू, जानें किन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध

Highlights

  1. दिल्ली‑एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स Poor श्रेणी में पहुंचने पर GRAP के स्टेज‑1 को लागू किया गया है.
  2. मौसम विभाग और IITM के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता इसी स्तर पर बनी रह सकती है.
  3. GRAP‑1 के तहत निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध और सड़कों की सफाई जरूरी है.

दिल्ली‑एनसीआर में वायु गुणवत्ता खराब होने पर एक बार फिर सख्ती बढ़ा दी गई है. एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘Poor' श्रेणी में पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे एनसीआर में GRAP के स्टेज‑1 को लागू करने का फैसला लिया है. 19 मई को जारी आदेश के मुताबिक AQI 208 दर्ज किया गया, जिसके बाद यह कदम उठाया गया.

आने वाले दिनों में और बिगड़ सकती है हवा

समीक्षा के दौरान पाया गया कि मौसम विभाग (IMD) और IITM के अनुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता इसी श्रेणी में बनी रह सकती है. इसी को देखते हुए पूरे एनसीआर में GRAP‑1 के तहत सभी उपाय तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.

प्रदूषण रोकने के लिए सख्त कदम

CAQM ने एजेंसियों को निर्देश दिया है कि GRAP के स्टेज‑1 के तहत तय सभी उपायों को सख्ती से लागू किया जाए. इसका मकसद यह है कि वायु गुणवत्ता को और खराब होने से रोका जा सके और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके.

निगरानी बढ़ाने के निर्देश

सभी संबंधित एजेंसियों से कहा गया है कि वे हालात पर कड़ी नजर रखें और तय नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करें, ताकि दिल्ली‑एनसीआर की हवा और ज्यादा खराब न हो.

क्या-क्या पाबंदियां?

GRAP‑1 लागू होने पर प्रदूषण को शुरुआती स्तर पर नियंत्रित करने के लिए कई सख्त कदम उठाए जाते हैं. इस दौरान निर्माण स्थलों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव, कवरिंग और मैकेनिकल सफाई अनिवार्य की जाती है, जबकि खुले में कचरा या पत्ते जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी जाती है. सड़कों की नियमित सफाई और लैंडफिल साइट्स पर आग जैसी घटनाओं को रोकने के लिए भी निगरानी बढ़ाई जाती है.

इसके अलावा वाहनों और उद्योगों पर भी सख्ती बढ़ा दी जाती है. प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ चालान, PUC नियमों का कड़ाई से पालन और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सख्त किया जाता है ताकि जाम और उत्सर्जन कम हो. साथ ही उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन करना होता है और डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी रोक या सीमित उपयोग लागू किया जाता है. इसके अलावा आम लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें, इंजन चालू न रखें और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से दूर रहें, ताकि हवा की गुणवत्ता और खराब होने से रोकी जा सके.

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