दिल्ली में हर साल नवंबर से फरवरी के बीच होने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने अभी से कमर कस ली है. रेखा गुप्ता सरकार ने जुलाई महीने में ही वायु प्रदूषण को लेकर हर साल एक नवंबर से 28 फरवरी तक लागू होने वाली पाबंदियों का ऐलान कर दिया है. इसमें दिल्ली के बाहर के वाहनों पर रोक, पार्किंग रेट डबल और वर्क फ्रॉम होम से जुड़े कई नियम शामिल हैं. वायु प्रदूषण के दौरान दिल्ली की स्थिति किसी 'गैस चैंबर' के जैसी होती है. ऐसे हालात इस बार दिल्ली में न बनें, इसकी पूरी कोशिश रेखा गुप्ता सरकार कर रही है.
दिल्ली में पिछले कई सालों में देखा गया है कि वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण व्हीकल्स से निकालने वाला धुआं होता है. इसमें निजी वाहनों की भूमिका सबसे ज्यादा होती है. इस समस्या से निपटने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' सबसे बेहतर उपाय है. ऐसे में दिल्ली सरकार ने नवंबर से फरवरी तक पाबंदियों के दिनों में यातायात का दबाव कम करने के लिए ऑफिसों के अलग-अलग समय और घर से काम करने की व्यवस्था भी लागू की गई है. सर्दियों के दौरान, दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले कार्यालयों में सुबह 8:30 बजे से शाम पांच बजे तक काम होगा, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालयों में एक नवंबर से 28 फरवरी के बीच सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम होगा.
दिल्ली सरकार के मुताबिक, एक नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली सरकार और प्राइवेट ऑफिसों में 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी मौजूद नहीं रहेंगे, बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉर्म होम करेंगे. इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या काफी कम होने की उम्मीद है. हालांकि, जरूरी और इमरजेंसी सर्विस (जैसे अस्पताल, सार्वजनिक यातायात, बिजली, पानी की आपूर्ति, साफ-सफाई, आपदा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण करने वाली एजेंसियों) को इससे छूट दी गई है.
रेखा गुप्ता सरकार के अनुसार, दिल्ली में सभी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी/एलपीजी खुदरा दुकानें पूरे साल सिर्फ वैध पीयूसीसी दिखाने पर ही पेट्रोल और डीजल देंगे. बिना वैध प्रमाणपत्र के ईंधन लेते पाए जाने पर वाहनों पर जुर्माना लगाया जा सकता है. इसकी जांच फिजिकल सर्टिफिकेट, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली और 'वाहन' जैसे इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस के जरिए की जाएगी.
हर वर्ष एक नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत और बीएस-छह उत्सर्जन मानक से कम श्रेणी के मोटर वाहनों के दिल्ली में चलने पर प्रतिबंध रहेगा. हालांकि, यह प्रतिबंध सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, पुलिस वाहन तथा पर्यावरण विभाग द्वारा विशेष रूप से छूट प्राप्त अन्य श्रेणियों पर लागू नहीं होगा. बुधवार को जारी अधिसूचना में एक नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग जगहों पर पार्किंग शुल्क दोगुना करने का प्रावधान भी किया गया है, ताकि निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम किया जा सके. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के मालिकाना हक और प्रबंधन वाली पार्किंग सुविधाओं को छूट दी गई है.
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दिल्ली सरकार की अधिसूचना के अनुसार, एक नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और बाहरी सिविल निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा. केवल आवश्यक सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं को अनुमति होगी. इसके अतिरिक्त 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ संबंधी सभी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, लेकिन इसमें जरूरी सरकारी परियोजनाओं और आपातकालीन कार्यों को छूट दी गई है. इसी दौरान, रेत, पत्थर, ईंट, सीमेंट और मलबे जैसी निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी, सिवाय उन वाहनों के जो राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, जरूरी सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, आपातकालीन कार्यों और अन्य छूट प्राप्त श्रेणियों से जुड़े हैं.
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50% वर्क फ्रॉम होम, दोगुनी होगी पार्किंग, सर्दियों में प्रदूषण से निपटने दिल्ली ने अभी से बना लिया प्लान
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Edited by: अनिता शर्मा© Copyright NDTV Convergence Limited 2026. All rights reserved.