
पड़ोसी देश नेपाल में कल यानी 5 मार्च को आम चुनावों के लिए मतदान हुआ. नेपाल में मतदान खत्म होने के कुछ ही घंटों के भीतर न केवल गिनती शुरू हुई, बल्कि शुरुआती नतीजे भी सामने आने लगे. जबकि भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के नतीजे आने में कई दिन लग जाते हैं. लेकिन भारत में भी ऐसे कई चुनाव होते हैं, जिनके वोटों की गिनती मतदान वाले दिन हो जाती है और इसी दिन नतीजे भी जारी हो जाते हैं. आज हम इन्हीं चुनावों के बारे में बता रहे हैं.
1. राज्यसभा चुनाव
भारत में उच्च सदन यानी राज्यसभा के सदस्यों को भी एक दिन में ही चुन लिया जाता है. राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव राज्यों की विधानसभाओं के विधायकों द्वारा किया जाता है.आमतौर पर मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होता है और शाम 5 बजे से गिनती शुरू होकर रात तक नतीजे आ जाते हैं.
2. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव
इसके अलावा भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे भी वोटिंग वाले दिन ही आ जाते हैं. राष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य और राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य वोट डालते हैं. मनोनीत सदस्य इसमें वोट नहीं डाल सकते. वहीं उपराष्ट्रपति चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य वोट देते हैं. इसमें निर्वाचित और मनोनीत सदस्य दोनों शामिल होते हैं. लेकिन राज्यों के विधायक इसमें वोट नहीं डालते. इन चुनावों के नतीजे भी वोटिंग वाले ही दिन आ जाते हैं. उदाहरण के लिए 2022 और 2025 के उपराष्ट्रपति चुनावों में वोटिंग और गिनती एक ही दिन हो गई थी.
3. विधान परिषद चुनाव
कुछ राज्यों में विधान परिषद यानी MLC चुनावों के नतीजे भी अक्सर गिनती शुरू होने के कुछ घंटों के भीतर आ जाते हैं. लेकिन अलग-अलग राज्यों में यह व्यवस्था अलग अलग है. MLC चुनाव में विधायक, स्थानीय निकाय सदस्य या स्नातक/शिक्षक वोट देते हैं. हालांकि जिन MLC सदस्यों के लिए विधायक वोट देते हैं उनकी काउंटिंग ही जल्दी होती है. उदाहरण के लिए 2024 में महाराष्ट्र की 11 खाली सीटों के लिए सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक विधान भवन में वोटिंग हुई और उसी दिन शाम 5 बजे के बाद काउंटिंग शुरू हुई और देर रात नतीजे आ गए.
नेपाल में 2026 के चुनावों में 'फास्ट-ट्रैक' शेड्यूल अपनाया गया ताकि अंतरिम सरकार से जल्द निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंपी जा सके. लेकिन भारत की परिस्थिति काफी अलग है. भारत में लगभग 97 करोड़ मतदाता हैं. चुनाव कराने में लाखों सुरक्षा बलों की तैनाती की जाती है. उन्हें एक राज्य से दूसरे राज्य भेजने के लिए कई चरणों में चुनाव कराए जाते हैं. जब तक आखिरी चरण की वोटिंग नहीं होती, तब तक पहले चरण की ईवीएम (EVM) 'स्ट्रांग रूम' में सील रहती हैं.
यह भी पढ़ें: होगा बदलाव या पुराने चेहरे पर ही जनता जताएगी भरोसा, नेपाल का अगला प्रधानमंत्री कौन?
इंदिरा और सोनिया गांधी पर हमला, कंगना ने पुरानी घटना के बहाने कांग्रेस को क्या-क्या दिलाया
Reported by: NDTV इंडिया, Written by: Ashwani Shrotriyaपप्पू यादव, बीमा भारती, संतोष कुशवाहा... कल के धुर विरोधी आज साथ-साथ, क्या बदलेगी सीमांचल की सियासत?
Reported by: पंकज भारतीय, Edited by: प्रभांशु रंजनदे दो हमें 15 ग्राम... मांझी सख्त, चिराग खामोश: NDA में सीट बंटवारे पर टकराव बढ़ा, किस दल की कितनी है डिमांड?
Written by: Sachin Jha Shekhar................................ Advertisement ................................


