
अमेरिका से लेकर दुनिया के कई देशों में इस बात की चर्चा अब जोड़ पकड़ रही है कि मिड टर्म इलेक्शन यानी मध्याविधि चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप का क्या होगा. ये सवाल अब हर देश में चर्चा का विषय बन चुका है. कई लोगों को लगता सवाल वाजिब नहीं हैं क्योंकि ट्रंप अभी भी कई मायनों में बहुत लोकप्रिय है. यानी लोगों का मानना है कि ट्रंप की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई, लेकिन एक दूसरा पक्ष भी है जो ईरान से लेकर रूस और चीन तक की उन सभी बातों को आधार बना कर कह रहा है. चाहे वो ईरान वॉर हो या फिर टैरिफ वॉर, उनको लगता है अब हालात बदले हैं जो ट्रंप के अनुकूल नहीं हैं. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि कुछ रिपब्लिकन ही चाहते हैं कि ट्रंप संवैधानिक रूप से कमजोर हो जाएं.
ये दावा अमेरिकी मीडिया Fox News की होस्ट लॉरा इंग्राहम ने किया है. उन्होंने टीवी कार्यक्रम में बड़े दावे के साथ ये बात कही है. उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन फिर भी उनकी बातें अमेरिका सहित कई देशों में चर्चा का विषय बनी.
लॉरा इंग्राहम ने दावा किया कि कई ऐसे रिपब्लिकन हैं जो चाहते हैं कि पार्टी नवंबर में होने वाले मिडटर्म का चुनाव हार जाए जिससे उन्हें डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन न करना पड़े. मतलब ये कि ट्रंप जो कानून ले कर आते हैं उनसे बचा जा सके.
ट्रंप के समर्थन की जो जिम्मेदारी उनके ऊपर है, उससे उनको राहत मिल जाए. लॉरा ने किसी भी बात की पुष्टि नहीं की है. ये बस उनके दावे थे कि ऐसा भी कुछ हो रहा है. लॉरा ने ये बात गुरुवार को फॉक्स न्यूज़ के कार्यक्रम में ट्रंप एडमिनिट्रेशन में पूर्व आर्थिक सलाहकार लैरी कुडलो से बातचीत दौरान बोली है.
इस शो में इंग्राहम और कुडलो ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था के उन पहलुओं को रखा जो ट्रंप चाहते थे कि हर अमेरिकी नागरिक को पता हो. पूर्व आर्थिक सलाहकार कुडलो ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत तरीके से काम कर रही है चाहे वो इनकम हो या फिर संपत्ति कारोबार से जुड़े कई अच्छे संकेत बहुत पॉजिटिव रहे हैं.
इंग्राहम ने आगे कहा कि अभी 2025 में जारी हुई अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के आंकड़े ने ये साबित किया है कि आय वास्तविक औसत से रिकॉर्ड स्तर पहुंच गई है. ट्रंप गवर्मेंट एक साल में जितना आगे निकल गई हैं उतना जो बाइडेन प्रशासन पूरे कार्यकाल में नहीं कर पाया.
सेंसस ब्यूरो के आंकड़े कहते हैं कि वास्तविक घरेलू आय 2.6% बढ़कर $87,460 पहुंच गई है जो 1967 में आंकड़े को ट्रैक करना शुरू करने के बाद उच्चतम स्तर पर है. फिर इंग्राहम ने सवाल उठाया कि फिर भी रिपब्लिकन इस बात का ढिंढोरा जोर शोर से क्यों नहीं पीट रहे.
कुडलो ने भी आगे सवाल उठाया कि रिपब्लिकन अमेरिका की मजबूत होती अर्थव्यवस्था को जनता के बीच क्यों नहीं ले जाते. फॉक्स बिजनेस ने एंकर लैरी कुडलो ने भी दावा किया कि आज अमेरिका में पाइप लगाने वाले इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर और बढ़ई $2,00,000 साल का कमा रहे हैं. होस्ट इंग्राहम ने इसी बात को फिर आगे बढ़ाया और बोलीं कि आज बिना कॉलेज बिना डिग्री वाले पुरुषों के लिए भी सबसे अच्छा टाइम है.
इसके बाद ही होस्ट इनग्राहमा ने कहा कि सच में मुझे लगता है कि कैपिटल हिल में कई ऐसे रिपब्लिकन हैं जो कानून पास कराने के बोझ से मुक्त होना चाहते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस में बहुमत में होने के बाद रिपब्लिकन नेताओं पर ये जिम्मेदारी है कि ट्रंप के एजेंडे को आगे बढ़ायें. लेकिन ये नेता इस जिम्मेदारी से अब छुटकारा पाना चाहते हैं. कुछ सांसदों को लगता है अगर ट्रंप के पास बहुमत नहीं होगा तो उनको राहत मिलेगी. हालांकि इंग्राहम ने इन दावों को सही करने के लिए कोई ठोस तथ्य नहीं दिखाया.
न्यूयॉर्क टाइम्स और सिएना यूनिवर्सिटी के पोल में 51% लोगों ने कहा कि वो डेमोक्रेटिक उम्मीदवार को वोट देंगे. वहीं 43% ने कहा वो रिपब्लिकन को अपना मत देंगे. 6% ने कोई जवाब नहीं दिया. यह पोल 8-13 सितंबर को 1503 लोगों के बीच किया गया.
ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग अभी भी कई हफ्तों से लगभग 38% के आसपास बनी हुई है. ईरान युद्ध खत्म करने की डील अटक चुकी है. क्या हो रहा है कोई भी ठोस आंकलन नहीं है. जनता के सामने गैस और तेल की कीमत अमेरिका में भी लगातार बढ़ती जा रही है. टैरिफ वॉर में कनाडा सहित कई देशों से ट्रंप उलझे हुए हैं. अपनी मनमानी करने का प्रयास कर रहे हैं. इससे विरोध हो रहा है. पोल में बताया कि ट्रंप की टैरिफ नीति को लोग पसंद नहीं कर रहे हैं.
बुधवार को फॉक्स न्यूज़ के पोल में भी दिखाया गया कि कांग्रेसनल बैलेट पर डेमोक्रेट्स, रिपब्लिकन से 51% बनाम 44% आगे हैं. जबकि उसी सर्वे में यह भी बताया गया कि 61% रजिस्टर्ड वोटर्स पेट्रोल की कीमतों को बड़ी समस्या मानते हैं. वहीं साथ में 62% ने किराने के सामान की कीमतों के बारे में भी यही बात कही.
अमेरिका में 2026 के मिड टर्म इलेक्शन 3 नवंबर को होने वाला है. इन चुनावों में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव और सीनेट के लिए मतदान होगा. जैसा की नाम से समझ में आता है चुनाव है. इसका मकसद राष्ट्रपति का कामकाज देखना होता है कि उनकी सरकार ने कैसा काम किया है.
ट्रंप के लिए यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण रहने वाले हैं क्यों कि ये चुनाव यह तय करेंगे कि ट्रंप अपने बचे हुए दो वर्षों के कार्यकाल में अपने एजेंडे को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ा सकेंगे या उन्हें डेमोक्रेटिक पार्टी के नियंत्रण वाली कांग्रेस के दबाव का सामना करना पड़ेगा.
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फॉक्स न्यूज की होस्ट लॉरा इंग्राहम ने दावा किया कि कुछ रिपब्लिकन नेता 2026 के मिडटर्म चुनाव में हार से भी परहेज नहीं करेंगे ताकि उन्हें ट्रंप के एजेंडे को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी से राहत मिल सके.
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