
अमेरिका के निवर्तमान विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि देश में डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन के दूसरे कार्यकाल के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने इस बात का संकेत दे दिया कि उन्होंने राष्ट्रपति पद के चुनाव में जो बाइडन की जीत और निवर्तमान राष्ट्रपति ट्रंप की हार स्वीकार नहीं की है.
पोम्पिओ ने कहा, ‘ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण किया जाएगा. हम तैयार हैं. दुनिया देख रही है कि यहां क्या हो रहा है. हम हरेक वोट की गिनती करने वाले हैं.'
विदेश मंत्रालय के मुख्यालय ‘फॉगी बॉटम' में पत्रकारों ने उनसे सवाल किया था कि क्या उनका विभाग (निर्वाचित राष्ट्रपति) जो बाइडेन को सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण करने की तैयारी कर रहा है और अगर नहीं तो, इसमें देरी क्यों हो रही है या फिर शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण नहीं किया जाएगा?
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अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन को चुनाव में विजेता घोषित किया जा चुका है.
पोम्पिओ ने एक सवाल के जवाब में मतदान के दौरान धोखाधड़ी का आरोप भी लगाया और कहा कि इस संबंध में उन्हें दुनिया भर से फोन आ रहे हैं.
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Written by: अनुभव शाक्यअमेरिका मिडटर्म चुनाव 2026: अपने 'गढ़' भी हार गई ट्रंप की पार्टी, समझिए आखिर कैसे हुआ ये?
Reported by: Akshobh Giridharadasकिम की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने बुधवार को संकेत दिया कि वाशिंगटन के साथ फिर से बातचीत करने में उनकी कोई खास दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने कहा कि प्योंगयांग को ऐसे अविश्वसनीय और शत्रुतापूर्ण लोगों के साथ आमने-सामने बैठने की कोई जरूरत नहीं है.
अमेरिकी अरबपति और X के मालिक एलन मस्क ने मिडटर्म चुनाव के दौरान किया गया अपना चर्चित पोस्ट हटा दिया है, जिसमें मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन की अपील की गई थी.
अमेरिका का मिडटर्म चुनाव कई मायनों में काफी अहम है. इसने अब तक के चुनावी गणित को बदलकर रख दिया है. डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ों में डेमोक्रेट्स ने सेंध लगा दी है.
अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. एक वजह भारतीय-अमेरिकियों का साथ न मिलना भी है.
भी की स्थिति में ये लग रहा कि वेंस ईरान युद्ध से खुद को दूर दिखाना चाहते हैं, जिससे 2028 के चुनाव में इसका कोई असर नहीं दिखे. वहीं ट्रंप के पास ईरान युद्ध पर तुरंत यूटर्न लेना अभी मुश्किल लग रहा है.
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अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के बाद रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर पूरा कंट्रोल खत्म हो गया है. इसके बाद भारत के लिए अमेरिका से ट्रेड डील की जल्दबाजी अब कम हो गई है, जो एक अच्छी खबर है- रिपोर्ट
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव वाले दिन से जब से फ्रांसीसी कलाकार ने यह आर्टवर्क दुनिया को दिखाया है, तब से इसने ऑनलाइन और ट्रंप टावर के आसपास मौजूद सबका ध्यान खींच लिया है. कई लोग रुककर इसकी तस्वीरें खींच रहे हैं.
अमेरिका की जनता ने दिखा दिया है कि यह लोकतंत्र सभी के लिए है, यहां विभाजनकारी राजनीति के लिए जगह नहीं है. इन मुस्लिम उम्मीदवारों ने इलाज, मकान, इमिग्रेशन, नागरिक अधिकार और इजरायल-फिलिस्तीन पर अमेरिका की नीति जैसे मुद्दों पर मिडटर्म चुनाव लड़ा था.
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