
अमेरिका (America Elections 2020) में इस साल राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं. इसके लिए 3 नवंबर को वोटिंग होगी. US ने देश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में मध्यम से उच्च-कुशल H-1B व्यवसायों के लिए प्रशिक्षण में निवेश करने के लिए गुरुवार को 150 मिलियन डॉलर (1100 करोड़ से ज्यादा) की घोषणा की. श्रम विभाग ने बताया कि इन क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, उन्नत विनिर्माण और परिवहन प्रमुख हैं, जिसमें H-1B वीजा धारक के लिए अनुदान कार्यक्रम का उपयोग वर्तमान कार्यबल को बढ़ाने और भविष्य में कार्यबल को विकसित करने के लिए श्रमिकों की एक नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए किया जाएगा.
विभाग ने एक बयान में कहा कि कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) ने न केवल श्रम बाजार में व्यवधान पैदा किया है, बल्कि कई शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदाताओं और नियोक्ताओं को भी इस बात पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है कि प्रशिक्षण कैसे दिया जाए. इस कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण की रणनीति, प्रशिक्षण देने के नवीन साधनों के फायदे लेने के बारे में, ऑनलाइन, डिस्टैंस व अन्य माध्यमों के जरिए सीखने के बारे में बताया जाएगा.
स्थानीय सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से, अनुदानकर्ता अपने समुदायों में प्रमुख उद्योग क्षेत्रों के भीतर मध्यम से उच्च कुशल H-1B व्यवसायों में रोजगार के लिए आजीविका मार्ग को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कौशल वाले व्यक्तियों को प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण की तैनाती करेंगे. प्रशिक्षण मॉडल में कक्षा की एक विस्तृत श्रृंखला और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अनुकूलित प्रशिक्षण, अवलंबी कार्यकर्ता प्रशिक्षण, पंजीकृत शिक्षुता कार्यक्रम और उद्योग-मान्यता प्राप्त शिक्षुता कार्यक्रम शामिल होंगे.
गौरतलब है कि भारत सरकार ने हाल ही में बताया था कि अमेरिका में 14 सबसे बड़ी भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए 2019-20 में प्रारंभिक रोजगार के लिए 6,663 H-1B वीजा को मंजूरी दी गई है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री संजय धोत्रे ने उद्योग संगठन नासकॉम के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, 'अमेरिका में 14 सबसे बड़ी भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को 2019-20 में प्रांरभिक रोजगार के लिए 6,663 H-1B वीजा मंजूर किए गए.' उन्होंने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि इन 14 कंपनियों को सभी भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों को जारी H-1B वीजा के 85 से 90 प्रतिशत वीजा जारी किए गए.
अमेरिका में भारतीय कर रहे चुनावी घोटाला? 2 इंडियन पर लगा आरोप- धाधंली कर वोटर लिस्ट में आए, फिर वोट डाला
Edited by: आशुतोष कुमार सिंह'पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बन जाएगा', ट्रंप ने फ्रांस में लगी आग पर दिया बड़ा बयान
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहमिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप की लोकप्रियता रिकॉर्ड निचले स्तर पर; जानें क्यों बढ़ी टेंशन?
Written by: अजय कुमार पटेलअमेरिका के कैलिफोर्निया में चुनाव धोखाधड़ी के आरोप में 28 ग्रीन कार्ड धारकों पर मामला दर्ज किया गया है, जिनमें दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. जानिए कि 30 साल के अमनदीप कौर और 67 साल के कमलेश शाह पर क्या आरोप लगे हैं.
अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने जा रहे हैं और डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक पार्टी को भारी बढ़त मिलती दिख रही है. ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप हर मुमकिन रणनीति अपना रहे हैं ताकि वोटरों को रिपब्लिकन पार्टी और उनके 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) आंदोलन का समर्थन करने के लिए राजी किया जा सके.
अमेरिका में Reuters/Ipsos के ताजा सर्वे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 31% पर पहुंच गई है, जो उनके दोनों कार्यकालों का सबसे निचला स्तर है. संसद चुनाव को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी को 12 अंकों की बढ़त मिली है.
अमेरिका में डीजल की ऊंची कीमतें एक बढ़ती हुई राजनीतिक और आर्थिक चिंता बन गई हैं. इस कारण महंगाई बढ़ रही है.
ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने वालों पर 100% टैरिफ लगाने वाले फैसले पर रोक लगा दी है. इसे लेकर विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर के नतीजे को देखने के लिए यह छूट दी गई है.
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव बहुत कुछ तय करने जा रहा है. ऐसा ट्रंप के MAGA सहयोगियों का मानना है. वो बैलेट से चुनाव चाहते हैं. अब सब कुछ ट्रंप के ऊपर निर्भर करता है कि वो क्या फैसले लेते हैं.
केरल में जन्मीं एक लड़की, हार्वर्ड और MIT की पढ़ाई, छह साल का सिटी काउंसिल अनुभव और अब लॉस एंजिलिस की पहली भारतीय-अमेरिकी मेयर बनने की दहलीज पर. नित्या रमन का राजनीतिक सफर दुनियाभर के भारतीयों का ध्यान खींच रहा है.
दुनिया के इकलौते ट्रिलियनेयर एलन मस्क चुपचाप इस साल के मिड-टर्म चुनावों में सबसे बड़े डोनर बन गए हैं. उन्होंने अमेरिकी संसद में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत बचाने की कोशिश में जुलाई से अब तक 276 मिलियन डॉलर से ज्यादा दान दिए हैं.
ईरान जंग की वजह से अमेरिका में तेल की कीमतें बढ़ी हैं और इसका असर डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी पर पड़ रहा है. पहले ट्रंप ने चुनाव जीतने के बाद हर अमेरिकी वयस्क को 5000 डॉलर देने का वादा किया और अब टैक्स फ्री रेड डीजल सबके लिए उपलब्ध करा दिया है.
इस साल नवंबर में होने वाले मिडटर्म इलेक्शन कैसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मेक अमेरिका ग्रेट अगेन और अमेरिका फर्स्ट नीति की परीक्षा होगी, बता रहे हैं अमेरिकी मामलों के जानकारी डॉक्टर मनन द्विवेदी.
