
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल के दिनों में सहयोगियों से कहा है कि जो बाइडेन की जीत की राह बहुत कम हो गई है और उन्हें लगता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति को अपनी उम्मीदवारी पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है. वाशिंगटन पोस्ट ने बृहस्पतिवार को ओबामा की सोच के बारे में जानकारी देने वाले कई लोगों का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी.
कोरोना से पीड़ित हैं बाइडेन
जो बाइडन फिलहाल कोरोना से संक्रमित हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने इस बात की जानकारी दी है. लास वेगास में यूनिडोसयूएस सम्मेलन में भाषण से पहले उनका कोरोना टेस्ट करवाया गया था, जिसकी रिपोर्ट में जो बाइडन कोरोना संक्रमित पाए गए हैं. अब इस बीच ओबामा के इस सलाह के बाद बाइडेन की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. कारण यह है कि उनकी उम्र को लेकर भी उन्हीं की पार्टी के लोग सवाल उठाने लगे हैं. साथ ही डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता भी बढ़ती जा रही है.
कैसा है अमेरिका में माहौल?
भारतीय मूल के अमेरिकी बिजनेसमैन शलभ कुमार ने एनडीटीवी को बताया कि 13 जुलाई को ट्रंप पर हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का नतीजा तय हो गया है. कैंपेन करीब-करीब खत्म हो गया है. शलभ कुमार अमेरिका में जाने-माने बैंकर हैं और रिपब्लिकन हिंदू कोलिशन के फाउंडर भी हैं. शलभ कुमार ने शिकागो से बुधवार देर रात NDTV से खास इंटरव्यू में ये बातें कही. शलभ कुमार ने कहा, "इस स्टेज पर डेमोक्रेट्स के लिए यह तय कर पाना बहुत मुश्किल है कि ट्रंप को कैसे काउंटर करे. खुद राष्ट्रपति जो बाइडेन को भी अपना अगला कदम तय करने में दिक्कत होगी. जाहिर तौर पर ट्रंप पर हुए हमले के बाद चुनाव से पहले ही चुनाव के नतीजे तय हो चुके हैं."
कब है अमेरिका में चुनाव?
अमेरिका में नवंबर में चुनाव होने हैं. अगर मौजूदा डेमोक्रेट राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) चुनाव लड़ते हैं तो उनका मुकाबला रिपब्लिकन पार्टी के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) से होगा. इस महत्वपूर्ण चुनाव का माहौल ट्रंप की हत्या की कोशिश से काफी गर्मा गया है. अमेरिका में हर जगह ट्रंप की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है. यहां तक की उनके विरोधी भी अब उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे हैं. अमेरिका में 5 नवंबर 2024 को चुनाव होंगे और जनवरी 2025 में अगले राष्ट्रपति पदासीन हो जाएंगे. यहां अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया की टाइमलाइन दी जा रही है.
चीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
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दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
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