
चुनाव आयोग ने उन आरोपों को नकार दिया है, जिसमें कहा गया था कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन को हैक किया जा सकता है. आयोग का कहना है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ संभव नहीं है.दरअसल बीते साल लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक और दुनिया के सबस रईस व्यक्ति एलन मस्क ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है.
मस्क ने 15 जून 20224 को किए एक ट्वीट में कहा था कि ईवीएम का इस्तेमाल खत्म कर देना चाहिए. इसके किसी इंसान या आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के जरिए हैक किया जा सकता है.
We should eliminate electronic voting machines. The risk of being hacked by humans or AI, while small, is still too high. https://t.co/PHzJsoXpLh
— Elon Musk (@elonmusk) June 15, 2024
मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के लिए बुलाई गए संवाददाता सम्मेलन में राजीव कुमार ने इन आरोपों पर जवाब दिए.मुख्य चुनाव आयुक्त ने हालांकि किसी व्यक्ति का नाम तो नहीं लिया. लेकिन इशारे-इशारे में ही जवाब दिया. उन्होंने कहा कि एक तकनीकविद हैं, जो ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं. इस संबंध में उन्होंने कहा कि वो जो बात कह रहे हैं, वह अमेरिका में तो हो सकता है, जहां अलग-अलग इलेक्ट्रानिक तरीके से मतदान कराया जा सकता है. वहां की मशीने इंटरनेट से जुड़ी रहती हैं. लेकिन भारत में ऐसा संभव नहीं है.
चुनाव आयोग ने कहा कि भारत के ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है.उन्होंने कहा कि ईवीएम में कोई बग या वायरस नहीं है.उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट कई बार यह कह चुका है कि इसे हैक नहीं किया सकता है. यह आरोप बेबुनियाद है.
चीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
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Edited by: आशुतोष कुमार सिंहFact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
LIVE: बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी आज कोलकाता और श्रीरामपुर में रैली कर सकते हैं. दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तपती धूप और गर्मी से बुरा हाल है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. देश-दुनिया का हर अपडेट यहां देखें.
Iran War: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. शायद यही वजह है कि ट्रंप के मन में युद्ध खत्म करने का विचार आने लगा है.
हंगरी में विपक्षी नेता पीटर मैग्यार (Peter Magyar) और उनकी तिसा पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संसद की 199 सीटों में से 138 सीटों पर कब्जा कर लिया है.
हंगरी के संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिज्सा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर ओर्बन के 16 साल के शासन का अंत किया. विक्टर ओर्बन की हार का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती मानी जा रही है, जिससे जनता में निराशा थी.

