
अमेरिका (America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) के एक पूर्व सहयोगी की किताब से US में हड़कंप मचा हुआ है. किताब के हवाले से यह कहा गया है कि ट्रम्प ने चीन (China) के नेता शी जिनपिंग (Xi Jinping) से 2020 में फिर से चुनाव जीतने के लिए मदद की गुहार लगाई. अमेरिकी राष्ट्रपति के पूर्व सहयोगी जॉन बोल्टन (John Bolton) ने अपनी किताब में यह चौंकाने वाला दावा किया है. बोल्टन अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रह चुके हैं.
बुधवार को प्रकाशित किताब के अंशों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले जून में एक शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग के साथ मुलाकात की थी. इस दौरान ट्रम्प ने आश्चर्यजनक रूप से शी के सामने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बातचीत शुरू कर दी थी. वह कहने लगे कि किस तरह से चीन की आर्थिक क्षमता ऐसी है कि वह अमेरिका में जारी चुनावी प्रचार अभियान पर असर डाल सकती है. जॉन बोल्टन ने लिखा है कि इसी दौरान ट्रम्प ने शी जिनपिंग से उन्हें जिताने की अपील की.
द वाशिंगटन पोस्ट, द न्यूयॉर्क टाइम्स और द वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा प्रकाशित अंशों में, बोल्टन लिखते हैं कि डोनाल्ड ट्रम्प ने बातचीत में अमेरिका के किसानों के महत्व पर जोर दिया और कैसे सोयाबीन और गेहूं की चीनी खरीद में वृद्धि, संयुक्त राज्य में चुनावी परिणाम को प्रभावित कर सकती है, पर चर्चा की.
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Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
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Iran War: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. शायद यही वजह है कि ट्रंप के मन में युद्ध खत्म करने का विचार आने लगा है.
हंगरी में विपक्षी नेता पीटर मैग्यार (Peter Magyar) और उनकी तिसा पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संसद की 199 सीटों में से 138 सीटों पर कब्जा कर लिया है.
हंगरी के संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिज्सा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर ओर्बन के 16 साल के शासन का अंत किया. विक्टर ओर्बन की हार का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती मानी जा रही है, जिससे जनता में निराशा थी.

