
अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए. ऐसी संभावना है कि भाजपा उन्हें पंजाब के अमृतसर से लोकसभा चुनाव मैदान में उतार सकती है. पार्टी महासचिव विनोद तावड़े और तरुण चुघ की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की .भाजपा में शामिल होते हुए संधू ने भारत-अमेरिका संबंधों की प्रगति के बारे में बात की और कहा कि सेमीकंडक्टर उद्योग जैसे कई क्षेत्रों में विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है.
भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध साझेदारी में विकसित हुए हैं जो दोनों के लिए जीत की स्थिति है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका लाभ रोजगार के अवसरों और विकास के मामले में अमृतसर जैसे भारत के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचना चाहिए.
भाजपा पंजाब में बहुसंख्यक सिखों के बीच अपना समर्थन व्यापक बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है और उसे उम्मीद है कि लोकसभा चुनावों में राज्य में इसका प्रभाव दिखेगा.
सत्तारूढ़ दल अमृतसर को वापस जीतने के लिए उत्सुक है. भाजपा के लिए नवजोत सिंह सिद्धू ने 2009 में आखिरी बार यहां से जीत हासिल की थी. इसके बाद से पार्टी यह सीट जीतने में नाकाम रही है. सिद्धू अब कांग्रेस में हैं और इस सीट का प्रतिनिधित्व पार्टी के सदस्य गुरजीत सिंह औजला कर रहे हैं.
भाजपा के दिवंगत नेता अरुण जेटली और हरदीप सिंह पुरी को क्रमशः 2014 और 2019 में अमृतसर से हार का सामना करना पड़ा था. पुरी केंद्र सरकार में मंत्री हैं.
पार्टी का मानना है कि संधू अमृतसर के ही हैं और एक सम्मानित जाट सिख परिवार से आते हैं. कांग्रेस से यह सीट छीनने में संधू उसके लिए अच्छा दांव साबित हो सकते हैं. मतदाताओं के विभिन्न वर्गों के साथ संपर्क बनाने के लिए संधू महीनों से निर्वाचन क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं.
अमेरिका में हनुमान जी की 90 फीट ऊंची मूर्ति तोड़ने की धमकी, चुनाव से पहले हिंदू के खिलाफ नफरत कौन फैला रहा?
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहट्रंप को मध्यावधि चुनाव में रोकने की सीक्रेट साजिश! अमेरिकी मीडिया का दावा- करीबी लोग ही नहीं चाहते जीत
Written by: Devbrat Tiwari, Edited by: चंदन सिंह राजपूत"ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा साम्राज्य खड़ा कर रहे हैं AI दिग्गज", मशहूर इतिहासकार की चेतावनी!
Written by: सुधांशु शुभमअमेरिका के टेक्सास में भगवान हनुमान की 90 फीट ऊंची मूर्ति को मिडटर्म चुनावों से पहले राजनीतिक बहस का केंद्र बना दिया गया है. टेक्सास के शुगर लैंड में अष्टलक्ष्मी मंदिर में लगी ‘स्टैच्यू ऑफ द यूनियन’ नाम की यह मूर्ति अगस्त 2024 में स्थापना के बाद से ही विवाद के केंद्र में है.
फॉक्स न्यूज की होस्ट लॉरा इंग्राहम ने दावा किया कि कुछ रिपब्लिकन नेता 2026 के मिडटर्म चुनाव में हार से भी परहेज नहीं करेंगे ताकि उन्हें ट्रंप के एजेंडे को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी से राहत मिल सके.
इतिहासकार William Dalrymple ने चेतावनी दी है कि आज की बड़ी अमेरिकी Tech और AI कंपनियां ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह ही बेहद शक्तिशाली 'कंपनी-राज्य' बनती जा रही हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने मिडटर्म चुनावों से ठीक पहले नियम बदल दी थी, उनकी सरकार कह रही थी कि इनका मकसद चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाना है. लेकिन राज्यों का कहना था कि वोटिंग शुरू होने के इतने करीब इस तरह के बदलाव लागू करना संभव नहीं है.
ट्रंप का हर अमेरिकी को 5,000 डॉलर देने का वादा कितना सच, कितना कानूनी? जीत के बाद पैसा कहां से आएगा
डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ईरान जंग में उलझी हुई है, अमेरिका में तेल महंगा हुआ पड़ा है. ऐसे में मिडटर्म चुनावों में ट्रंप की पार्टी डेमोक्रेट्स के मुकाबले संघर्ष कर रही है. ट्रंप अब वोटरों को रिझाने का नया तरीका लेकर आए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के तुरंत बाद ईरान से जुड़ा युद्ध समाप्त हो जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि तेहरान सत्ता परिवर्तन की उम्मीद में संघर्ष को लंबा खींच रहा है और उसका अंतिम लक्ष्य परमाणु हथियार हासिल करना है.
जेडी वेंस ने ओहियो में एक रैली के दौरान शरिया कानून पर अल सईद की पुरानी टिप्पणियों की आलोचना की थी. जिसके बाद अल सईद ने उनकी पत्नी उषा वेंस को इस वार-पलटवार में घसीट लिया.
अमेरिका में कड़े चुनावी कानूनों की पैरवी करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय चुनावी सिस्टम की तारीफ की है. इसके साथ ही उन्होंने 'सेव अमेरिका एक्ट' पास कराने की मांग की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के चुनावी मॉडल की तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में हर मतदाता के लिए वैध फोटो पहचान पत्र जरूरी है. उन्होंने अमेरिका में SAVE America Act पारित करने की मांग दोहराई.
