सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देने और देश छोड़कर भागने के लिए मजबूर होने के डेढ़ साल से अधिक समय बाद, आखिरकार वहां चुनाव का समय आ गया है. हसीना की पार्टी अवामी लीग फरवरी में होने वाले चुनावों में बैन के कारण भाग नहीं ले पा रही है. इसके चलते जमात-ए-इस्लामी को अब तक की सबसे बड़ी जीत मिलने की उम्मीद है. इसे भांपते हुए अमेरिका अब बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टी के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है.
12 फरवरी को होने वाले चुनाव में खालिदा जिया बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) और उसकी पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच मुकाबला होगा. जमात-ए-इस्लामी ने कहा है कि वह बीएनपी के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है.
कोलंबिया में राष्ट्रपति चुनाव का रिजल्ट आते लोग क्यों जलाने लगे अमेरिकी झंडे? दंगे का ट्रंप कनेक्शन
Edited by: Ashutosh Kumar Singhचर्चिल, जॉर्ज बुश से इंदिरा तक एक ही कहानी - WAR हीरो, चुनाव ZERO; ट्रंप-नेतन्याहू का क्या होगा?
Reported by: Nikhil Dubey, Edited by: अभिषेक पारीक'नीति का प्रचार, लेकिन ट्रंप से दूरी', अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन से पहले रिपब्लिकन की नई रणनीति
Edited by: चंदन वत्स© Copyright NDTV Convergence Limited 2026. All rights reserved.