अमेरिका चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ऐतिहासिक जीत हासिल कर लिया है. प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठनों ने तीन नवंबर के राष्ट्रपति चुनावों में बाइडेन को विजेता घोषित किया है. टीवी नेटवर्क ने शनिवार को अनुमान लगाया है कि डेमोक्रेट के राष्ट्रपति उम्मीदवार जो बाइडेन (Joe Biden) ने डोनाल्ड ट्रम्प को शिकस्त देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए जीत दर्ज कर ली. सीएनएन, एनबीसी न्यूज और सीबीएस न्यूज ने यूएस चुनाव में राष्ट्रपति उम्मीदवार की दौड़ में जीत बाइडेन के पक्ष में बताया. यह जीत निर्णायक राज्य पेनसिल्वेनिया में बाइडेन के जीत के बाद प्रोजेक्ट किया गया. इस राज्य में जीत के बाद बाइडेन को 270 से अधिक ‘इलेक्टोरल कॉलेज वोट' मिल गये जो जीत के लिए जरूरी थे. पेन्सिलवेनिया के 20 इलेक्टोरल वोटों के साथ बाइडेन के पास अब कुल 273 इलेक्टोरल वोट हो गये हैं.
डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन शुक्रवार को महत्वपूर्ण राज्यों जॉर्जिया और पेन्सिलवेनिया में अपने प्रतिद्वंद्वी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आगे चल रहे थे. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की कंपेन टीम ने हार तय देख शुक्रवार को बयान जारी कर कहा था कि जो बाइडेन (Joe Biden) की संभावित जीत को वह कोर्ट में चुनौती देंगे. ट्रंप की कंपेन टीम के जनरल काउंसिल मैट मार्गन का कहना है कि बाइडेन की जीत का दावा झूठा है और चुनावी दौड़ अभी खत्म नहीं हुई है. अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव परिणाम अब कानूनी लड़ाई में फंसता हुआ दिख रहा है.
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प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठन के मुताबिक, कमला हैरिस पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली दक्षिण एशियाई उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुईं. हालांकि, इस घोषणा के बाद ट्रम्प की तरफ से कोई भी तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन मंगलवार के चुनाव के बाद से वोटों की गिनती के दौरान जैसे ही बाइडेन ने बढ़त ली, रिपब्लिकन राष्ट्रपति ट्रंप ने बाइडेन पर धोखाधड़ी के कई आरोप लगाया. इससे पहले शनिवार को, जब वह वर्जीनिया में अपने गोल्फ कोर्स की ओर बढ़ रहे थे, उन्होंने यह ट्वीट करते हुए कहा: "I WON THIS ELECTION, BY A LOT!"
जो बाइडेन को रिकॉर्ड 74 मिलियन से ज्यादा वोट मिले. सन् 1990 में जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश के बाद डोनाल्ड ट्रंप ही ऐसे राष्ट्रपति होंगे, जो अपने एक कार्यकाल के बाद चुनाव में हार गए.
डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने से पहले बाइडेन पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति पद पर रह चुके हैं. वह डेलावेयर के सबसे लंबे समय तक सीनेटर रहे हैं. भारतवंशी सीनेटर कमला हैरिस अमेरिका में उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित होने वाली पहली महिला हैं. 56 वर्षीय हैरिस देश की पहली भारतवंशी, अश्वेत और अफ्रीकी अमेरिकी उपराष्ट्रपति होंगी. बाइडेन और हैरिस अगले वर्ष 20 जनवरी को पद की शपथ लेंगे.
बाइडेन ने ट्वीट किया, ‘‘अमेरिका, आपने हमारे महान देश का नेतृत्व करने के लिए मुझे चुना, इससे मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं. आगे का काम मुश्किल जरूर है लेकिन मैं आपसे वादा करता हूं: मैं सभी अमेरिकियों का राष्ट्रपति बनूंगा-भले ही आपने मुझे अपना मत दिया हो या नहीं. आपने मुझमें जो भरोसा जताया है, मैं उसे कायम रखूंगा.''
पेनसिल्वेनिया, एरिजोना, नेवाडा और जॉर्जिया में मतगणना अभी भी चल रही है. इन चारों राज्यों में बाइडेन को अच्छी खासी बढ़त मिल चुकी है. सीएनएन ने कहा, ‘‘जो बाइडेन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति होंगे.'' वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा, ‘‘एडिसन रिसर्च के मुताबिक पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन के पेन्सिलवेनिया में जीतने और इसके 20 इलेक्टोरल वोट पाने के आसार हैं. इससे उनके पास आवश्यक 270 से अधिक मत हो जाएंगे.'' स्थानीय समयानुसार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे स्थिति काफी स्पष्ट हो गई. न्यूयार्क टाइम्स ने लिखा, ‘‘जोसफ रॉबिनेटे बाइडेन जूनियर शनिवार को अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति चुने गए.'' (इनपुट भाषा से भी)
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