
अमेरिका (America Elections 2020) में चुनावी माहौल के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति अपने चरम पर है. आज (गुरुवार, भारतीय समयानुसार) सुबह डेमोक्रेटिक पार्टी की उप-राष्ट्रपति पद की भारतीय मूल की उम्मीदवार कमला हैरिस (Kamala Harris) और अमेरिका के उप-राष्ट्रपति माइक पेंस (Mike Pence) के बीच वाइस-प्रेसिडेंशियल डिबेट हुई. हैरिस ने कोरोनावायरस (Coronavirus) के मामले में ट्रम्प सरकार को जमकर घेरा. उन्होंने कहा कि कोई भी अमेरिकी सरकार इस तरह के मामलों में कभी इतनी बुरी तरह नाकाम नहीं रही.
कमला हैरिस ने कहा, 'अमेरिकी नागरिक इस बात के गवाह है कि US के इतिहास में देश की कोई भी सरकार इतनी बुरी तरह से कभी फेल नहीं हुई है.' कोरोना वैक्सीन पर बोलते हुए उन्होंने कहा, 'अगर पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल्स, अगर डॉक्टर फौसी या दूसरे डॉक्टर हमसे कहेंगे कि ये हमें लेनी चाहिए, तो सबसे पहले वैक्सीन मैं लूंगी लेकिन अगर डोनाल्ड ट्रम्प वैक्सीन लेने के लिए कहेंगे तो मैं इसे नहीं लूंगी.'
डोनाल्ड ट्रम्प अभी भी कोरोना संक्रमित हैं तो नहीं करनी चाहिए दूसरी प्रेसिडेंशियल डिबेट : जो बाइडेन
माइक पेंस ने कमला हैरिस पर पलटवार करते हुए कोरोना की वैक्सीन को लेकर जनता के विश्वास को कम करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इससे डोनाल्ड ट्रम्प की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठेंगे. बता दें कि अमेरिका में कोरोना के मामले 75 लाख के करीब पहुंच गए हैं. वहां 43 लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं. US में अब तक 2.10 लाख लोगों की कोरोना से जान गई है.
कोरोना 'नेगेटिव' होना ठीक होने की गारंटी नहीं, मरीजों को ठीक होने में लग रहा वक्त
गौरतलब है कि भारत समेत दुनियाभर के 180 से ज्यादा देशों में COVID-19 का खौफ देखने को मिल रहा है. अभी तक 3.61 करोड़ से ज्यादा लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं. कोरोना से 10.55 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. भारत (Coronavirus India Report) में भी हर रोज कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. देश में संक्रमितों की संख्या 68 लाख पार हो गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज (गुरुवार) सुबह जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, कोरोना मरीजों की संख्या 68,35,655 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 78,524 नए मामले सामने आए हैं. इस दौरान 83,011 मरीज ठीक हुए हैं. 24 घंटों में 971 लोगों की मौत हुई है.
VIDEO: COVID-19 से पीड़ित डोनाल्ड ट्रम्प की सेहत पर अटकलों का दौर
ट्रंप कैबिनेट से इस्तीफा, राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की तैयारी; क्या करने वाले हैं मार्कों रुबियो? खुद बताया प्लान
Written by: अजय कुमार पटेलट्रंप की चुनावी हार पर जेलेंस्की, मोजतबा और किम की बहन का आया रिएक्शन; बाकी देशों ने भी दिए बयान
Edited by: विजय शंकर पांडेयएलन मस्क ने हटाया 'रिपब्लिकन को वोट दो' वाला पोस्ट, ट्रंप की हार पर चुटकी भी ली
Written by: अनुभव शाक्यअमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्रंप प्रशासन छोड़ने और 2028 राष्ट्रपति चुनाव लड़ने संबंधी खबरों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप का कार्यकाल पूरा होने तक प्रशासन में बने रहना उनकी योजना है.
किम की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने बुधवार को संकेत दिया कि वाशिंगटन के साथ फिर से बातचीत करने में उनकी कोई खास दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने कहा कि प्योंगयांग को ऐसे अविश्वसनीय और शत्रुतापूर्ण लोगों के साथ आमने-सामने बैठने की कोई जरूरत नहीं है.
अमेरिकी अरबपति और X के मालिक एलन मस्क ने मिडटर्म चुनाव के दौरान किया गया अपना चर्चित पोस्ट हटा दिया है, जिसमें मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन की अपील की गई थी.
अमेरिका का मिडटर्म चुनाव कई मायनों में काफी अहम है. इसने अब तक के चुनावी गणित को बदलकर रख दिया है. डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ों में डेमोक्रेट्स ने सेंध लगा दी है.
अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. एक वजह भारतीय-अमेरिकियों का साथ न मिलना भी है.
भी की स्थिति में ये लग रहा कि वेंस ईरान युद्ध से खुद को दूर दिखाना चाहते हैं, जिससे 2028 के चुनाव में इसका कोई असर नहीं दिखे. वहीं ट्रंप के पास ईरान युद्ध पर तुरंत यूटर्न लेना अभी मुश्किल लग रहा है.
स्वामी प्रसाद मौर्य के बागेश्वर बाबा पर विवादित बयान, आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, राहुल गांधी की रैली, AMU छात्रसंघ चुनाव, दिल्ली में इमारत हादसा, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट, शेयर बाजार में तेजी और विराट कोहली से जुड़ी खबरों समेत पढ़िए 5 नवंबर 2026 की 10 बड़ी खबरें.
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के बाद रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर पूरा कंट्रोल खत्म हो गया है. इसके बाद भारत के लिए अमेरिका से ट्रेड डील की जल्दबाजी अब कम हो गई है, जो एक अच्छी खबर है- रिपोर्ट
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव वाले दिन से जब से फ्रांसीसी कलाकार ने यह आर्टवर्क दुनिया को दिखाया है, तब से इसने ऑनलाइन और ट्रंप टावर के आसपास मौजूद सबका ध्यान खींच लिया है. कई लोग रुककर इसकी तस्वीरें खींच रहे हैं.
अमेरिका की जनता ने दिखा दिया है कि यह लोकतंत्र सभी के लिए है, यहां विभाजनकारी राजनीति के लिए जगह नहीं है. इन मुस्लिम उम्मीदवारों ने इलाज, मकान, इमिग्रेशन, नागरिक अधिकार और इजरायल-फिलिस्तीन पर अमेरिका की नीति जैसे मुद्दों पर मिडटर्म चुनाव लड़ा था.
