
Zohran Mamdani: अमेरिका में फिलहाल जो एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, वो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नहीं बल्कि जोहरान मामदानी का है. भारतीय मूल के ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर के मेयर का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है, वो राष्ट्रपति ट्रंप के धुर विरोधी हैं और यही वजह है कि उनकी जीत को ट्रंप सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. मेयर चुनाव की इस चर्चा के बीच आज हम आपको अमेरिका और भारत के मेयर में अंतर और इनके काम करने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं. साथ ही ये भी जानेंगे कि अमेरिका में मेयर का चुनाव कैसे होता है और कौन इसमें वोट करता है.
जोहरान मामदानी के पक्ष में शुरुआत से ही माहौल बनने लगा था, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी भी दे दी थी कि अगर वो चुनाव जीते तो न्यूयॉर्क सिटी का फंड रोक दिया जाएगा. इसके अलावा एलन मस्क ने भी ममदानी को रोकने के लिए पूरा जोर लगाया था, हालांकि चुनाव में अब उनकी जीत हो चुकी है और यही वजह है कि दुनियाभर में ममदानी का नाम चर्चा में है. ममदानी को अपने शानदार भाषणों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का बेहतरीन इस्तेमाल करने के लिए जाना जाता है.
अमेरिका के बड़े शहर न्यूयॉर्क में हर चार साल में मेयर के चुनाव कराए जाते हैं. इसके लिए पहले पार्टी स्तर पर चुनाव कराए जाते हैं और फिर सबसे आगे रहने वाले उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतरने का मौका मिलता है. डेमोक्रेटिक, रिपब्लिकन जैसी पार्टियां जून में प्राइमरी इलेक्शन करवाती हैं, जिसके बाद अपने उम्मीदवार का चयन किया जाता है.
कैसे होती है वोटिंग?
वोटिंग की बात करें तो न्यूयॉर्क में मेयर का प्राइमरी चुनाव रैंक च्वाइस वोटिंग से होता है. इसमें वोटर्स को पांच उम्मीदवारों को चुनना होता है, जिसके बाद उन्हें 1, 2, 3, 4 और 5 की रैंक देनी होती है. जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा पहली रैंक वाले वोट मिलते हैं या फिर 50 फीसदी से ज्यादा वोट मिलते हैं, वो आम चुनाव में उतरता है. आम चुनाव के नतीजे साधारण बहुमत पर तय होते हैं, यानी शहर के लोग जिसे सबसे ज्यादा वोट करते हैं, वही उम्मीदवार चुनाव जीतकर आता है.
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क्या होती हैं पावर?
मेयर शहर का मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की तरह होता है. मेयर की जिम्मेदारी होती है कि वो करीब 40 सिटी एजेंसियों और आयोगों की देखरेख करता है और शहर के सालाना बजट को तैयार कर लागू करना भी उसी की ड्यूटी होती है. NYC मेयर चुनावों में वोट डालने के लिए अमेरिकी नागरिक होना जरूरी है. साथ ही चुनाव के दिन वोटर की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए.
कितनी मिलती है सैलरी?
अमेरिका में न्यूयॉर्क सिटी के मेयर को करीब $250,000 सालाना सैलरी मिलती है. भारतीय रुपये में ये 2,21,90,450 होती है. यानी जोहरान मामदानी को इस जीत के बाद एक बड़ी सैलरी मिलेगी. ममदानी की एनुअल नेटवर्थ की बात करें तो ये $142,000 है.
भारत में कैसे होते हैं मेयर के चुनाव?
भारत में पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले कस्बों और शहरों में नगर निकाय और नगर निगम होते हैं. इनमें एक सबसे बड़ा प्रतिनिधि चुना जाता है, जिसे मेयर कहा जाता है. इसे ही शहर का प्रथम नागरिक कहा जाता है. कई जगह मेयर को महापौर भी कहा जाता है. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के मेयर काफी ताकतवर होते हैं. भारत में मेयर का कार्यकाल पांच साल का होता है.
कौन डालता है वोट?
जिस महानगर में मेयर पद के लिए चुनाव हो रहा है, वहां रहने वाले लोग इसके लिए वोटिंग करते हैं. यूपी में मेयर चुनाव ईवीएम से कराए जाते हैं और वोटों की गिनती बाकी बड़े चुनावों जैसी होती है. तमाम बड़े दल अपने मेयर उम्मीदवार को मैदान में उतारते हैं. सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार चुनाव जीत जाता है.
क्या होती हैं जिम्मेदारियां?
भारत में अलग-अलग महानगरों के मेयर के पास कई तरह की जिम्मेदारियां होती हैं. स्थानीय कामकाज को संभालना, पार्षदों के साथ क्षेत्र की विकास परियोजनाओं पर काम करना, सफाई, सड़क और गलियों की मरम्मत, सीवर, सौंदर्यीकरण, पानी और बाकी कई तरह की चीजें देखने की जिम्मेदारी भी मेयर की होती है. मेयर की मंजूरी के बिना नगर निगम में कोई भी काम नहीं कराया जा सकता है. मेयर को दो करोड़ की राशि शहर के विकास और बाकी कामों के लिए दी जाती है.
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