
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने इजरायल-हमास की जंग, रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान-इजरायल में बढ़ते टकराव के बीच दुनिया के डार्क पिक्चर को लेकर चिंता जाहिर की है. एस जयशंकर ने मौजूदा हालात को देखते हुए दुनिया के लिए अगले 5 साल की भयावह भविष्यवाणी भी कर दी है. विदेश मंत्री ने कहा, "आने वाले 5 साल दुनिया के लिए बेहद भयानक होने वाले हैं. दुनिया युद्ध के मुहाने पर खड़ी है."
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक इवेंट में ये बातें कही. उन्होंने कहा, "रूस और यूक्रेन के जंग के बीच ढाई साल से ज्यादा समय से जंग चल रही है. इससे वेस्ट एशिया में मिलिट्री टेंशन बढ़ता जा रहा है. जबकि साउथ ईस्ट में भी उथल-पुथल शुरू हो चुकी है. दुनिया के सामने आर्थिक चुनौतियां बड़ी होती जा रही हैं. वहीं, क्लाइमेट चेंज (Climate Change) भी हमारी चिंता को बढ़ा रहा है."
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दरअसल, नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित इवेंट में विदेश मंत्री एस जयशंकर से दुनिया के मौजूदा हालात को लेकर सवाल किए गए थे. विदेश मंत्री से पूछा गया था कि दुनिया के ताजा हालात पर उनकी क्या राय है? इसके जवाब में जयशंकर ने कहा, "मैं एक आशावादी इंसान हूं. आम तौर पर मैं समाधान से निकलने वाली समस्याओं के बजाय समस्याओं के समाधान के बारे में सोचता हूं. मैं बहुत संयम के साथ कहूंगा कि हम एक असाधारण कठिन दौर से गुजर रहे हैं."
#WATCH | Delhi | On being asked how he sees the world today, EAM Dr S Jaishankar says, "...We are going through an exceptionally difficult period. If I were to say give a 5-year forecast, then it would be a grim forecast. And I think the answers are there, you see what is… pic.twitter.com/JVgWwetsco
— ANI (@ANI) August 13, 2024
हम कोरोना को टेकेन फॉर ग्रांटेंड लेने लगे
जयशंकर ने कहा, "मेरे पास दुनिया के लिए 5 साल की भविष्यवाणी है... आप देखिए मिडिल ईस्ट में क्या हो रहा है. यूक्रेन में क्या चल रहा है. साउथ ईस्ट और ईस्ट एशिया की तरफ भी नज़र दौड़ाइए. एक ये भी बड़ी बात है कि हम अभी भी कोरोना महामारी के प्रभाव में हैं. जो इस महामारी से बच निकला है, वो इसे टेकेन फॉर ग्रांटेंड (हल्के में लेना) ले रहा है. कितने लोग इस महामारी से अब तक उबर नहीं पाए हैं."
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विदेश मंत्री ने कहा, "मिडिल ईस्ट या वेस्ट एशिया की बात करें, तो वहां अशांति बढ़ती जा रही है. सोमवार को अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने ईरान से जंग की संभावनाओं को खत्म करने को कहा."
जंग से बढ़ रही हैं आर्थिक चुनौतियां
जयशंकर ने दुनिया में चल रही दो जंग और ईरान-इजरायल में बढ़ते मनमुटाव पर कहा, "इनके बीच का तनाव धीरे-धीरे आर्थिक चुनौतियों में तब्दील होता जा रहा है. जैसे बीते साल रूस और यूक्रेन में चल रही जंग की वजह से ईंधन के दामों में बढ़ोतरी हो गई थी. उर्वरकों के दाम में भी अचानक से इजाफा दर्ज किया गया था.
लाल सागर में बढ़ रही समुद्री लुटेरों की घटनाएं
विदेश मंत्री ने इसके साथ ही लाल सागर में समुद्री लुटेरों की घटनाओं पर भी चिंता जताई है. ईरान समर्थित हूथी मिलिशिया के लड़ाके कमर्शियल जहाजों को टारगेट कर रहे हैं." उन्होंने कहा- लाल सागर में जो हो रहा है, वो अब सिर्फ न्यूज तक सीमित नहीं रह गया. इसके भयंकर परिणाम होने जा रहे हैं."
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अमेरिका में जो जीतेगा, भारत उसके साथ
जयशंकर ने इस दौरान अमेरिका के इलेक्शन पर ज्यादा कुछ तो नहीं बोला, लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिका में चाहे ट्रंप आए या कमला हैरिस... जो भी आएगा भारत सरकार उसके साथ काम करने को तैयार है.
बता दें कि अमेरिका में 5 नवंबर को राष्ट्रपति के चुनाव होने हैं. पहले रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप और मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच मुकाबला होने वाला था. लेकिन बाइडेन ने स्वास्थ्य का हवावा देते हुए नॉमिनेशन वापस ले लिया. अब कमला हैरिस डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवार हैं.
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