
अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हैं. रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से कमला हैरिस मैदान में हैं. दोनों ही कैंडिडेट्स के सपोर्ट में लगातार आम जनता और सेलेब्स पोस्ट और ट्वीट कर रहे हैं. अब इस लिस्ट में पॉप म्यूजिक स्टार टेलर स्विफ्ट का नाम भी जुड़ गया है. स्विफ्ट ने इंस्टाग्राम पर अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए हैरिस को सपोर्ट का ऐलान कर दिया है. टेलर स्विफ्ट ने एक लंबी पोस्ट लिख कमला के लिए अपने सपोर्ट की अनाउंसमेंट की. टेलर ने कहा कि उन्होंने कमला को सपोर्ट करने का इसलिए सोचा क्योंकि वह "उन अधिकारों और वजहों के लिए लड़ती हैं जिन पर मेरा विश्वास है."
'एक मतदाता के तौर पर मैं सब कुछ देखती और पढ़ती हूं'
"आप में से कई लोगों की तरह मैंने आज रात बहस देखी. अगर आपने अभी तक नहीं देखा है तो अब उन मुद्दों पर अपनी रिसर्च करने और इन उम्मीदवारों के रुख के बारे में जानने का एक बढ़िया समय है जो आपके लिए सबसे अहम हैं. एक वोटर के तौर पर मैं इस देश के लिए उनकी नीतियों और योजनाओं के बारे में सब कुछ देखने और पढ़ने का ध्यान रखती हूं." टेलर ने लिखा.
Taylor Swift Endorses Kamla Harris in New instagram post and urges everyone to go out and vote #PresidentialDebate#TaylorSwiftpic.twitter.com/qRpEAuUPRF
— Evan (@Evannova13) September 11, 2024
डोनाल्ड ट्रम्प पर क्या बोलीं
टेलर ने अपने इंस्टाग्राम कैप्शन में लिखा, "हाल ही में मुझे पता चला कि डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति पद के लिए गलत तरीके से समर्थन करने वाले 'मेरे' AI को उनकी साइट पर पोस्ट किया गया था. इसने असल में एआई के बारे में मेरे डर और गलत सूचना फैलाने के खतरों को जगा दिया. इसने मुझे इस निष्कर्ष पर पहुंचाया कि मुझे एक मतदाता के रूप में इस चुनाव के लिए अपनी असल सोच के बारे में बहुत ट्रांसपेरेंट होने की जरूरत है. गलत सूचना से निपटने का सबसे आसान तरीका सच्चाई है.”
टेलर ने लिखा, “मैं 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस और टिम वाल्ज़ को अपना वोट दूंगी. मैं @kamalaharris को वोट कर रही हूं क्योंकि वह अधिकारों और कारणों के लिए लड़ती हैं. मुझे लगता है कि उन्हें आगे बढ़ाने के लिए एक योद्धा की आवश्यकता है. मुझे लगता है कि वह एक स्थिर, प्रतिभाशाली नेता हैं और मेरा मानना है कि अगर हम अराजकता के बजाय शांति से आगे बढ़ते हैं तो हम इस देश में बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं. मैं उनके साथी @timwalz के चुने जाने से बहुत खुश हुई, जो दशकों से LGBTQ+ अधिकारों, IVF और एक महिला के अपने शरीर पर अधिकार के लिए खड़ी हैं.”
चीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहचीन ने की चोरी! अमेरिकी चुनाव के 22 करोड़ वोटर्स का डेटा उड़ाया- ट्रंप का बड़ा दावा
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहअमेरिका में चुनाव से पहले डर गए ट्रंप? इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटाया
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहFact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
LIVE: बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी आज कोलकाता और श्रीरामपुर में रैली कर सकते हैं. दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तपती धूप और गर्मी से बुरा हाल है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. देश-दुनिया का हर अपडेट यहां देखें.
Iran War: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. शायद यही वजह है कि ट्रंप के मन में युद्ध खत्म करने का विचार आने लगा है.
हंगरी में विपक्षी नेता पीटर मैग्यार (Peter Magyar) और उनकी तिसा पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संसद की 199 सीटों में से 138 सीटों पर कब्जा कर लिया है.
हंगरी के संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिज्सा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर ओर्बन के 16 साल के शासन का अंत किया. विक्टर ओर्बन की हार का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती मानी जा रही है, जिससे जनता में निराशा थी.

