अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के पूरे नतीजे अभी भले ना आए हों लेकिन FOX न्यूज ने डोनाल्ड ट्रंप की जीत का बड़ा दावा किया है. FOX न्यूज के अनुसार रिपब्लिकंस के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने इस चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है. हालांकि, FOX न्यूज के अलावा अन्य न्यूज एजेंसी फिलहाल ट्रंप को 247 सीटों पर जबकि कमला हैरिस को 214 सीटों पर आगे बता रही है. जानकार मान रहे हैं कि जब तक अंतिम नतीजे नहीं आ जाते तब किसी को हारा हुआ मानना जरा जल्दबाजी होगी.
बताया जा रहा है कि अमेरिकी में राष्ट्रपति पद पर कौन बैठेगा इसका फैसला स्विंग स्टेट्स से ही तय होगा. अभी तक जो रुझान निकलकर सामने आए हैं उसके मुताबिक ट्रंप सभी सातों स्विंग स्टेट्स में लीड कर रहे हैं. कहा जाता है कि जो भी उम्मीदवार इन स्विंग स्टेट्स में बेहतर प्रदर्शन करता है उसे चुनाव में जीत हासिल होती है. हालांकि, कमला हैरिस कुल मिलाकर अभी तक ट्रंप को कड़ी टक्कर देती नजर आ रही हैं.ट्रंप 247 इलेक्टोरल वोटों पर, तो कमला हैरिस 247 पर आगे चल रही हैं.
अमेरिका में 50 राज्य हैं और उनमें से अधिकतर राज्य हर चुनाव में एक ही पार्टी को वोट देते रहे हैं, सिवाय ‘स्विंग स्टेट्स' के. अमेरिका के सात राज्यों पेंसिल्वेनिया, मिशिगन, विस्कॉन्सिन, जॉर्जिया, नेवादा, एरिजोना और नॉर्थ कैरोलिना को स्विंग स्टेट्स कहा जाता है. चुनावी रूप से अहम माने जाने वाले इन स्विंग स्टेट्स में मतदाताओं का रुझान बदलता रहता है. स्विंग स्टेट्स में ट्रंप आगे चल रहे हैं. इनमें से नॉर्थ कैरोलिना में ट्रंप ने जीत दर्ज कर ली है. पेंसिलवेनिया में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, जहां 19 इलेक्टोरल वोट्स हैं.
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में ऐसे मौके कई दफे आए हैं. ऐसे में निर्वाचक मंडल के सदस्यों की नीयत अगर डोल गई (या कहें अंतरआत्मा की आवाज अगर जाग गई) तो बड़ा खेला हो सकता है. पार्टी लाइन के खिलाफ वोट डालकर गेम बनाया-बिगाड़ा जा सकता है.इसलिए रिपब्लिकन डॉनल्ड ट्रंप 270 के जादुई आकंड़े के करीब हैं इसके बावजूद कुर्सी पर सस्पेंस बना रहेगा.
इसीलिए अमेरिका में 270 नंबर हासिल करने वाला दल तब तक चैन की सांस नहीं लेता, जब तक कि उसके निर्वाचक मंडल के सदस्य वोट नहीं डाल देते. ऐसे में अमेरिकी संविधान के मुताबिक इस स्थिति में फैसला अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस का निचला सदन प्रतिनिधि सभा करती है. प्रतिनिधि सभा में 1894 में ऐसी नौबत आ चुकी है. तब प्रतिनिधि सभा ने क्विन्सी एडम्स को निर्वाचित घोषित किया था.
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चुनाव के जल्द ऐलान से पता चलता है कि कार्नी अपनी लिबरल पार्टी के लिए वोटिंग में हुई वृद्धि का लाभ उठाना चाहते हैं. जिसकी वजह मुख्य रूप से अमेरिकी टैरिफ और ट्रंप के बार-बार दिए गए बयानों को भी माना जा रहा है.
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी दक्षता विभाग के उस फैसले का बचाव किया है, जिसमें USAID के जरिए भारत को दी जाने वाली 1 अरब 80 करोड़ रुपये की मदद रोक दी गई है. यह मदद भारत में मतदान बढ़ाने के लिए दी जा रही थी.ट्रंप का कहना है कि भारत के पास बहुत पैसा है.
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