
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मिशिगन में अपनी-अपनी पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद (US Presidential Election) के प्राइमरी चुनावों में मंगलवार को निर्णायक जीत दर्ज की. इससे राष्ट्रपति पद के लिए इसी साल होने वाले चुनाव में इन दोनों नेताओं के बीच दोबारा मुकाबला होने की संभावना बढ़ गई है. ट्रंप ने अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी, भारतीय-अमेरिकी निक्की हेली को हरा दिया. इसके साथ ही वह नवंबर में रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवारी औपचारिक रूप से हासिल करने की दिशा में एक कदम और करीब आ गए.
ये भी पढ़ें-"हमारे आंतरिक मामलों में न बोलें": UN में पाकिस्तान को भारत की दो टूक
आखिरी खबर आने तक हेली को 26.5 फीसदी वोट मिले थे, जबकि ट्रंप को 68.2 फीसदी वोट मिले थे. अमेरिकी मीडिया ने अनुमान लगाया कि 77 वर्षीय ट्रंप 52 वर्षीय हेली के खिलाफ 40 प्रतिशत से अधिक मतों के साथ मिशिगन प्राइमरी में जीत हासिल करेंगे. ट्रंप की इस जीत ने अगले सप्ताह की ‘सुपर' प्रतिस्पर्धा से पहले गति बनाने की हेली की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.
ट्रंप ने इससे पहले आयोवा कॉकस, न्यू हैम्पशायर प्राइमरी, नेवादा और यूएस वर्जिन आइलैंड्स में कॉकस और साउथ कैरोलिना प्राइमरी में जीत हासिल की है. नामांकन औपचारिक रूप से हासिल करने के लिए उन्हें 1,215 ‘डेलीगेट' के समर्थन की आवश्यकता है. ट्रंप ने 119 ‘डेलीगेट' का समर्थन हासिल कर लिया है, जबकि दक्षिण कैरोलिना की पूर्व गवर्नर हेली को सिर्फ 22 ‘डेलीगेट' का समर्थन मिला है.
इस बीच, 81 वर्षीय बाइडेन ने प्रांत में एक और जीत हासिल की, जो चार प्रयासों में उनकी चौथी प्राथमिक जीत है. उन्होंने चार जीतों में से 177 ‘डेलीगेट' का समर्थन जीत लिया है. बाइडेन को डेमोक्रेटिक पार्टी का नामांकन प्राप्त करने के लिए 1,968 ‘डेलीगेट' का समर्थन हासिल करना होगा. अपनी जीत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बाइडन ने कहा, "मैं मिशिगन के प्रत्येक व्यक्ति को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने आज उनकी आवाज सुनी. वोट देने के अधिकार का प्रयोग करना और हमारे लोकतंत्र में भाग लेना ही अमेरिका को महान बनाता है." इस बीच, मिशिगन के नतीजों ने ट्रंप और बाइडsन की स्थिति को उनकी संबंधित पार्टी में अग्रणी के रूप में और मजबूत कर दिया.
ये भी पढ़ें-अमेरिकी महिला ने 3 साल के बेटे को इस "खास" वजह से भेजा था दूर, हुआ लापता
Explainer: निकारागुआ में अब नहीं होंगे चुनाव, राष्ट्रपति ओर्टेगा के इस फैसले से क्यों मचा है वैश्विक बवाल?
Written by: अभिजीत श्रीवास्तवचीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहचीन ने की चोरी! अमेरिकी चुनाव के 22 करोड़ वोटर्स का डेटा उड़ाया- ट्रंप का बड़ा दावा
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहनिकारागुआ में चुनाव क्यों खत्म कर रहे हैं डेनियल ओर्टेगा? संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने निकारागुआ पर क्या कहा? ओर्टेगा के इस फैसले से निकारागुआ को लेकर दुनिया की चिंता क्यों बढ़ गई है?
Fact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
LIVE: बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी आज कोलकाता और श्रीरामपुर में रैली कर सकते हैं. दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तपती धूप और गर्मी से बुरा हाल है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. देश-दुनिया का हर अपडेट यहां देखें.
Iran War: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. शायद यही वजह है कि ट्रंप के मन में युद्ध खत्म करने का विचार आने लगा है.
हंगरी में विपक्षी नेता पीटर मैग्यार (Peter Magyar) और उनकी तिसा पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संसद की 199 सीटों में से 138 सीटों पर कब्जा कर लिया है.

