अमेरिका में इस साल 5 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं. चुनाव की प्रक्रिया के तहत भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह 6 बजे से 8 बजे तक पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट हुई. इस दौरान राष्ट्रपति जो बाइडेन (डेमोक्रेटिक पार्टी) और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (रिपब्लिकन पार्टी) ने लोकतंत्र, राष्ट्रीय सुरक्षा, रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-गाजा युद्ध, टैक्स सिस्टम, चीन के साथ रिश्ते, इमिग्रेशन पॉलिसी समेत तमाम मुद्दों पर बहस की. इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर निजी हमले करते हुए गंभीर आरोप भी लगाए. डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन पर आरोप लगाया कि उन्हें चीन से पैसे मिलते हैं. जबकि बाइडेन ने ट्रंप को पोर्न स्टार मामले को लेकर घेरा.
इस बीच प्रेसिडेंशियल डिबेट में किसकी जीत हुई और किसे हार मिली, इसे लेकर भी सर्वे शुरू हो गया है. डिबेट होस्ट करने वाले CNN मीडिया नेटवर्क ने अपने पोल में डोनाल्ड ट्रंप को प्रेसिडेंशियल डिबेट का विजेता घोषित किया है. इसके साथ ही न्यूयॉर्क टाइम्स, BBC, अलजजीरा और वॉशिंगटन पोस्ट ने भी अपने-अपने सर्वे में बाइडेन के मुकाबले ट्रंप को प्रभावशाली लीडर बताया है.
प्रेसिडेंशियल डिबेट राष्ट्रपति जो बाइडेन और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 90 मिनट तक चली. 10 पॉइंट में जानें प्रेसिडेंशियल डिबेट में किस मुद्दे पर किसने क्या कहा:-
अर्थव्यवस्था
बहस की शुरुआत सबसे पहले महंगाई के मुद्दे पर हुई. महंगाई की बात आते ही जो बाइडेन ने ट्रंप की तरफ बात को घुमा दिया. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने उन्हें एक बिगड़ी हुई अर्थव्यवस्था सौंपी थी. बाइडेन ने कहा, "जब मैं राष्ट्रपति बना तब हालात क्या थे. मिस्टर ट्रंप मेरे लिए क्या छोड़ कर गए थे? नौकरियां नहीं थीं. बेरोजगारी 15% बढ़ गई थी. हालात बहुत खराब थे. इसलिए हमें चीजों को वापस ट्रैक पर लाना था. हमने 15 हजार नए जॉब्स क्रिएट किए. इसमें और करने की जरूरत है."
टैक्स सिस्टम
टैक्स सिस्टम के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा, "मेरे शासनकाल में अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत थी. हमने देखा है कि टैक्स कम करने से दुनिया में कई इकोनॉमी बेहतर हुई हैं. मैनें अमेरिका के इतिहास में अब तक टैक्स पर सबसे ज्यादा छूट दी है."
इसपर बाइडेन ने कहा, "ट्रंप ने टैक्स में कटौती कर देश के अमीरों को फायदा पहुंचाया है. हमारे देश में 1 हजार अरबपति हैं , जो सिर्फ 8.2% टैक्स भरते हैं."
इजरायल-गाजा युद्ध
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इजरायल को अपना काम खत्म करना चाहिए. उन्होंने कहा, "बाइडेन एक फिलिस्तीनी की तरह हो गए हैं. फिलिस्तीनी बाइडेन को पसंद नहीं करते हैं क्योंकि वे एक बुरे ‘फिलिस्तीनी' हैं."
अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी
डिबेट में अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के लौटने और कोरोना महामारी के दौरान सरकार के रवैये पर भी बात हुई. इस पर बाइडेन ने कहा, "ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में लड़ ही रही थी." कोरोना महामारी को लेकर बाइडेन ने कहा, "उस वक्त सब कुछ एक कुव्यवस्था में बदल गया था."
अफगानिस्तान पर ट्रंप ने कहा, "उनका प्लान ताकत के साथ अफगानिस्तान से बाहर निकलने का था. जब बाइडेन वहां से निकले तो वो देश के इतिहास के लिए सबसे शर्मनाक पल था." ट्रंप ने कोरोना महामारी पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा, "हम कोरोना महामारी की चपेट में आ गए. जब ऐसा हुआ तो हमने जरूरत के हिसाब से पैसे खर्च किए, ताकि मंदी के दौर में न चले जाएं. सब कुछ बेहतरीन था."

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रूस-यूक्रेन युद्ध
डिबेट के दौरान ट्रंप ने यूक्रेन के लिए अमेरिकी मदद का मुद्दा एक बार फिर उठाया. उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों ने अमेरिका की तुलना में कम खर्च किया है. ट्रंप ने कहा, "बाइडेन अब तक के सबसे बुरे चीफ कमांडर हैं. अमेरिकी सैनिक बतौर राष्ट्रपति मुझे ज्यादा पसंद करते हैं. मुझे पुतिन की शर्तें मंजूर नहीं हैं, लेकिन ये जंग कभी शुरू ही नहीं होनी थी. यूक्रेन को अब तक 200 अरब डॉलर दिए जा चुके हैं."
इसके जवाब में जो बाइडेन ने कहा, "रूस ने हजारों सैनिकों को खो दिया है और कीव पर कब्जा करने के अपने उद्देश्य में सफल नहीं हुआ है. इस शख्स (ट्रंप) ने पुतिन से कहा कि आप जो करना चाहें करें. पुतिन का कहना था कि वह पांच दिनों में कीव पर कब्जा कर लेंगे, क्योंकि यह पुराने सोवियत संघ का हिस्सा था. मगर वह ऐसा नहीं कर सके, उन्होंने हजारों सैनिकों को खो दिया है."
इमिग्रेशन पॉलिसी
इमिग्रेशन के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा, "जो बाइडेन की इमिग्रेशन पॉलिसी और ओपन बॉर्डर वाले अप्रोच (दृष्टिकोण) ने देशभर में क्राइम रेट में इजाफा किया है. इसलिए देश में रह रहे अधिकतर प्रवासियों को बाहर निकालना होगा, क्योंकि वे हमारे देश को नष्ट करने जा रहे हैं." ट्रंप ने दावा किया बाइडेन साउथ यूएस बॉर्डर को सुरक्षित करने में नाकाम रहे. इससे देश में कई अपराधियों को शरण मिल गई है. उन्होंने यहां तक कह दिया, “मैं इसे बाइडेन माइग्रेंट क्राइम (प्रवासी अपराध) कहता हूं.”
अपने बचाव में जो बाइडेन ने कहा, "वो देश के आव्रजन संकट (Immigration Crisis) के बारे में झूठ फैलाते हैं. अमेरिका अवैध अप्रवासियों का स्वागत नहीं करता. ये सच नहीं है."
क्लाइमेट चेंज
बाइडेन ने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप ने क्लाइमेट चेंज को लेकर कुछ नहीं किया. क्लाइमेट चेंज दुनिया के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है."

अबॉर्शन लॉ
डिबेट के दौरान अबॉर्शन लॉ पर भी बहस हुई. ट्रंप ने कहा, "अबॉर्शन पर बैन लगाने वाले जज ग्रेट हैं. मैं राष्ट्रपति बना तो अबॉर्शन के पिल्स पर रोक नहीं लगाऊंगा. अबॉर्शन पर बैन कायम रखने के कोर्ट के फैसले से मैं सहमत हूं."
बाइडेन ने कहा, "अबॉर्शन कानून रद्द करना भयानक था. किसी नेता को अबॉर्शन पर फैसला करने का हक नहीं है. दोबारा राष्ट्रपति चुना गया तो इसपर फिर से कानून बनाऊंगा."
डिबेट के दौरान हुए निजी हमले
प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन ने एक दूसरे पर निजी हमले भी किए. बाइडेन ने कहा, "पत्नी प्रेग्नेंट थीं, आप पोर्न स्टार से संबंध बना रहे थे." ट्रंप ने जवाब दिया,"मैंने किसी पोर्न स्टार से संबंध नहीं बनाए हैं. इस मामले में जिन जजों ने सुनवाई की वे गलत थे."
डिबेट में राष्ट्रपति बाइडेन ने उस हश मनी मामले का भी जिक्र किया, जिसमें ट्रंप को न्यूयॉर्क की एक अदालत ने दोषी करार दिया है. ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने साल 2016 में एक स्कैंडल से बचने के लिए पूर्व पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स को चुप रहने के बदले मोटी रकम दी थी. बाइडेन ने कहा कि ट्रंप एक नैतिक व्यक्ति नहीं हैं, हालांकि ट्रंप ने बाइडेन के इस आरोप को खारिज कर दिया.
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