
अमेरिका (US Elections 2020) में राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं. दोनों ही दलों के नेता जोरशोर से चुनावी प्रचार में जुटे हैं. 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे. वहीं अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने गुरुवार को राष्ट्रपति पद के दूसरे कार्यकाल के लिए रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party) का नामांकन स्वीकार कर लिया है. भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच व्हाइट हाउस में ट्रम्प ने नामांकन स्वीकार किया.
इस दौरान डोनाल्ड ट्रम्प (74) ने कहा, 'मेरे अमेरिकी साथियों, आज रात तहे दिल और आशाओं से भरपूर होकर मैं अमेरिका के राष्ट्रपति पद का नामांकन स्वीकार करता हूं.' ट्रम्प ने रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन (RNC) के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को व्हाइट हाउस के ‘साउथ लॉन' में नामांकन स्वीकार किया. ट्रम्प ने कहा, ‘‘मैं आज रात आपके समर्थन के साथ यहां खड़ा हूं, पिछले चार शानदार वर्षों में हमने जो असाधारण प्रगति की है. उस पर गर्व है और अगले चार वर्षों में भी हम अमेरिका के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करेंगे.''
चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप पर हमलावर हुईं मिशेल ओबामा, कहा- देश के लिए गलत राष्ट्रपति...
ट्रम्प अपनी पत्नी मेलानिया ट्रम्प (Melania Trump) के साथ मंच तक आए थे. उनकी बेटी इवांका ट्रम्प (Ivanka Trump) ने उनका परिचय दिया. इवांका ने कोविड-19 (COVID-19) के दौरान अपने पिता के कदमों तथा आर्थिक नीतियों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘चार साल पहले, मैंने आपसे कहा था कि मैं संघर्ष के वक्त अपने पिता के साथ खड़ी रहूंगी और चार साल बाद मैं यहां हूं.''
ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे पर कभी हस्तक्षेप नहीं किया और चीन के विरोध में खड़े रहे - कैम्पेन टीम
उन्होंने कहा, ‘‘पापा, लोग आप पर अपरम्परागत होने के कारण निशाना साधते हैं, लेकिन आपके सच्चे होने की वजह से मुझे आपसे प्यार है और प्रभावशाली होने के लिए मैं आपका सम्मान करती हूं.'' इवांका ने कहा, ‘‘वाशिंगटन ने डोनाल्ड ट्रम्प को नहीं बदला, डोनाल्ड ट्रम्प ने वाशिंगटन को बदल दिया.'' (इनपुट भाषा से भी)
VIDEO: रवीश कुमार का प्राइम टाइम : क्या कमला हैरिस अमेरिका की उपराष्ट्रपति बन जाएंगी?
चीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहचीन ने की चोरी! अमेरिकी चुनाव के 22 करोड़ वोटर्स का डेटा उड़ाया- ट्रंप का बड़ा दावा
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहअमेरिका में चुनाव से पहले डर गए ट्रंप? इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटाया
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहFact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
LIVE: बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी आज कोलकाता और श्रीरामपुर में रैली कर सकते हैं. दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तपती धूप और गर्मी से बुरा हाल है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. देश-दुनिया का हर अपडेट यहां देखें.
Iran War: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. शायद यही वजह है कि ट्रंप के मन में युद्ध खत्म करने का विचार आने लगा है.
हंगरी में विपक्षी नेता पीटर मैग्यार (Peter Magyar) और उनकी तिसा पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संसद की 199 सीटों में से 138 सीटों पर कब्जा कर लिया है.
हंगरी के संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिज्सा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर ओर्बन के 16 साल के शासन का अंत किया. विक्टर ओर्बन की हार का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती मानी जा रही है, जिससे जनता में निराशा थी.

