
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गिरती लोकप्रियता, पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और ईरान युद्ध के लंबे समय तक चलने के कारण, रिपब्लिकन पार्टी नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले अपनी रणनीति में बदलाव कर रही है. इस हफ्ते वाशिंगटन के 'वॉल्डोर्फ एस्टोरिया' होटल में हुई एक गुप्त बैठक में व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स, राजनीतिक प्रमुख जेम्स ब्लेयर और सर्वेक्षक टोनी फैब्रिजियो ने नया प्लान साझा किया. इसमें उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे 'रिपब्लिकन टैक्स कट्स' और महंगाई कम करने वाली नीतियों (जैसे "वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट") का प्रचार करें, लेकिन ट्रंप के नाम का कम से कम इस्तेमाल करें.
ट्रंप की लोकप्रियता का लाभ उठाने की कोशिश करना, लेकिन चुनावों को एक ऐसे राष्ट्रपति के भविष्य पर जनमत संग्रह न बनाना जो लगातार अलोकप्रिय होते जा रहे हैं. रणनीतिकारों को चिंता है कि उनकी गिरती राजनीतिक लोकप्रियता, कांग्रेस की सीटों पर उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचा सकती है. ट्रम्प की पार्टी को प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत बनाए रखने के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, और सीनेट पर नियंत्रण खोने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है.

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रॉयटर्स/इप्सोस के एक सर्वेक्षण के अनुसार, केवल 36% अमेरिकी ही ट्रंप के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं, जो उनके वर्तमान कार्यकाल में सबसे कम है. इससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है. कई अमेरिकी, जिनमें कुछ रिपब्लिकन भी शामिल हैं, 79 वर्षीय राष्ट्रपति के स्वभाव और मानसिक क्षमता को लेकर चिंतित हैं, खासकर उनके लगातार तीखे बयानों के बाद.
डोनाल्ड ट्रंप समर्थक एक राजनीतिक रणनीतिकार ने रॉयटर्स को बताया, "डेमोक्रेट चुनाव को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश करेंगे और कहेंगे कि हम ट्रंप के लिए सिर्फ एक मोहर लगाने वाले हैं. हमें इस सोच से बाहर निकलना होगा और हर चुनाव में यह साबित करना होगा कि हम बेहतर विकल्प क्यों हैं."
राष्ट्रपति के राजनीतिक अभियान में अब भी यह उत्साह बना हुआ है कि ट्रंप एक प्रभावी मैसेंजर हैं. रिपब्लिकन नेशनल कमेटी की राष्ट्रीय प्रेस सचिव किर्स्टन पेल्स ने कहा कि ट्रंप मध्यावधि चुनावों में रूढ़िवादी मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने वाले "सबसे शक्तिशाली कारक" बने रहेंगे और रिपब्लिकन उम्मीदवार उनका समर्थन पाने के लिए उत्सुक हैं.
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने कहा कि ट्रंप "रिपब्लिकन पार्टी के निर्विवाद नेता हैं और वे कांग्रेस में रिपब्लिकन बहुमत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं."

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बैठक की जानकारी तुरंत लीक हो गई. एक दिन बाद, वर्जीनिया के मतदाताओं ने नवंबर में होने वाले चुनावों में डेमोक्रेट्स द्वारा अपनी पार्टी के पक्ष में तैयार किए गए नए कांग्रेसी मैप को मंजूरी दे दी. बैठक से परिचित एक व्यक्ति ने कहा, "अगर इस रणनीति को तैयार करने वाले लोग वर्जीनिया को लेकर आश्वस्त हैं और वे वर्जीनिया में हार जाते हैं, तो सवाल उठता है कि क्या वे पूरी योजना को लेकर अति आत्मविश्वास में हैं?"
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कुछ रिपब्लिकन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि मध्यावधि चुनाव अभी महीनों दूर हैं और मतदाताओं के मतदान करने से पहले बहुत कुछ बदल सकता है. अगर ईरान के साथ सशस्त्र संघर्ष धीमा होता है, तो पेट्रोल की कीमतें गिर सकती हैं और व्यापक स्तर पर महंगाई कम हो सकती है.
डोनाल्ड ट्रंप समर्थक क्लब फॉर ग्रोथ के अध्यक्ष डेविड मैकिन्टोश ने कहा, "घबराहट का कारण अभी की स्थिति को देखना है, लेकिन मुझे लगता है कि मुख्य बात यह अनुमान लगाना है कि गर्मियों तक स्थिति कैसी हो सकती है, और यह अभी भी बहुत अनिश्चित है."

दिसंबर में वाइल्स ने कहा था कि रिपब्लिकन मौजूदा राष्ट्रपति से दूरी बनाए रखने के बजाय ट्रम्प को "चुनाव में उम्मीदवार" बनाकर पारंपरिक मध्यावधि चुनाव रणनीति को उलट देंगे. अब, सूत्रों का कहना है कि यह योजना कम पॉपुलर है. रिपब्लिकन राष्ट्रपति के नाम के बजाय स्थानीय मुद्दों पर जोर देंगे.
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ट्रंप के घटते समर्थन से डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन उम्मीदवारों को राष्ट्रपति की कमियों से जोड़ने का भरपूर मौका मिल सकता है, जिससे कुछ चुनाव प्रचारक व्हाइट हाउस के राजनीतिक नजरिए को लेकर संशय में हैं.
मंगलवार को ट्रंप द्वारा दो सप्ताह के लिए निर्धारित युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने के फैसले को व्यापक रूप से पीछे हटने के रूप में देखा गया, क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण और परमाणु कार्यक्रम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बरकरार रखी है.
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