
डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि इजरायल और मिडिल ईस्ट का अस्तित्व उन्हीं की वजह से बचा हुआ है. अपने डींग मारने वाले अंदाज में ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से नहीं रोका होता, तो इजरायल और पूरा मिडिल ईस्ट आज मौजूद ही नहीं होते. यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब अमेरिका द्वारा ईरान पर फिर से हमला करने की चर्चा जोरों पर है. डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "अगर मैंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से नहीं रोका होता, तो इजरायल और पूरा मध्य पूर्व आज मौजूद ही नहीं होता. कोई यह बात कहना नहीं चाहता, लेकिन सब जानते हैं कि यह सच है."
इजरायल को US नहीं देगा सैन्य सहायता!
जून में ओवल ऑफिस में बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो न तो इजरायल बचता और न ही मध्य पूर्व.
यह बयान इजरायल को दी जाने वाली अमेरिकी सहायता नीति में एक बड़े बदलाव के कुछ दिनों बाद आया है. 2018 में शुरू हुए 10 साल के एक समझौते के तहत, अमेरिका हर साल इजरायल को 3.8 अरब डॉलर की सैन्य सहायता देता है. ट्रंप ने ऐलान किया है कि इस साल यह सहायता बंद कर दी जाएगी, क्योंकि इजरायल को इसकी जरूरत नहीं है.
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या इसका मतलब सैन्य सहायता है या नकद राशि, तो उन्होंने कहा, "आप इसे जैसे चाहें परिभाषित कर सकते हैं." इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इजरायल जो चाहे खरीद सकता है.
ट्रंप के ये बयान मिडटर्म इलेक्शन के बाद आए हैं, जिनमें डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों में जीत हासिल की है.
मिडटर्म चुनाव में हार के बाद ट्रंप की स्पीच के दौरान, एक रिपोर्टर ने उनसे उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पूछा, जिसमें वेंस ने कहा था कि रिपब्लिकनों को इतनी बुरी हार इसलिए मिली क्योंकि ईरान के साथ युद्ध जैसी स्थिति बन गई थी. इससे जुड़े सवाल पर कहा, "मुझे लगता है कि यह काफी हद तक सच है." हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पीछे जाने का मौका मिले, तो भी वे कुछ अलग नहीं करेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कई बार कहा है कि ईरान पर हमला करने का मुख्य कारण परमाणु हथियार थे. 1 नवंबर को आयोवा में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा, "मैंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका." अपने फैसले के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, "मैंने कहा था, 'चलो मिडिल ईस्ट की तरफ चलते हैं, क्योंकि हम ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दे सकते.'"
क्या अमेरिका फिर से ईरान पर हमला करेगा?
पिछले 3 दिनों में, ईरान पर हमले फिर से शुरू करने को लेकर ट्रंप ने कई बार अपना रुख बदला है. मिडटर्म चुनावों से ठीक पहले, जब उनसे पूछा गया कि क्या वोटिंग के बाद भी वे हमले जारी रखने की योजना बना रहे हैं, तो उन्होंने साफ तौर पर 'नहीं' में जवाब दिया. मंगलवार को उन्होंने 'फाइनेंशियल टाइम्स' से बात करते हुए कहा- फिलहाल उनकी नए हमले करने की कोई योजना नहीं है, हालांकि अमेरिकी सेनाएं तैयार हैं.
गुरुवार को, जब ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह देश काफी हद तक बर्बाद हो चुका है और आपको जल्द ही पता चल जाएगा.
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ट्रंप कैबिनेट से इस्तीफा, राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की तैयारी; क्या करने वाले हैं मार्कों रुबियो? खुद बताया प्लान
Written by: अजय कुमार पटेलट्रंप की चुनावी हार पर जेलेंस्की, मोजतबा और किम की बहन का आया रिएक्शन; बाकी देशों ने भी दिए बयान
Edited by: विजय शंकर पांडेयएलन मस्क ने हटाया 'रिपब्लिकन को वोट दो' वाला पोस्ट, ट्रंप की हार पर चुटकी भी ली
Written by: अनुभव शाक्ययह पहली बार नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के अस्तित्व में बने रहने का क्रेडिट खुद को दिया है. फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "सच कहूं तो, अगर मैं अमेरिका का राष्ट्रपति न होता, तो आज इजरायल का वजूद ही नहीं होता."
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ट्रंप प्रशासन छोड़ने और 2028 राष्ट्रपति चुनाव लड़ने संबंधी खबरों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप का कार्यकाल पूरा होने तक प्रशासन में बने रहना उनकी योजना है.
किम की प्रभावशाली बहन किम यो जोंग ने बुधवार को संकेत दिया कि वाशिंगटन के साथ फिर से बातचीत करने में उनकी कोई खास दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने कहा कि प्योंगयांग को ऐसे अविश्वसनीय और शत्रुतापूर्ण लोगों के साथ आमने-सामने बैठने की कोई जरूरत नहीं है.
अमेरिकी अरबपति और X के मालिक एलन मस्क ने मिडटर्म चुनाव के दौरान किया गया अपना चर्चित पोस्ट हटा दिया है, जिसमें मतदाताओं से रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन की अपील की गई थी.
अमेरिका का मिडटर्म चुनाव कई मायनों में काफी अहम है. इसने अब तक के चुनावी गणित को बदलकर रख दिया है. डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ों में डेमोक्रेट्स ने सेंध लगा दी है.
अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. एक वजह भारतीय-अमेरिकियों का साथ न मिलना भी है.
भी की स्थिति में ये लग रहा कि वेंस ईरान युद्ध से खुद को दूर दिखाना चाहते हैं, जिससे 2028 के चुनाव में इसका कोई असर नहीं दिखे. वहीं ट्रंप के पास ईरान युद्ध पर तुरंत यूटर्न लेना अभी मुश्किल लग रहा है.
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अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के बाद रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर पूरा कंट्रोल खत्म हो गया है. इसके बाद भारत के लिए अमेरिका से ट्रेड डील की जल्दबाजी अब कम हो गई है, जो एक अच्छी खबर है- रिपोर्ट
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव वाले दिन से जब से फ्रांसीसी कलाकार ने यह आर्टवर्क दुनिया को दिखाया है, तब से इसने ऑनलाइन और ट्रंप टावर के आसपास मौजूद सबका ध्यान खींच लिया है. कई लोग रुककर इसकी तस्वीरें खींच रहे हैं.
