
अमेरिका ने डोनाल्ड ट्रंप को नया राष्ट्रपति चुन लिया है. ट्रंप दूसरी बार अमेरिका की सत्ता संभालने जा रहे हैं. इस बीच सबके मन में ये सवाल जरूर होगा कि दुनिया के सबसे पावरफुल देश के राष्ट्रपति को आखिर तनख्वाह (Donald Trump Salary Package) कितनी मिलती है. ट्रंप अमेरिका को संभालने के बदले कितनी सैलरी पाएंगे. तो बता दें कि ट्रंप को मिलने वाली सैलरी तो तगड़ी होगी ही साथ ही उन्हें अलाउंस मिलेगा वो अलग.
ये भी पढ़ें-ट्रंप ने मस्क को बगल में बिठाया और जेलेंस्की को लगा दिया फोन, आखिर 25 मिनट हुई क्या बात?
इन अलाउंस में रहना, एयर फ़ोर्स वन और मरीन वन का एक्सेज, बख्तरबंद लिमोसिन का एक बेड़ा और चौबीसों घंटे सीक्रेट सर्विस सिक्योरिटी भी शामिल है. इन अलाउंस को मिलाकर ट्रंप का पैकेज करीब 569,000 डॉलर सालाना होगा.
राष्ट्रपति के सैलरी पैकेज में मुआवजे के साथ ही अलाउंस और नॉन सैलरी बैनिफिट की एक सीरीज शामिल है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप की बेसिक सालाना सैलरी 400,000 डॉलर होगी. सैलरी का ये फिगर साल 2001 में कांग्रेस ने सेट किया था, जिसमें अब तक कोई बदलाव नहीं किया गया है.

हर साल 50,000 डॉलर का एक्स्ट्रा एक्सपेंस अलाउंस,100,000 डॉलर नॉन टैक्सए ट्रैबल अकाउंट और एंटरटेनमेंट के लिए 19,000 डॉलर का भुगतान किया जाता है.व्हाइट हाउस की साज-सज्जा के लिए राष्ट्रपति को 100,000 डॉलर और ट्रैवल अलाउंस 100,000 डॉलर दिए जाते हैं.
साल 1789 के बीच, जब जॉर्ज वाशिंगटन दफ्तर पहुंचे तब से अब तक अमेरिका के राष्ट्रपति की सैलरी में पांच बार ही इजाफा हुआ है. आखिरी बार सैलरी में बढ़ोतरी साल 2001 में हुई थी. उस समय कांग्रेस ने राष्ट्रपति की सैलरी को दोगुना कर दिया था. जॉर्ज डब्ल्यू बुश पदभार संभालने के बाद सैलरी बढ़ोतरी का फायदा लेने वाले पहले राष्ट्रपति थे. इसके बाद कुल सैलरी पैकेज 569,000 तक पहुंच गया. बेसिक सैलरी सालाना 4 लाख डॉलर है.
चीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहचीन ने की चोरी! अमेरिकी चुनाव के 22 करोड़ वोटर्स का डेटा उड़ाया- ट्रंप का बड़ा दावा
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहअमेरिका में चुनाव से पहले डर गए ट्रंप? इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटाया
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहFact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
LIVE: बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी आज कोलकाता और श्रीरामपुर में रैली कर सकते हैं. दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तपती धूप और गर्मी से बुरा हाल है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. देश-दुनिया का हर अपडेट यहां देखें.
Iran War: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. शायद यही वजह है कि ट्रंप के मन में युद्ध खत्म करने का विचार आने लगा है.
हंगरी में विपक्षी नेता पीटर मैग्यार (Peter Magyar) और उनकी तिसा पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संसद की 199 सीटों में से 138 सीटों पर कब्जा कर लिया है.
हंगरी के संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिज्सा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर ओर्बन के 16 साल के शासन का अंत किया. विक्टर ओर्बन की हार का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती मानी जा रही है, जिससे जनता में निराशा थी.

