
US President Election 2020: अमेरिकी चुनाव में जनता सीधे तौर पर राष्ट्रपति का चुनाव नहीं करती, बल्कि निर्वाचक प्रतिनिधियों का समूह (Electoral College) तय करता है कि कौन व्यक्ति प्रेसिडेंट होगा. जनता के वोट से हर राज्य में यह तय होता है कि निर्वाचक प्रतिनिधियों का समूह किसका समर्थन करेगा. इलेक्टोरल कॉलेज को समझना मुश्किल नहीं है. इस बार मुकाबला रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट जो बाइडेन के बीच है.
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अमेरिका की राष्ट्रपति चुनाव की प्रणाली अलग है. यहां पूरे देश में सबसे ज्यादा वोट पाने के आधार पर राष्ट्रपति नहीं चुना जाता. अमेरिका में 50 प्रांत हैं. ऐसा संभव है कि पूरे देश में ज्यादा वोट पाने वाला चुनाव हार जाए और कम राज्यों में जीत हासिल कर कोई राष्ट्रपति बन जाए. जैसा डोनाल्ड ट्रंप ने 2016 में किया था. ऐसा निर्वाचक वोटों की वजह से होता है. पूरे देश में ट्रंप से 28 लाख ज्यादा वोट पाने के बावजूद हिलेरी राष्ट्रपति नहीं बन सकीं.
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हर राज्य के निर्वाचक वोट तय
अमेरिका में हर राज्य की जनसंख्या और संसद ( US Congress) में सदस्यों के आधार पर उनके निर्वाचक वोट (Electoral College) तय हैं. मसलन फ्लोरिडा में 29, कैलीफोर्निया में 55 निर्वाचक वोट हैं. सभी 50 प्रांतों को मिलाकर कुल 538 वोट होते हैं, इनमें से 50 फीसदी से अधिक यानी 270 या उससे ज्यादा प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल करने वाला राष्ट्रपति बनता है. व्योमिंग, अलास्का और वाशिंगटन में 3-3 वोट हैं.
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कैसे तय होता है निर्वाचक वोटों का समर्थन
अमेरिका में हर राज्य में अलग-अलग वोटों की गिनती होती है. माइने और नेब्रास्का को छोड़कर सभी राज्यों में यह नियम है कि उनके स्टेट में जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट हासिल होंगे, उनके सभी निर्वाचक वोट (Electoral College) उसके खाते में जाएंगे. फ्लोरिडा (Florida) में 29 निर्वाचक वोट हैं. अगर वहां ट्रंप जीतते हैं तो पूरे 29 वोट उनके खाते में जाएंगे. फिर चाहे उस राज्य में एक उम्मीदवार को एक वोट ज्यादा मिले या एक करोड़.
Electoral College लगाते हैं मुहर
चुनाव के बाद ये सारे निर्वाचक प्रतिनिधि मिलते हैं और आधिकारिक तौर पर अपनी पसंद के उम्मीदवार को समर्थन देते हैं. इसके साथ ही राष्ट्रपति के नाम पर औपचारिक मुहर लगती है.
स्विंग स्टेट पर ध्यान देते हैं उम्मीदवार
अमेरिकी चुनाव में स्विंग स्टेट (Swing State) राष्ट्रपति चुनने में अहम भूमिका निभाते हैं. कैलीफोर्निया(California) , न्यूयॉर्क (New York) जैसे डेमोक्रेट गढ़ हैं. वहीं टेक्सास (Texas) , फ्लोरिडा (Florida) में रिपब्लिकन जीतते रहे हैं, लेकिन कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां पलड़ा किसी भी ओर झुक सकता है, उन्हें स्विंग स्टेट कहते हैं. इन्हीं राज्यों में उम्मीदवार पूरा जोर लगाते हैं, कैलीफोर्निया, न्यूयॉर्क जैसे बड़े राज्य हारकर भी ट्रंप पिछला चुनाव जीत गए थे. Early Voting में दस करोड़ वोट पहले ही पड़ चुके हैं.
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