Donald Trump Vs Kamala Harris in US Presidential election: अमेरिका में इन दिनों अगले राष्ट्रपति के लिए चुनावी प्रक्रिया जारी है. कुछ ही दिनों में वोटिंग होने वाली है. मुकाबला दो दलों के नेताओं के बीच हैं. डेमोक्रैट्स की ओर से कमला हैरिस और रिपब्लिकन की ओर डोनाल्ड ट्रंप चुनाव में जीत के लिए लोगों के बीच चुनावी रैलियां कर रहे हैं. 5 नवंबर को दोनों की किस्मत का फैसला बैलेट बॉक्स में बंद हो जाएगा. ज्यादातर प्रमुख अमेरिका की मीडिया में कमला हैरिस को बढ़त बताई जा रही है. लेकिन कुछ मीडिया हाउसेस में डोनाल्ड ट्रंप को आगे दिखाया जा रहा है. इतना ही नहीं कुछ सर्वे भी आ रहे जिनमें कांटे की टक्कर दिखाई जा रही है.
एलन मस्क का खुला समर्थन
ऐसे में देश के पूंजीपति किसका समर्थन कर रहे हैं इसे भी देखना जरूरी हो जाता है. पूर्व राष्ट्रपति के समर्थन में देश के शीर्ष अरबपति हैं. इनमें टेस्ला के सीईओ एलन मस्क सबसे आगे हैं. मस्क ने साल की शुरुआत में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था. इतना ही नहीं उनका समर्थन इतना खुला है कि वो ट्रंप की रैलियों में भी दिख रहे हैं.
क्या पड़ता है असर
जब बात की समर्थन की होती है तो चुनावों में अकसर अफवाहों का बाजार भी गर्म हो जाता है कि फलां व्यक्ति ने इसका समर्थन किया है या फिर उसका समर्थन किया है. ऐसे में जिम्मेदार लोगों द्वारा खंडन भी किया जाता रहा है. इस बार के अमेरिकी चुनाव में ऐसा भी देखने को मिला है. जानें मानें अरबपति और बाजार के जानकार वारेन बुफे को ऐसा करना पड़ा है. उन्हें अपने बारे में खबरें सुनने के बाद साफ करना पड़ा कि वे किसी का समर्थन नहीं कर रहे हैं. उन्होंने अपनी कंपनी, बर्कशायर हैथवे की वेबसाइट पर एक बयान जारी कर कहा कि राजनीतिक उम्मीदवारों का समर्थन और विरोध नहीं करेंगे."
मीडिया की पसंद कौन
ऐसे में ये देखना दिलचस्प हो जाता है कि डोनाल्ड ट्रंप को देश के अमीर समर्थन दे रहे हैं. ये सभी अलग अलग मीडिया हाउस की रिपोर्ट्स में अलग अलग समय प्रकाशित हुए हैं या इन लोगों ने ट्रंप के समर्थन में बयान दिया है. यह गौर करने की बात है कि वैसे तो इन घोषणाओं का मतलब नहीं होता है. लेकिन इस प्रकार की घोषणा अनिर्णित मतदाताओं को वोट फाइनालाइज करने में मदद करता है. खास तौर पर स्विंग वोटरों के दिमाग में प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा इस प्रकार का खुला समर्थन स्पष्ट रूप से असर करता है. जैसा की कहा जा रहा है कि इस बार का चुनाव काफी कड़े मुकाबले का है. यानी काफी करीबी का मुकाबला है तो ऐसे में एक एक वोट कीमती हो जाता है.
जेफ बेजॉस क्या बोले
किसी का समर्थन या समर्थन नहीं करने के मुद्दे पर अमेजन के फाउंडर जेफ बेजॉस का कहना है कि इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है. शायद यही कारण है कि जेफ बेजॉस ने चुनाव में न ही डोनाल्ड ट्रंप का और न ही कमला हैरिस का खुला समर्थन किया है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प का समर्थन करने वाले टॉप अरबपतियों की सूची कुछ इस प्रकार है.
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