
अमेरिका (America) में 47वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से भारतवंशी कमला हैरिस मैदान में हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए एग्जिट पोल की शुरुआत हो गयी है. इस बार के चुनाव में मतदाताओं ने लोकतंत्र को लेकर अपनी चिंताओं को बताया है साथ ही देश की आर्थिक हालत को लेकर भी वोटिंग की गई है. CNN के एग्जिट पोल में डोनाल्ड ट्रंप को बढ़त मिलता हुआ दिख रहा है.फ्लोरिडा, केंटुकी, इंडियाना में ट्रंप आगे चल रहे हैं. वहीं जॉर्जिया में भी ट्रंप आगे चल रहे हैं.
#NDTVUSचुनाव: शुरुआती रूझानों में डोनाल्ड ट्रंप को बढ़त
— NDTV India (@ndtvindia) November 6, 2024
(यह आंकड़ा सुबह 6:15 बजे दर्ज किया गया है) #USElections2024 । #DonaldTrump। #KamalaHarris । #ResultsWithNDTVpic.twitter.com/dkKEjJuQb8
एनबीसी न्यूज के एग्जिट पोल के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप 54.8 फीसदी वोटों के साथ बढ़त बनाए हुए हैं जबकि कमला हैरिस 44.4 फीसदी वोटों के साथ रेस में पिछड़ती दिख रहीं हैं.
AP Vote Cast के एग्जिट पोल के अनुसार, ट्रंप की इंडियाना, केंटकी और वेस्ट वर्जीनिया में जीत का अनुमान है जबकि अभी तक कमला हैरिस को सिर्फ वर्मोंट में ही बढ़त मिलती दिख रही है.
एडिसन रिसर्च के राष्ट्रीय एग्जिट पोल के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार के राष्ट्रपति चुनाव में लगभग तीन-चौथाई मतदाताओं का मानना है कि अमेरिकी लोकतंत्र खतरे में है. आंकड़ों से पता चलता है कि मतदाताओं के लिए लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, इसके बाद गर्भपात और आप्रवासन है. एग्जिट पोल के अनुसार 73% मतदाताओं का मानना है कि लोकतंत्र खतरे में है, जबकि केवल 25% ने कहा कि यह सुरक्षित है.
सीएनएन एग्जिट पोल के सर्वे में शामिल अधिकतर वोटर्स ने कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें किस उम्मीदवार को वोट देना है. इसका फैसला उन्होंने काफी पहले ही कर लिया था.
कब तक आएंगे अंतिम नतीजे?
आमतौर पर उम्मीद की जाती है कि चुनाव के अगले दिन ही परिणाम निकल आए. लेकिन कई बार ऐसा होता नहीं है. दरअसल होता यह है कि कई राज्यों में वोटों की गिनती अलग-अलग समय पर शुरू होती है. इस वजह से परिणाम आने में देरी होती है.हर राष्ट्रपति चुनाव की तरह, इस बार भी ऐसी संभावना है कि सात स्विंग स्टेट ही अमेरिका के अगले राष्ट्रपति का फैसला करेंगे. ये राज्य छह से 11 दिसंबर के बीच चुनाव नतीजों को प्रमाणित करेंगे. इसके बाद 17 दिसंबर को निर्वाचक अपना आधिकारिक वोट डालने के लिए बैठक करेंगे.वोटों की गिनती और परिणामों की पुष्टि करने के लिए कांग्रेस का अधिवेशन कांग्रेस 6 जनवरी, 2025 को आयोजित किया जाएगा. परिणामों की घोषणा के बाद 20 जनवरी, 2025 को नए राष्ट्रपति को शपथ दिलाई जाएगी.
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