
अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार निक्की (US Presidential Election) हेली ने शनिवार को एक बार डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump Nikki Haley) की आलोचना की. ट्रंप की अश्वेत अमेरिकियों के बारे में घृणित टिप्पणी पर निक्की हेली ने हमला बोला. निक्की हेली ने अपने गृह राज्य में एक पोलिंग बूथ पर कहा, "यह घृणित है, लेकिन जब वह टेलीप्रॉम्प्टर बंद कर देते हैं तो ऐसा ही होता है, डोनाल्ड ट्रंप के साथ यही अराजकता है." निक्की ने कहा कि, "आम चुनाव के बीच अब यह आक्रमकता हर दिन दिखेगी, यही कारण है कि मैं लगातार कहती रहती हूं कि डोनाल्ड ट्रंप आम चुनाव नहीं जीत सकते."
ये भी पढ़ें-भविष्य में साथ काम करने को लेकर उत्साहित : Uber CEO से मुलाकात के बाद गौतम अदाणी
डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई कि शनिवार को दक्षिण कैरोलिना में नामांकन प्रतियोगिता में वह निक्की हेली को आसानी से हरा सकते हैं. उन्होंने कहा कि अश्वेत वोटर्स उनका समर्थन करते हैं, क्योंकि वे उनकी कानूनी परेशानियों को समझ सकते हैं. ट्रंप ने शुक्रवार शाम ब्लैक कंटर्वेटिव्स को दिए एक भाषण में यह टिप्पणी की. बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों चार आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिसमें साजिश और वोट में धांधली के आरोप शामिल हैं.
ट्रंप ने कहा कि "अश्वेत अमेरिकी मुझे पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें बहुत बुरी तरह से चोट पहुंचाई गई है और उनके साथ भेदभाव किया गया है, और वे वास्तव में मुझे उसी रूप में देखते हैं जैसे मैं भेदभाव के खिलाफ हूं." ट्रंप ने ये भी दावा किया कि अश्वेत मतदाता किसी अन्य की तुलना में जॉर्जिया जेल में ली गई उनकी पुलिस फोटो की सराहना करते हैं.
ट्रंप ने कहा,"मग शॉट, हम सभी ने मग शॉट देखा है, और आप जानते हैं कि अश्वेत आबादी को किसी और से ज्यादा किसने अपनाया? यह अविश्वसनीय है." ट्पं की इस टिप्पणी की रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स, दोनों ने ही आलोचना की.राष्ट्रपति जो बाइडेन के री इलेक्शन कैंपेन के को-चेयरमैन सेड्रिक रिचमंड ने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अश्वेत अमेरिकी उनके आपराधिक आरोपों की वजह से उनका समर्थन करेंगे. यह अपमानजनक है, यह मूर्खतापूर्ण है और यह सीधे तौर पर नस्लवादी है."
बता दें कि इससे पहले ट्रंप ने अपनी कानूनी परेशानियों की तुलना रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी के उत्पीड़न से की थी, जिनकी हाल ही में आर्कटिक जेल में अचानक मौत को बाइडेन और अन्य पश्चिमी नेताओं ने क्रेमलिन से जोड़ा है.
चीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहचीन ने की चोरी! अमेरिकी चुनाव के 22 करोड़ वोटर्स का डेटा उड़ाया- ट्रंप का बड़ा दावा
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहअमेरिका में चुनाव से पहले डर गए ट्रंप? इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटाया
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहFact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
LIVE: बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी आज कोलकाता और श्रीरामपुर में रैली कर सकते हैं. दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तपती धूप और गर्मी से बुरा हाल है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. देश-दुनिया का हर अपडेट यहां देखें.
Iran War: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. शायद यही वजह है कि ट्रंप के मन में युद्ध खत्म करने का विचार आने लगा है.
हंगरी में विपक्षी नेता पीटर मैग्यार (Peter Magyar) और उनकी तिसा पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संसद की 199 सीटों में से 138 सीटों पर कब्जा कर लिया है.
हंगरी के संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिज्सा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर ओर्बन के 16 साल के शासन का अंत किया. विक्टर ओर्बन की हार का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती मानी जा रही है, जिससे जनता में निराशा थी.

