
अमेरिका में होने वाला राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election) डोनाल्ड ट्रंप Vs कमला हैरिस हो गया है. दोनों ही खुद को दूसरे से बेहतर बताने और अमेरिका की जनता को लुभाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं. अमेरिकी मीडिया इन दिनों कमला हैरिस को ट्रंस से ज्यादा कवरेज दे रही है, जो कि उनको रास नहीं आ रही है. ट्रंप (Donald Trump Kamala Hariis) मीडिया का ध्यान कमला हैरिस से हटाकर खुद पर आकर्षित करने की हर संभव कोशिश में लगे हुए हैं. इसके लिए अब उन्होंने टैक्स और हेल्थ स्कीम का सहारा लिया है. शुक्रवार को उन्होंने दोनों ही ल्कीम का प्रचार करते हुए उस हफ्ते के पन्नों को पलटने की कोशिश की, जब वह कमला हैरिस से पीछे रह गए थे.
ट्रंप राष्ट्रपति चुनाव में अपने प्रतिद्वंदी पर निजी हमले करने के बजाय नीतिगत मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए संघर्ष कर रहे थे. रिपब्लिकन उम्मीदवार ने लास वेगास में एक मैक्सिकन रेस्तरां में एक व्याख्यान से, वेटरों और अन्य सेवा कर्मचारियों को दी जाने वाली टिप पर से टैक्स हटाने की अपनी योजना के बारे में बात की. ट्रंप ने नेवादा में हिस्पैनिक वोटर्स को लुभाने के लिए अपने अभियान की कोशिशों पर भी चर्चा की. नवेदा चुनाव के लिहाज से बहुत ही अहम राज्य है, जो 5 नवंबर और राष्ट्रव्यापी चुनाव को निर्धारित करने में मदद कर सकता है.

टैक्स प्रपोजल, ट्रंप के आर्थिक एजेंडे का एक स्तंभ, एक ऐसा मुद्दा है जिस पर उनके सलाहकार ध्यान केंद्रित करने के लिए उन पर दबाव डाल रहे हैं. सलाहकारों का सुझाव है कि कमला हैरिस के अश्वेत होने और भारतीय विरासत या उन पर निजी हमलों के बजाय ट्रंप को अपने आर्थिक एजेंडे पर ध्यान देना चाहिए. हैरिस पर निजी हमलों से उदारवादी वोटर्स नाराज हो सकते हैं. चुनाव में जीत के लिए इन वोटर्स की उनको जरूरत है.
एरिज़ोना में हुए एक कार्यक्रम में, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी हत्या की कोशिशों की जांच के लिए आयोग गठित करने का वादा करते हुए अपने टैक्स वचन को फर से दोहराया. उन्होंने कहा कि वह "पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं और बचपन की बीमारियों में बढ़ोतरी" की जांच के लिए एक पैनल गठित करेंगे.

ये दोनों ही प्रस्ताव स्पष्ट तौर पर स्वतंत्र राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर के लिए रियायतें हैं, जिन्होंने दौड़ से बाहर होने के बाद कार्यक्रम में ट्रंप का का समर्थन किया था. ट्रंप की ये टिप्पणियां कमला हैरिस के जोरदार भाषण के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के नामांकन को स्वीकार करने के एक दिन बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने विदेश नीति के व्यापक सिद्धांतों को रेखांकित किया और चुनाव के दिन से 11 हफ्ते पहले ट्रंप के साथ तीखे विरोधाभास को दिखाया.
डोनाल्ड ट्रंप ने चार दिन के सम्मेलन को देशभर में अपने स्वंय के कार्यक्रमों के साथ काउंटर करने की कोशिश की, जिससे मीडिया का ध्यान कमला हैरिस पर से हटाकर अपनी तरफ आकर्षित किया जा सके. हालांकि, विदेश नीति, अर्थव्यवस्था और क्राइम पर उनके भाषणों ने कमला हैरिस के सुर्खियों में बने रहने को कम नहीं किया और न ही उन पर बहुत ही कम ध्यान आकर्षित किया. वैसे तो ट्रंप हमेशा ही सुर्खियों में बने रहते हैं, लेकिन इस मामले में वह हैरिस से पीछे रह गए.

रिपब्लिकन और उनके सहयोगी उम्मीद जता रहे हैं कि गुरुवार को होने वाला जोरदार सम्मेलन कमला हैरिस के लिए हनीमून पीरियड का अंत होगा, जो करीब एक महीने पहले डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के रूप में उभरी थीं. जो बाइडेन ने भी उनका समर्थन किया था. शिकागो में कमला हैरिस के स्वीकृति भाषण के दौरान, ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर दर्जनों पोस्ट के साथ उन पर हमला किया था, दिसमें उन्हें झूठा, मार्क्सवादी और "कॉमरेड कमला हैरिस" कहा था.
ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर विलियम रोसेनबर्ग ने कहा कि कमला हैरिस पर ट्रंप के व्यक्तिगत हमलों ने एक द्विजातीय महिला का सामना करने के साथ ही उनकी निराशा को रेखांकित किया है, जो कि नस्लवादी टिप्पणी करने के उनके इतिहास से जटिल है. रोसेनबर्ग ने कहा कि उनका गुस्सा और उनके शब्द बहुत कुछ कहते हैं, वह ऐसे रास्ते पर चल रहे हैं जो उनके लिए समस्याओं से भरा है."
बता दें कि राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने के बाद से कमला हैरिस ने सर्वे में बढ़त हासिल कर ली है, पोलिंग एग्रीगेटर वेबसाइट फाइवथर्टीएट ने उन्हें सात बेटलग्राउंड में से 6 में ट्रंप से आगे रखा है. वह अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंदी पर भारी पड़ रही हैं.
अमेरिका में भी होगा SIR? भारत के चुनावी सिस्टम की तारीफ कर ट्रंप ऐसा क्या करने वाले हैं
Written by: प्रियंक द्विवेदीभारत की चुनाव व्यवस्था के मुरीद हुए ट्रंप, बोले- 64.6 करोड़ वोटर्स के पास फोटो ID; अमेरिका में भी हों ये नियम
Written by: अजय कुमार पटेलExplainer: निकारागुआ में अब नहीं होंगे चुनाव, राष्ट्रपति ओर्टेगा के इस फैसले से क्यों मचा है वैश्विक बवाल?
Written by: अभिजीत श्रीवास्तवअमेरिका में कड़े चुनावी कानूनों की पैरवी करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय चुनावी सिस्टम की तारीफ की है. इसके साथ ही उन्होंने 'सेव अमेरिका एक्ट' पास कराने की मांग की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के चुनावी मॉडल की तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में हर मतदाता के लिए वैध फोटो पहचान पत्र जरूरी है. उन्होंने अमेरिका में SAVE America Act पारित करने की मांग दोहराई.
निकारागुआ में चुनाव क्यों खत्म कर रहे हैं डेनियल ओर्टेगा? संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने निकारागुआ पर क्या कहा? ओर्टेगा के इस फैसले से निकारागुआ को लेकर दुनिया की चिंता क्यों बढ़ गई है?
Fact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
LIVE: बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी आज कोलकाता और श्रीरामपुर में रैली कर सकते हैं. दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तपती धूप और गर्मी से बुरा हाल है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. देश-दुनिया का हर अपडेट यहां देखें.
