ayodhya ram mandir
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  • राम मंदिर पर संसद में बिल लाएंगे बीजेपी सांसद राकेश सिन्हा, ट्वीट कर विपक्षी नेताओं को दिया चैलेंज

    राम मंदिर पर संसद में बिल लाएंगे बीजेपी सांसद राकेश सिन्हा, ट्वीट कर विपक्षी नेताओं को दिया चैलेंज

    NDTVKhabar News Desk | Thursday November 01, 2018 , नई दिल्ली

    लोकसभा चुनाव 2019 से पहले अलग-अलग राजनेताओं के बयानों में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की कवायद तेज होती दिख रही है. हालांकि, अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, मगर इस पर बीजेपी से उलट संघ काफी मुखर है. यही वजह है कि जो लोग संघ या बीजेपी से राम मंदिर निर्माण का सवाल पूछते हैं, संघ विचारक और राज्यसभा सांसद ने उन सभी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अगर वे प्राइवेट मेंबर बिल लाएंगे तो क्या उन्हें समर्थन मिलेगा? बता दें कि राम मंदिर पर बुधवार को संघ ने कहा कि  मंदिर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर कानून बनाना चाहिए ठीक उसी तरह जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल ने गुजरात में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था. 

  • बीजेपी नेता गिरिराज सिंह बोले- नहीं पता राहुल गांधी हिंदू हैं, अगर वह राम मंदिर पर चुप रहे तो शिव की भक्ति भी स्वीकार्य नहीं
    NDTVKhabar News Desk | Wednesday October 31, 2018 , पटना

    केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को देश भर में मंदिरों का भ्रमण करने के बजाए अयोध्या में राम मंदिर के समर्थन में खुलकर सामने आने की चुनौती दी है. गिरीराज सिंह ने पटना में कहा कि राहुल में अगर हिम्मत है तो वह देश में मंदिरों का भ्रमण करने के बजाए अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के समर्थन में खुलकर सामने आएं. 

  • 'याकूब मेनन की फांसी टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट रात में खुल सकता है, लेकिन अयोध्या मामले में तारीख पर तारीख...'
    NDTVKhabar News Desk | Tuesday October 30, 2018 , नई दिल्ली

    अयोध्या मामले की सुनवाई अगले साल जनवरी तक टलने के बाद हरियाणा के मंत्री और बीजेपी (BJP) नेता अनिल विज (Anil Vij) ने सुप्रीम कोर्ट पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि न्यायालय मुंबई आतंकी हमले के दोषी याकूब मेमन की फांसी को टालने के अनुरोध पर देर रात भी सुनवाई कर सकता है.

  • सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई टलने के बाद योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, कही यह बात....
    NDTVKhabar News Desk | Tuesday October 30, 2018 , लखनऊ 

    अयोध्या मामले की सुनवाई अगले साल जनवरी तक टलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने बड़ा बयान दिया है. यूपी के सीएम ने कहा कि न्याय में देरी से लोगों को निराशा होती है, लेकिन कोई न कोई रास्ता अवश्य निकलेगा.

  • बीजेपी नेता गिरिराज सिंह बोले- राम मंदिर के मुद्दे पर अगर हिंदुओं का सब्र टूटा तो, तेजस्वी ने ऐसे दिया जवाब
    NDTVKhabar News Desk | Monday October 29, 2018 , नई दिल्ली

    भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है जिस पर विवाद खड़ा हो गया है. गिरिराज सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर कहा 'अब हिंदुओं का सब्र टूट रहा है. मुझे भय है कि हिंदुओं का सब्र टूटा तो क्या होगा?.

  • VHP का बयान, राम मंदिर के लिए अनंतकाल तक इंतजार नहीं, 31 जनवरी से पहले सारी बाधाएं दूर कर ली जाएंगी
    Bhasha | Saturday October 27, 2018 , प्रयागराज

    विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने आज कहा कि हिंदू समाज राम मंदिर (Ram Mandir) के लिए उच्चतम न्यायालय के फैसले का अनंतकाल तक इंतजार नहीं कर सकता. इसलिए विहिप ने गत पांच अक्टूबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से राजधानी दिल्ली में मिलकर उनसे सरकार से इस संबंध में कानून लाने के लिए कहने का अनुरोध किया.

  • फिर गर्माया अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मुद्दा, अध्यादेश को लेकर भाजपा का बड़ा बयान
    NDTVKhabar News Desk | Sunday October 21, 2018 , हैदराबाद

    अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir in Ayodhya) को लेकर छिड़ी चर्चा के बीच भाजपा ने बड़ा बयान दिया है. पार्टी के प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह राव ने कहा कि भाजपा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर प्रतिबद्ध है और वह इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का इंतजार करेगी. राव ने कहा कि नेताओं के एक वर्ग की मंदिर पर एक अध्यादेश लाने की मांग थी. पार्टी लोगों की भावनाओं को समझती है.

  • क्या सच में देश में '2014 जैसी मोदी लहर' नहीं? 'राम मंदिर' पर क्या है NDA के सहयोगी दलों की राय, 10 बातें
    NDTVKhabar News Desk | Friday October 19, 2018 , नई दिल्ली

    लोकसभा चुनाव 2019 की परोक्ष रुप से सभी पार्टियां अपने-अपने स्तर से तैयारियां कर रही हैं. 2019 के सियासी समर में एनडीए की राह भी आसान नहीं दिख रही है. एनडीए में ऐसे कई मुद्दे हैं, जिन्हें लेकर सहयोगी पार्टी अपना एक अलग स्टैंड रखते हैं. चाहे राम मंदिर का मुद्दा हो या फिर अच्छे दिन का वादा. शिवसेना से लेकर जनता दल यूनाइटेड तक बीजेपी से अपनी अलग राय रखते हैं. शिवसेना जहां राम मंदिर के निर्माण न होने पर मोदी सरकार को कोस रही है, वहीं राम मंदिर पर जदयू सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने की सलाह दे रही है. गुरुवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली को संबोधित किया और मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. शिवसेना का मानना है कि अब देश में 2014 जैसी मोदी लहर नहीं है. तो चलिए जानते हैं कि शिवसेना ने मोदी सरकार को लेकर क्या-क्या कहा है?

  • शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे 25 नवंबर को जाएंगे अयोध्या, PM मोदी से पूछेंगे यह सवाल...
    NDTVKhabar News Desk | Thursday October 18, 2018 , नई दिल्ली

    एक तरफ़ संघ प्रमुख मोहन भागवत कह रहे हैं कि राम मंदिर के लिए सरकार क़ानून लाएं. वहीं दूसरी तरफ केंद्र और महाराष्ट्र में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी कह रहे हैं कि बीजेपी राम के मुद्दे पर लोगों के साथ छल न करे. उद्धव ने दशहरे पर होने वाले पार्टी के सालाना कार्यक्रम में कहा कि वह 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे और वहां जाकर पीएम मोदी से कहेंगे कि वो लोगों की आस्था से न खेलें. उद्वव ने कहा कि वह वहां जाकर प्रधानमंत्री से पूछेंगे कि अब तक राम मंदिर का निर्माण क्यों नहीं किया गया. 

  • मोहन भागवत के 'राम मंदिर राग' पर नीतीश की पार्टी को ऐतराज, जानिये किसने क्या कहा...  
    NDTVKhabar News Desk | Thursday October 18, 2018 , नई दिल्ली

    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने फिर से राम मंदिर राग (Ram Mandir) छेड़ा है. उनकी मांग है कि अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए सरकार कानून बनाए. जानकारों का कहना है कि चुनावों से पहले अक्सर संध परिवार को मंदिर याद आता है. जबकि जो क़ानूनी स्थिति है, उसमें सरकार के लिए राम मंदिर पर क़ानून बनाना आसान नहीं है. उधर, बिहार में बीजेपी की सहयोगी दल जेडीयू संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान से इत्तेफाक नहीं रखता. जेडीयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर पार्टी का स्टैंड पूरी तरह साफ है. इस मसले का हल या तो हिन्दू-मुस्लिम समाजों के प्रतिनिधि निकालें या फिर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मान्य हो, क्योंकि यह मामला अभी तक सुप्रीम कोर्ट के अधीन है. हमारा मानना है कि हमें उसके फैसले तक इंतजार करना चाहिए. इस मुद्दे को बेवजह तूल देने की जरूरत नहीं है. एक बार फैसला आ जाए फिर सभी पार्टी को इसका सम्मान करना चाहिए.