अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने 70 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. 8 आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों और बैंक को क्लीन चिट दे दी गई है.
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान की कथित हेराफेरी मामले में SIT ने अपनी जांच पूरी कर ली है. जांच एजेंसी ने CCTV फुटेज की पड़ताल में 105 संदिग्ध मामलों का जिक्र किया है.
अयोध्या राम मंदिर के CEO पद पर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को लेकर उठे सवालों के बीच राम मंदिर ट्रस्ट ने आधिकारिक बयान जारी किया है. ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी और अंतिम चयन से पहले उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया था.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अहम जिम्मेदारी निभा चुके भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पदभार ग्रहण करेंगे. उन्हें 5,000 से अधिक उम्मीदवारों में से चयनित किया गया है.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO नियुक्त किए गए पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा गुरुवार को अयोध्या पहुंचे. इस दौरान उनका एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा ने अयोध्या पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया है. उन्होंने इस जिम्मेदारी को भगवान राम का आशीर्वाद बताते हुए राम मंदिर और श्रद्धालुओं की सेवा का संकल्प जताया.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने संगठनात्मक पुनर्गठन करते हुए रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को CEO और स्वामी गोविंद देव गिरि को महामंत्री नियुक्त किया है.
जीतेंद्र मिश्रा का देश के लिए बड़ा योगदान रहा है. उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय कारगिल युद्ध के दौरान ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ से जुड़ा है, जिसे हाल ही में इस नाम से आई नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज में भी दर्शाया गया है.
राम मंदिर के ट्रस्ट के नए CEO के नाम का ऐलान हो गया है. रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को नया CEO चुना गया है.
राम मंदिर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अयोध्या में NSG का सातवां रीजनल हब शुरू होने जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर के अंत तक ब्लैक कैट कमांडो की स्थायी तैनाती हो जाएगी.जिससे उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में किसी भी आतंकी हमले, बंधक संकट या बड़े सुरक्षा खतरे पर तेजी से कार्रवाई संभव होगी.


