
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इस बीच एनसीपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने एक बड़ा बयान दिया है. शरद पवार ने राजनीति से रिटायरमेंट होने का हिंट देते हुए आज कहा है किअब नए लोगों को चुनकर आना चाहिए. 'मैं कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता. चुनाव को लेकर मुझे अब रुकना चाहिए.
सूर्य उपासना का महापर्व छठ आज से शुरू हो गया है. चार दिनों तक चलने वाले छठ पूजा की शुरुआत आज नहाय-खाय से हो से हो रही है. दिल्ली के जहांगीरपुरी के मंदिर में पथराव की घटना सामने आई है. इसके बाद से ही वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है. कुछ घंटे पहले ही जहांगीरपुरी के एक मंदिर में बाहरी तरफ से पहले एक पत्थर अंदर फेंका जाता है और इसके बाद अंदर मौजूद लोगों ने भी पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद वहां जमकर हंगामा हो गया. इस वजह से वहां भगदड़ भी मच गई. घटना का एक सीसीटीवी भी सामने आया है. अमेरिका में आज राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा और फिर वोटों की गिनती शुरू की जाएगी. इसी बीच सर्वे में सामने आया है कि डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रीय स्तर पर और अधिकांश स्विंग राज्यों में एक दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे हैं. वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में आज दो अहम मामलों पर सुनवाई होगी. इनमें से एक यूपी में मदरसों का मामला है और दूसरा क्या निजी संपत्ति को सामुदायिक संसाधन माना जा सकता है.
#WATCH | Uttar Pradesh: The four-day #ChhathPuja begins. Devotees perform the rituals of 'Nahay Khay' on the first day today.
- ANI (@ANI) November 5, 2024
Visuals from Ram ki Paidi Chhath Ghat in Ayodhya. pic.twitter.com/5BBLs5nDvI
#WATCH | A massive crowd gathered outside Hindu Sabha Mandir in Brampton, Canada on the evening of 4th November in solidarity with the temple and the community after the Khalistani attack on November 3.
- ANI (@ANI) November 5, 2024
The organizers of the solidarity rally pressed Canadian politicians and law... pic.twitter.com/nBk59eSclW
चीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहचीन ने की चोरी! अमेरिकी चुनाव के 22 करोड़ वोटर्स का डेटा उड़ाया- ट्रंप का बड़ा दावा
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहअमेरिका में चुनाव से पहले डर गए ट्रंप? इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटाया
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहकोलंबिया में राष्ट्रपति चुनाव का रिजल्ट आते लोग क्यों जलाने लगे अमेरिकी झंडे? दंगे का ट्रंप कनेक्शन
Edited by: Ashutosh Kumar SinghFact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
LIVE: बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी आज कोलकाता और श्रीरामपुर में रैली कर सकते हैं. दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तपती धूप और गर्मी से बुरा हाल है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. देश-दुनिया का हर अपडेट यहां देखें.
Iran War: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. शायद यही वजह है कि ट्रंप के मन में युद्ध खत्म करने का विचार आने लगा है.
हंगरी में विपक्षी नेता पीटर मैग्यार (Peter Magyar) और उनकी तिसा पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संसद की 199 सीटों में से 138 सीटों पर कब्जा कर लिया है.
हंगरी के संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिज्सा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर ओर्बन के 16 साल के शासन का अंत किया. विक्टर ओर्बन की हार का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती मानी जा रही है, जिससे जनता में निराशा थी.

