US Election Results 2024: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के दौरान 13 जुलाई 2024 को शाम करीब 6.15 बजे डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ था. यह हमला तब हुआ था जब 78 वर्षीय ट्रंप पेनसिल्वेनिया के बटलर में एक रैली को संबोधित कर रहे थे. रैली के दौरान उन पर गोली चलाई गई थी. गोली उनके कान को छूती हुए निकल गई थी. हमले के बाद उन्हें तुंरत अस्पताल ले जाया गया था. रैली में मौजूद ट्रंप के एक समर्थक की इस हमले में मौत हो गई थी. हमलावर को मार दिया गया था. अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में यह घटना टर्निंग पॉइंट साबित हुई. इस घटना ने डोनाल्ड ट्रंप के लिए जीत आसान बना दी.
ट्रंप को गोली दाहिने कान के ऊपरी हिस्से में लगी थी. वे हमले में बाल-बाल बचे थे. यह जानलेवा हमला था. ट्रंप अगर दो इंच भी इधर-उधर होते तो गोली सिर में घुस जाती और तब उनका बचना नामुमकिन ही होता. इस हमले के बाद दुनिया भर में सनसनी फैल गई थी. तमाम देशों के नेताओं ने हमले की निंदा की. इसके अलावा इस घटना से अमेरिकियों की सहानुभूति ट्रंप के साथ जुड़ गई.
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पेन्सिलवेनिया के बटलर में उस दिन चुनावी रैली में ट्रंप ने अपना भाषण शुरू ही किया था कि तभी गोलियां चलीं और एक गोली उनके कान को छूती हुई निकल गई. शूटिंग के तुरंत बाद ट्रंप को उनके सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने घेर लिया. गोली लगने से दो-तीन सेकंड पहले ट्रंप ने अपना सिर घुमाया था और गोली उनके कान को छूती हुई निकल गई थी. यदि वे ठीक उसी क्षण में सिर न घुमाते तो गोली उनके सिर में लगती. ट्रंप अपना दाहिना कान पकड़े अपने घुटनों के बल वहीं बैठ गए थे. लगभग एक मिनट बाद वे उठे तो उनका चेहरा खून से सना हुआ था. हालांकि वे मुट्ठी तानते हुए बोले जा रहे थे.. ''फाइट.. फाइट.. फाइट..."
Another new video POV from behind the stage moments BEFORE & after shots rang out at the Trump rally. pic.twitter.com/eO8njBARhH
— Moshe Schwartz (@YWNReporter) July 14, 2024
इस हमले में रैली में भाग लेने वाले एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे. डोनाल्ड ट्रंप किस्मत से जानलेवा हमले में बाल-बाल बचे और इसके साथ ही उनका राजनीतिक भविष्य में चमक गया.
डोनाल्ड ट्रंप पर जुलाई में हुए इस हमले के बाद सितंबर 2024 में भी हमला किया गया था. एफबीआई ने इसे ट्रंप की हत्या की कोशिश बताया था. ट्रंप के फ्लोरिडा में स्थित वेस्ट पाम बीच पर इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स के बाहर गोलीबारी हुई थी. उस समय ट्रंप अपने फ्लोरिडा स्थित घर में गोल्फ खेल रहे थे. इस दौरान करीब 300 मीटर की दूरी पर गोल्फ कोर्स के किनारे झाड़ियों के बीच से किसी ने गोली चलाई थी. हमलावर ने जैसे ही गोली चलाई सुरक्षाकर्मियों ने भी जवाबी हमला किया था. बाद में बंदूकधारी को गिरफ्तार कर लिया गया था.
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बटलर में हुए हमले के कुछ दिन बाद डोनाल्ड ट्रंप ने मिल्वौकी में रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन (RNC) को संबोधित किया था. उन्होंने रैली के दौरान उनकी हत्या के प्रयास का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि हत्या के प्रयास के बारे में बात करना बहुत दर्दनाक है. ट्रंप ने कहा था कि हम झुकेंगे नहीं. तब डोनाल्ड ट्रम्प का अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन स्वीकार किए जाने पर रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में भीड़ ने उनकी जयकार की थी.
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि, ''मैं आज आपके सामने आत्मविश्वास, ताकत और आशा का संदेश लेकर खड़ा हूं. अब से चार महीने बाद, हमें अविश्वसनीय जीत मिलेगी. हम हर जाति, धर्म, रंग और पंथ के नागरिकों के लिए सुरक्षा, समृद्धि और स्वतंत्रता का एक नया युग शुरू करेंगे, हमारे समाज में कलह और विभाजन को ठीक करना होगा. मैं पूरे अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के लिए दौड़ रहा हूं, आधे अमेरिका का नहीं, क्योंकि आधे अमेरिका को जीतने में कोई जीत नहीं है.''
डोनाल्ड ट्रंप ने कन्वेंशन में बटलर की घटना का भी विस्तार से जिक्र किया था. इससे डोनाल्ड ट्रंप के प्रति लोगों में सहानुभूति जागी. दो महीने बाद ही फ्लोरिडा में फिर से गोलीबारी होने पर उस घटना का भी चुनाव प्रचार में खूब जिक्र किया गया. इसका लाभ ट्रंप को मिला.
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी दक्षता विभाग के उस फैसले का बचाव किया है, जिसमें USAID के जरिए भारत को दी जाने वाली 1 अरब 80 करोड़ रुपये की मदद रोक दी गई है. यह मदद भारत में मतदान बढ़ाने के लिए दी जा रही थी.ट्रंप का कहना है कि भारत के पास बहुत पैसा है.
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि वह डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव हरा सकते थे, लेकिन पार्टी के कहने पर उन्हें पीछे हटना पड़ा.
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि भारत में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है. यह एक तरह से दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति एलन मस्क को जवाब माना जा रहा था, जिन्होंने लेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे.
अमेरिका में निर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के समर्थक एच 1 बी वीजा पर भिड़े हुए है. इसकी शुरूआत श्रीराम कृष्णन की नियुक्ति के बाद हुई. ट्रंप के कुछ समर्थक इस पर आपत्ति जताने लगे. लेकिन अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने इसका समर्थन करते हुए एच 1 बी वीजा में सुधार की बात कही है.
अमेरिकी न्याय विभाग में अटार्नी ब्रायन पीस ने कहा है कि वो 10 जनवरी को इस्तीफा दें देंगे. पीस को राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नियुक्त किया था. वो चुने गए राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के 20 जनवरी को शपथ लेने से पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे देंगे.
दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की मदद के लिए कम से कम 270 मिलियन डॉलर खर्च किए थे. जिसके साथ ही वो रिपब्लिकन के शीर्ष दाता बन गए हैं.
डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर एक कार्यकारी आदेश की योजना बना रहे हैं, जिसके तहत अमेरिकी सेना से सभी ट्रांसजेंडर सदस्यों को हटा दिया जाएगा.
एक्स के सीईओ एलन मस्क भारत की चुनाव प्रक्रिया के फैन हो गए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए हैरानी जताई कि भारत में एक दिन में ही 64 करोड़ वोटों की गिनती हो गई.
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बॉन्डी ने लगभग 20 वर्षों तक अभियोजक के रूप में काम किया और उस दौरान उन्होंने अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाया साथ ही फ्लोरिडा को लोगों के लिए सुरक्षित स्थान बनाया.