प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात काफी खास दिखाई दी. इस दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे की जमकर तारीफ की, एक दूसरे के नेतृत्व की सराहना की और कई बार एक-दूसरे को गले लगाया.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप भी व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करेंगी. अमेरिकी राष्ट्रपति के निमंत्रण पर शनिवार रात को वाशिंगटन डीसी पहुंचे मोदी व्हाइट हाउस में चार घंटे से ज्यादा वक्त बिता सकते हैं.
ट्रंप प्रशासन के सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्हाइट हाउस की पहली यात्रा को सफल बनाने के लिए भारत और अमेरिका के अधिकारियों ने काफी मेहनत की है. सोमवार को दोनों नेताओं की पहली मुलाकात से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के आपसी रिश्तों और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बढ़ते सहयोग के बारे में काफी विस्तृत जानकारी ली. उन्होंने थोड़ी-बहुत हिंदी की भी जानकारी ली, जिसे संभवत: वह पीएम मोदी से मुलाकात और उसके बाद के कार्यक्रम में जाहिर कर सकते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात के बाद शिष्टमंडल-स्तरीय बातचीत शुरू होगी, जिसमें दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे, और उसके बाद प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी.
कूटनीति को एक 'मानवीय चेहरा' और सुशासन देने के लिए सोशल मीडिया के प्रभावी इस्तेमाल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुषमा स्वराज की सराहना की. उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय अब देश के गरीब से गरीब व्यक्ति से जुड़ा है. उन्होंने दुनिया के किसी भी कोने में मुश्किल में फंसे भारतीयों के ट्वीट पर जल्द से जल्द जवाब देने और उचित कदम उठाने की सुषमा स्वराज की आदत की तारीफ की.
अमेरिका में 'सजर्किल स्ट्राइक' का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आमतौर पर संयम बरतने वाला भारत अपनी संप्रभुता बचा सकता है. हमने अपनी ताकत का अहसास कराया.
प्रधानमंत्री मोदी ने 'सजर्किल स्ट्राइक' का जिक्र करते हुए कहा कि आमतौर पर संयम बरतने वाला भारत अपनी संप्रभुता बचा सकता है. हमने अपनी ताकत का अहसास कराया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाशिंगटन में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि तीन साल के कार्यकाल में उनकी सरकार पर एक भी दाग नहीं लगा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अमेरिका की शीर्ष कंपनियों के प्रमुखों से भारत में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत एक कारोबार हितैषी देश के रूप में उभर रहा है.
तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण के तहत रविवार को अमेरिका पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में एक जुलाई से लागू होने के लिए तैयार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अमेरिका के बिजनेस कॉलेजों में अध्ययन का विषय हो सकता है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले द्वारा किए गए ट्वीट के अनुसार, मोदी ने अमेरिकी उद्योग घरानों के शीर्ष अधिकारियों की बैठक के दौरान यह बात कही.


