
अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रतिद्वन्द्वी, डेमोक्रेट प्रत्याशी जो बाइडेन के बीच कांटे की टक्कर चल रही है.ट्रंप कुछ राज्यों में बाइडेन की जीत को कानूनी तौर पर चुनौती देने पर विचार कर रहे हैं. चुनाव के दो दिन बाद भी अभी तक कोई उम्मीदवार जीत दर्ज करने के लिए आवश्यक मत हासिल नहीं कर पाया है. इस बीच, काउंटिंग में पिछड़ता देख डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से कोर्ट जाने की बात कही है. ट्रंप ने ट्वीट करके दावा किया है कि अमेरिकी चुनाव वे ही जीतने जा रहे हैं. इसके साथ ही ट्रंप ने काउंटिंग रोकने के लिए भी कहाहै. डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि काउंटिंग बंद करो.
STOP THE COUNT!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) November 5, 2020
गौरतलब है कि मतदान दो दिन पहले हुआ और चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन व्हाइट हाउस पहुंचने के लिए आवश्यक 270 निर्वाचक मंडल मत के करीब पहुंच गये हैं . उन्होंने विस्कॉन्सिन और मिशिगन में जीत दर्ज कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राह को मुश्किल बना दिया है. अमेरिकी मीडिया के नवीनतम अनुमानों के अनुसार, पूर्व अमेरिकी उप राष्ट्रपति बाइडेन 253 मत और ट्रंप को 213 मत अब तक मिले हैं. वहीं, रिपब्लिकन पार्टी के उनके प्रतिद्वंद्वी ट्रंप कुछ राज्यों में बाइडेन की जीत को कानूनी तौर पर चुनौती देने पर विचार कर रहे हैं.
बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें चुनाव जीतने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं एक अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में शासन करूंगा.'' उन्होंने कहा, ‘‘जब हम जीतेंगे तो कोई लाल राज्य या नीला राज्य नहीं होगा, केवल संयुक्त राज्य अमेरिका होगा.'' ट्रंप अभियान दल ने जॉर्जिया, मिशिगन और पेन्सिलवेनिया में मुकदमे दर्ज कराए हैं और विस्कॉन्सिन में मतों की फिर गिनती किए जाने की मांग की है. ट्रंप ने बुधवार को अपने आवास पर ही ज्यादा समय बिताया. उन्होंने ट्विटर पर कई महत्वपूर्ण राज्यों में जीत का दावा किया.
ट्रम्प के अभियान प्रबंधक बिल स्टीफ़न ने कहा कि राष्ट्रपति कई काउंटियों में ‘‘अनियमितताओं'' का हवाला देते हुए विस्कॉन्सिन में फिर से मतगणना कराये जाने का औपचारिक रूप से अनुरोध करेंगे. उन्होंने कहा कि मिशिगन और पेन्सिलवेनिया में मुकदमे दर्ज कराए गये हैं. वहीं, अभी पेन्सिलवेनिया में सैकड़ों हजारों वोटों की गिनती की जानी है. दोनों के बीच अन्य करीबी मुकाबले में ट्रंप ने फ्लोरिडा, टेक्सास और ओहायो में जीत दर्ज की जबकि बाइडेन ने न्यू हैम्पशायर और मिनेसोटा में जीत हासिल की है.
चीन की दखल से चुनाव जीते थे बाइडेन- ट्रंप के इस आरोप की हवा उनकी अपनी सरकार निकाल चुकी
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहचीन ने की चोरी! अमेरिकी चुनाव के 22 करोड़ वोटर्स का डेटा उड़ाया- ट्रंप का बड़ा दावा
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहअमेरिका में चुनाव से पहले डर गए ट्रंप? इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटाया
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहFact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
LIVE: बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी आज कोलकाता और श्रीरामपुर में रैली कर सकते हैं. दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तपती धूप और गर्मी से बुरा हाल है. पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है. देश-दुनिया का हर अपडेट यहां देखें.
Iran War: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आ रहे हैं. ऐसे में ट्रंप पर युद्ध खत्म करने का घरेलू राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है. इस युद्ध की वजह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं. जिसकी वजह से उनको आलोचना झेलनी पड़ रही है. शायद यही वजह है कि ट्रंप के मन में युद्ध खत्म करने का विचार आने लगा है.
हंगरी में विपक्षी नेता पीटर मैग्यार (Peter Magyar) और उनकी तिसा पार्टी ने चुनाव में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए संसद की 199 सीटों में से 138 सीटों पर कब्जा कर लिया है.
हंगरी के संसदीय चुनाव में पीटर मैग्यार की तिज्सा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज कर ओर्बन के 16 साल के शासन का अंत किया. विक्टर ओर्बन की हार का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती मानी जा रही है, जिससे जनता में निराशा थी.

