
अमेरिका में इलाज करा रहे वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) को लेकर यह कयास लगाए जा रहे थे कि वे इस साल बजट (Interim Budget)पेश नहीं करेंगे, लेकिन सरकार से जुड़े उच्च सूत्रों के मुताबिक वे एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने के लिए देश लौटेंगे. वित्त मंत्री अरुण जेटली गुर्दा संबंधी अपनी बीमारी की जांच के लिए अमेरिका गये हैं. जेटली का पिछले साल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था, इसके बाद वे इस बार नियमित जांच के लिए अमेरिका गए हैं. उनके अमेरिका रवाना होने के बाद ये सवाल उठने लगे थे कि क्या वे बजट के दौरान मौजूद होंगे या नहीं?
पिछले साल 14 मई 2018 को 66 वर्षीय जेटली का गुर्दा प्रतिरोपण हुआ था. उसके बाद उनकी यह पहली विदेश यात्रा है. पिछले नौ महीनों में उन्होंने कोई विदेश यात्रा नहीं की है. उन्हें पिछले साल अप्रैल में एम्स में भर्ती कराया गया था जहां वह डायलसिस पर थे और बाद में उनका गुर्दा प्रतिरोपण हुआ था. जेटली की अनुपस्थिति में वित्त मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी रेलमंत्री पीयूष गोयल को सौंपी गई थी. जेटली 23 अगस्त 2018 को वापस वित्त मंत्रालय संभालने पहुंचे थे.
बजट 2019: रीयल एस्टेट सेक्टर ने मोदी सरकार से लगाई यह उम्मीद
जेटली को एक फरवरी को अपना छठा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार का आखिरी बजट पेश करना है. यद्यपि इस बार का बजट अंतरिम बजट होगा लेकिन उम्मीद की जा रही है कि उनका बजट भाषण आम बजट के जैसा ही होगा. मई में लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार जुलाई में पूर्ण बजट पेश करेगी.
क्या अपने अंतिम बजट में मोदी सरकार खोलेगी खजाना?
जेटली को पिछले हफ्ते ही लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा की चुनावी प्रचार रणनीति प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें पिछले साल अप्रैल में 10वें भारत-ब्रिटेन आर्थिक एवं वित्त संवाद के लिए लंदन जाना था, लेकिन अपनी गुर्दे की बीमारी के चलते उन्हें यह यात्रा रद्द करनी पड़ी थी. जेटली 2000 से राज्यसभा के सांसद हैं. पिछले साल मार्च में उन्हें उत्तर प्रदेश से फिर से राज्यसभा का सांसद चुना गया है. गुर्दा प्रतिरोपण से पहले 2014 में वजन बढ़ने की समस्या को लेकर भी जेटली की एक सर्जरी हो चुकी है.
VIDEO- छोटे कारोबारियों को राहत, 40 लाख से कम कारोबार GST से बाहर
"ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा साम्राज्य खड़ा कर रहे हैं AI दिग्गज", मशहूर इतिहासकार की चेतावनी!
Written by: सुधांशु शुभमट्रंप के चुनाव अभियान को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट ने डाक वोट पर रोक की मांग ठुकराई
Edited by: आशुतोष कुमार सिंहट्रंप का हर अमेरिकी को 5,000 डॉलर देने का वादा कितना सच, कितना कानूनी? जीत के बाद पैसा कहां से आएगा
Written by: अभिजीत श्रीवास्तवजेडी वेंस ने ओहियो में एक रैली के दौरान शरिया कानून पर अल सईद की पुरानी टिप्पणियों की आलोचना की थी. जिसके बाद अल सईद ने उनकी पत्नी उषा वेंस को इस वार-पलटवार में घसीट लिया.
अमेरिका में कड़े चुनावी कानूनों की पैरवी करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय चुनावी सिस्टम की तारीफ की है. इसके साथ ही उन्होंने 'सेव अमेरिका एक्ट' पास कराने की मांग की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के चुनावी मॉडल की तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में हर मतदाता के लिए वैध फोटो पहचान पत्र जरूरी है. उन्होंने अमेरिका में SAVE America Act पारित करने की मांग दोहराई.
निकारागुआ में चुनाव क्यों खत्म कर रहे हैं डेनियल ओर्टेगा? संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने निकारागुआ पर क्या कहा? ओर्टेगा के इस फैसले से निकारागुआ को लेकर दुनिया की चिंता क्यों बढ़ गई है?
Fact Check: डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं. उनका आरोप है कि चीन ने 22 करोड़ अमेरिकी वोटरों की फाइलें गैर-कानूनी तरीके से हासिल कर ली थीं. लेकिन यह आरोप कितने सही हैं?
Donald Trump Primetime Speech on US Election Data: डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी चुनाव प्रणाली 'इतनी खराब और कमजोर है कि इसे कोई नहीं बचा सकता.'
अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की ताकत और बढ़ गई है. इसी का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने इलेक्शन असिस्टेंस कमीशन के सभी 4 मेंबर को हटा दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन वाले अबेलार्दो दे ला एस्प्रिएला की जीत के साथ कोलंबिया में दक्षिणपंथी राजनीति की फिर से सत्ता में वापसी हो गई है. इससे पहले 200 साल में केवल 4 साल ही दक्षिणपंथी सरकार रही है.
दो विश्व युद्ध और उसके बाद की दुनिया के युद्ध नतीजों और चुनाव नतीजों का हाल देख ट्रंप-नेतन्याहू को संभल जाना चाहिए.
हालिया रॉयटर्स/इप्सोस पोल के अनुसार, ट्रंप की रेटिंग इस कार्यकाल के सबसे निचले स्तर 36% पर पहुंच गई है, जिससे पार्टी को हाउस और सीनेट में बहुमत खोने का डर है.
