हिंदू अमेरिकी समूहों ने रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका और बांग्लादेश सहित दुनिया भर में हिंदुओं के मानवाधिकारों की रक्षा करने तथा उन्हें ‘कट्टरपंथी वामपंथ के धर्म-विरोधी एजेंडे' से बचाने के वादे को लेकर पूर्व राष्ट्रपति की सराहना की है. बृहस्पतिवार को दिवाली की शुभकामनाओं में ट्रंप ने ‘बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के खिलाफ बर्बर हिंसा की कड़ी निंदा की'. उन्होंने कहा कि वहां ‘पूरी तरह अराजकता की स्थिति'बनी हुई है.
ट्रंप ने कहा, "मेरे निगरानी में ऐसा कभी नहीं होता. कमला हैरिस और जो बाइडन ने दुनिया भर में तथा अमेरिका में हिंदुओं की अनदेखी की है. वे इजराइल से लेकर यूक्रेन और हमारी अपनी दक्षिणी सीमा तक तबाही मचा चुके हैं, लेकिन हम अमेरिका को फिर से मजबूत बनाएंगे और पूरी ताकत से शांति को वापस लाएंगे. हम कट्टरपंथी वामपंथियों के धर्म-विरोधी एजेंडे से भी हिंदू अमेरिकियों की रक्षा करेंगे. हम आपकी आजादी के लिए लड़ेंगे. मेरे प्रशासन के तहत, हम भारत और मेरे अच्छे दोस्त प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी के साथ अपनी महान साझेदारी को भी मजबूत करेंगे."
‘हिंदूज फॉर अमेरिका फर्स्ट' के संस्थापक और अध्यक्ष उत्सव संदूजा ने पीटीआई-भाषा को दिए साक्षात्कार में कहा कि वे पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के बहुत आभारी हैं. संदूजा ने कहा, "मैं पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप का बहुत आभारी हूं, हमेशा आभारी रहूंगा और हमेशा सराहना करूंगा. यह निराशाजनक है कि कमला हैरिस ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा. मुझे लगता है कि इससे इस चुनाव में बड़ा बदलाव आने वाला है." ‘हिंदूएक्शन' ने भी ट्रंप के बयान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया.
भारतीय-अमेरिकी नाथन पुनवानी ने कहा, "नैतिक स्पष्टता दिखाने और बांग्लादेश में हिंदू विरोधी नरसंहार की स्पष्ट निंदा करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद."
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चुनाव के जल्द ऐलान से पता चलता है कि कार्नी अपनी लिबरल पार्टी के लिए वोटिंग में हुई वृद्धि का लाभ उठाना चाहते हैं. जिसकी वजह मुख्य रूप से अमेरिकी टैरिफ और ट्रंप के बार-बार दिए गए बयानों को भी माना जा रहा है.
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देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि भारत में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है. यह एक तरह से दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति एलन मस्क को जवाब माना जा रहा था, जिन्होंने लेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे.
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दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की मदद के लिए कम से कम 270 मिलियन डॉलर खर्च किए थे. जिसके साथ ही वो रिपब्लिकन के शीर्ष दाता बन गए हैं.
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