राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती का काम ट्रस्ट के विश्वासपात्र लोगों की निगरानी में किया जाता था. उसके बाद भी इतना बड़ा घोटाला होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में FIR दर्ज की गई है. यह FIR राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई है.
वीएचपी नेताओं का हमेशा से यह कहना रहा है कि मंदिर की पवित्रता को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को कानून के तहत सख्ती से निपटा जाना चाहिए.
अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार किया है. दो वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में याचिका दाखिल की थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है.
कैसल ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. राजू वी. मनवानी ने कहा कि दान में दी गई चांदी का इस्तेमाल अगर राम मंदिर के लिए नहीं हुआ है तो ये बहुत दुख की बात है.
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में शेषावतार मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के साथ निर्माण कार्य पूरा हुआ, जिसमें 4000 से अधिक भक्त शामिल हुए. कार्यक्रम में 11 साधु-संतों ने मंत्रोच्चार कर पूजा की, लेकिन इस कार्यक्रम में यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्री सहित कोई वीआईपी उपस्थित नहीं था.
सुलभ दर्शन व्यवस्था के तौर पर फॉर्म भरकर एंट्री कराने के नियम के बीच राम मंदिर की व्यवस्था में लगे प्राइवेट कर्मचारी अपने प्रभाव की वजह से अपनों को मंदिर परिसर में एंट्री कराते थे.
अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले पर SIT ने शुरुआती रिपोर्ट तैयार कर ली है. जांच के दौरान SIT ने कई बड़े पदाधिकारियों से पूछताछ की थी.
एसआईटी ने शुक्रवार को चढावा चोरी मामले में टिन्नू यादव से पूछताछ की थी. मामले में अब तक मंदिर के 10 से ज्यादा मुख्य लोगों और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है.
राम मंदिर चढ़ावा मामले में सुप्रीम कोर्ट से याचिकाकर्ता ने मांग की है कि राम मंदिर जैसे स्थान राष्ट्रीय महत्व रखते हैं. ऐसी स्थिति में यहां किए जाने वाले दान की गिनती और उसे रखने की एक पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए.


