अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में आरोपियों की लग्जरी लाइफस्टाइल ने जांच को नया मोड़ दे दिया है. फार्महाउस, महंगी गाड़ियां और करोड़ों की संपत्ति के खुलासे के बाद पुलिस अब मनी ट्रेल खंगाल रही है.
राम मंदिर चढ़ावा मामले में अब तक 8 गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस लगातार अन्य आरोपियों की तलाश में रेड कर रही है. कई नये नामों का खुलासा हो रहा है. चंपत राय को लेकर भी जानकारी सामने आ रही है.
मंदिरों के सरकारी प्रबंधन पर टिप्पणी करते हुए विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, मंदिरों के सरकारी प्रबंध न के हमारे अनुभव अच्छे नहीं रहे हैं. आवश्यकता प्रबंधन बदलने की नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करने की है जिससे कोई गड़बड़ी न हो.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में SIT की जांच में कई तथ्य सामने आए हैं. सबसे अहम जानकारी यह निकली है कि 27 अप्रैल से 5 जून के दौरान 42 दिनों ही 70 बार चोरी हुई. इस मामले में 8 लोगों पर FIR दर्ज हुई है. सभी गिरफ्तार हो चुके हैं. इस बीच अब वह कहानी भी सामने आई जिसमें यह पता चला कि राम मंदिर में चढ़ावे में मिलने वाली राशि और जेवरातों की चोरी कैसे होती थी?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच कर रही SIT को कई अहम सबूत मिले हैं. NDTV को SIT के विश्वसनीय सूत्रों से कई अहम जानकारियां मिली है. जिसमें यह बताया गया कि SIT को 42 दिन की जांच के दौरान 70 बार चोरी के सबूत मिले है.
राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती का काम ट्रस्ट के विश्वासपात्र लोगों की निगरानी में किया जाता था. उसके बाद भी इतना बड़ा घोटाला होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में FIR दर्ज की गई है. यह FIR राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई है.
वीएचपी नेताओं का हमेशा से यह कहना रहा है कि मंदिर की पवित्रता को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को कानून के तहत सख्ती से निपटा जाना चाहिए.
अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार किया है. दो वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में याचिका दाखिल की थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है.
कैसल ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. राजू वी. मनवानी ने कहा कि दान में दी गई चांदी का इस्तेमाल अगर राम मंदिर के लिए नहीं हुआ है तो ये बहुत दुख की बात है.


