Ayodhya Ram Mandir Dhwajarohan 2025: अयोध्या स्थित भगवान राम के भव्य मंदिर में कल सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धर्म ध्वजा फहराएंगे. रामलला मंदिर में 191 फीट की ऊंचाई पर फहराये जाने वाले केसरिया ध्वज पर बने कोविदार वृक्ष, ॐ और सूर्य का आखिर क्या धार्मिक महत्व है, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.
Dharma Dhwaja: धर्म ध्वज में अंकित कोविदार वृक्ष, त्रेतायुग में अयोध्या का राजवंशीय चिह्न है, जो पारिजात और मंदार के संयोग से बना है.
ध्वजारोहण समारोह के लिए रामनगरी अयोध्या में भव्य उत्सव की पूरी तैयारी है. मंदिर मार्गों पर ऐसी भव्यता दिख रही है मानो त्रेता युग की पावन अयोध्या फिर से जीवंत हो उठी हो.
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि ध्वजारोहण के दो सफल परीक्षण पहले ही पूरे हो चुके हैं और सभी मंदिरों के शिखरों पर लगे ध्वज स्थायी रहेंगे और उन्हें साल में केवल एक या दो बार ही बदलने के लिए उतारा जाएगा.
Ram Temple Flag: ध्वज निर्माता ने राम मंदिर ध्वज बनाने को लेकर खुशी जताते हुए कहा कि पीएम मोदी खुद इसका उद्घाटन अपने हाथों से करेंगे, ये जानकार वह बहुत खुश हैं. उन्होंने बताया कि राम मंदिर के लिए और भी बहुत सी सामग्री उनके यहां से जा चुकी है.
राम मंदिर की धर्म ध्वजा बहुत ही खास होगी. इसका रंग केसरिया होगा. केसरिया रंग ज्वाला, प्रकाश, त्याग और तप का प्रतीक माना जाता है, जो कि सनातन परंपरा का भी प्रतीक है.
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आगामी 25 नवंबर को आयोजित होने वाले ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं. 26 नवंबर को रामलला का गर्भगृह 16 घंटे से ज्यादा समय तक खुला रहेगा ताकि बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकें.
Ayodhya Ram Temple Flag: राम मंदिर के शिखर पर लहराने वाली ध्वजा आखिर कैसी होगी, ये सवाल हर राम बक्त के जहन में जरूर उठ रहा होगा. ध्वजा के रंग से लेकर उस पर बने चन्होंं तक, हर सवाल का जवाब यहां जानें.
Ayodhya Ram Temple Flag Hosting: राम जन्मभूमि मंदिर पर लगने वाले दिव्य केसरिया ध्वज को तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय ने राम राज्य की आदर्श परिकल्पना, समाज में निर्भय वातावरण के निर्माण, और 'राम सबके और सबके राम' की भावना का जीवंत प्रतीक बताया.
राम मंदिर भवन निर्माण समिति के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को अयोध्या पहुंचेंगे. वे मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का अवलोकन करेंगे और प्रथम तल पर स्थापित श्रीराम दरबार की प्रतिमाओं के दर्शन भी करेंगे.


