अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले में पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तरफ से बड़े स्तर पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है. संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस घटना को घोर निंदनीय बताते हुए कहा कि इससे समूचे हिंदू समाज और राम भक्तों की आस्था को गहरा आघात लगा है.
अयोध्या राम मंदिर में रामधन गबन मामले पर बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने 45 दिनों की CCTV फुटेज खंगालने के बाद दावा किया है कि कर्मचारी नोटों की गिनती के दौरान उन्हें अपने कपड़ों और मोज़ों में छिपाकर चोरी कर रहे थे. छापेमारी में अब तक 80 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं.इस बड़े विवाद के बीच मंदिर प्रशासन ने परिसर के सभी 18 मंदिरों के पुजारियों का रोस्टर बदल दिया है.
भारत में मंदिरों का प्रबंधन एक समान सरकार के हाथों में होना चाहिए या नहीं? इसके पक्ष में क्या तर्क हैं? तो विरोधियों को आपत्तियां क्या हैं? किस बड़े मंदिर में क्या हैं नियम? और संविधान क्या कहता है? पढ़ें ये विस्तृत रिपोर्ट...
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में 8 लोगों पर FIR दर्ज कराई गई है. ये सभी 8 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. अब इन सभी के ठिकानों पर पुलिस की लगातार जांच जारी है. लेकिन विपक्ष, वकील और अन्य कई लोगों का कहना है कि इस मामले में बड़ी मछलियों को छोड़ दिया गया है.
भगवान के चरणों में अर्पित भक्तों की गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा पवित्र है, और उसकी पवित्रता को बनाए रखने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रबंधन की है.
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर साधु-संत समाज भड़का हुआ है. इस मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. कई आरोपी जांच एजेंसियों की गिरफ्त में है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं. मंदिर में चोरी को लेकर एक और बड़ा अपडेट सामने आया है, किसने सबसे ज्यादा रकम पर हाथ साफ किया ये पता चल गया है.
बॉलीवुड एक्टर और 'रामायण' में रावण का किरदार निभा चुके अखिलेंद्र मिश्रा ने अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी पर अपना गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने कहा कि जिसने चोरी की है उसको ईश्वर दंड देगा.
बाबा बागेश्वर ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को सनातन का अपमान बताते हुए कहा कि ऐसी हरकत करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए.
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर मचे घमासान के बीच एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. विवाद से पहले जहां रोज़ाना का चढ़ावा औसतन 16-18 लाख रुपये ट्रस्ट के बैंक अकाउंट में जमा किया जाता था. वहीं, विवाद शुरू होने के बाद यह आंकड़ा अचानक बढ़कर 22-24 लाख रुपए प्रतिदिन पहुंच गया है. इस भारी उछाल ने अब एक बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है, क्या मंदिर में हर दिन लाखों रुपये की हेराफेरी हो रही थी? पढ़िए इस पूरे गणित और विवाद के पीछे की इनसाइड स्टोरी.


