अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा यू-टर्न लेते हुए चंपत राय के हस्ताक्षर वाले पहचान पत्रों और प्रवेश-पत्रों को फिर से मान्य कर दिया है.
राम मंदिर ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक कई बड़े फैसलों की दिशा तय कर सकती है. चढ़ावा चोरी विवाद, सुप्रीम कोर्ट में पेश SIT रिपोर्ट, तीन ट्रस्टी पदों की नियुक्ति और 2,357 आवेदनों में से पहले CEO के चयन को लेकर अयोध्या में निगाहें शाम 4 बजे की बैठक पर टिकी हैं.
राम मंदिर मामले पर सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा था कि कृपया इस मामले को राजनीतिक रंग न दें. अदालतें राजनीति की जगह नहीं हैं. यह अपराध का एक साधारण मामला है.
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही SIT का कार्यकाल नहीं बढ़ाया गया है. अतिरिक्त 15 दिन की समयसीमा पूरी होने के साथ अगले 24 से 48 घंटे में अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा सकती है.
मामले की जांच कर रही SIT टीम आज शाम तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकती है. इसके बाद आगे प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है. सबकी नजरें सरकार के अगले कदम पर हैं.
पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के लिए आवेदन किया है. उन्होंने अपने तीन दशक के प्रशासनिक, सुरक्षा और प्रबंधन अनुभव का हवाला देते हुए चयन प्रक्रिया में शामिल किए जाने का अनुरोध किया है.
अयोध्या राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी के मामले में फैजाबाद बार एसोसिएशन ने चंपत राय समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज न होने पर कोर्ट जाने का ऐलान किया है. वकीलों का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया.
Ram Mandir donation theft case: सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि हम जानते हैं कि मामले की जांच यूपी सरकार की तरफ से गठित SIT कर रही है. कोर्ट ने इसकी स्टेट्स रिपोर्ट मांगी है.साथ ही ये भी साफ किया है कि फिलहाल याचिकाकर्ताओं को ये स्टेटस रिपोर्ट की कॉपी नहीं मिलेगी.ये रिपोर्ट सील कवर में दाखिल होगी.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विवाद के बीच सिंधी समाज की ओर से दान की 200 चांदी की ईंटों को लेकर ट्रस्ट की ओर से स्पष्टीकरण के बाद कहा गया है कि दानदाता पूरी तरह संतुष्ट है. अब इस मामले में कोई भ्रम या शंका नहीं है.
अयोध्या के चर्चित चंदा चोरी मामले में जांच के दौरान कई नए खुलासे हुए हैं. जिसमें शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि चोरी नोटों की गिनती के दौरान नहीं बल्कि उससे पहले की प्रक्रिया में हुई. अब पुलिस बैंक और ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है.


